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Saturday, February 18, 2017

Paytm कभी Alibaba नहीं बन सकता: आदित्य पुरी


नई दिल्ली: मुंबई में चल रही तीन दिवसीय नैसकॉम इंडिया लीडरशिप फोरम समिट में एचडीएफसी बैंक के चीफ आदित्य पुरी ने डिजिटल ई-वॉलेट ट्रांजैक्शन कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि भविष्य में इनकी कामयाबी के कोई आसार नज़र नहीं आते। पुरी ने डिजिटल वॉलेट कंपनी पेटीएम पर बेबाकी से अपनी बात रखते कहा कि इस डिजिटल कंपनी का आने वाला भविष्य उज्जवल नहीं है।
नोटबंदी के बाद से पेटीएम के जरिए डिजिटल ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़ा है, मोदी सरकार डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए कई पहल कर रही है। डिजिटल ट्रांजक्शन करने वालों को सरकार कई  प्रकार की छूट दे रही है। अब ऐसे में बैकिंग क्षेत्र की दिग्गज हस्ती आदित्य पुरी का इस तरह का बयान आना डिजिटल ट्रांजैक्शन कंपनियों के लिए चिंता की बात है।
देश में तेजी से बढ़ रही डिजिटल पेमेंट व्यवस्था और डिजिटल वॉलेट कंपनियों को लेकर पुरी ने कहा संदेह है कि भारतीय बाजार में भविष्य में यह कंपनियां सफल हों। पुरी ने पेटीएम की कैशबैक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आप कैसे मान सकते हैं कि आप 500 का सामान खरीदें और कंपनी आपको 250 कैशबैक दे।
पुरी ने अलीबाबा की मिसाल देते हुए कहा कि पेटीएम कभी अलीबाबा नहीं बन सकता, क्योंकि स्ट्रेटजी बिल्कुल अलग और उसको फॉलो करना सबके बस की बात नहीं है। याद रहे कि एचडीएफसी बैंक के पास खुद डिजिटल वॉलेट है जो हर तरह के पैमेंट करने की सुविधा देता है।
आदित्य पुरी का पेटीएम और डिजिटल बैंकिंग और वॉलेट पर इस तरह का बयान देना सरकार और कंपनियों के लिए निराशाजनक साबित हो सकता है क्योंकि सरकार ई-वॉलेट को नोटबंदी के बाद खूब प्रमोट कर रही है। पीएम मोदी भी कई पब्लिक मीटिंग में ई-वॉलेट को सपोर्ट कर चुके हैं, विपक्षी पार्टियां तो पेटीएम पर सरकार से सांठगांठ के आरोप भी लगा चुकी हैं। 

वैवाहिक खरीदारी से सोने-चांदी में तेजी जारी

नई दिल्ली: वैवाहिक मांग बने रहने से दिल्ली सर्राफा बाजार में आज सोने में लगातार तीसरे दिन तथा चांदी में चौथे दिन बढ़त दर्ज की गई। पीली धातु 30 रूपए चमककर 29,880 रूपए प्रति दस ग्राम पर तथा सफेद धातु 50 रूपए की तेजी के साथ करीब साढ़े तीन महीने के उच्चतम स्तर 43,450 रूपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सप्ताहांत पर शुक्रवार को सोने-चांदी के गिरावट में रहने से स्थानीय बाजार में आज  इनकी बढ़त सीमित रही। लंदन एवं न्यूयॉर्क से मिली जानकारी के अनुसार, गत दिवस सोना हाजिर 3.25 डॉलर टूटकर 1,234.75 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। अप्रैल का अमेरिकी सोना वायदा भी 5.60 डॉलर फिसलकर 1,236 डॉलर प्रति औंस पर रहा। 
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि डॉलर में आई मजबूती से शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना टूटा है। लेकिन, यह सप्ताह सोने के लिए अच्छा रहा। वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों के लुढक़ने से पीली घातु कई महीने के उच्चतम पर पहुंचकर अब भी उससे बहुत ज्यादा नीचे नहीं है। 
लंदन में चांदी हाजिर भी सप्ताहांत पर 0.08 डॉलर की गिरावट के साथ 17.97 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। 
स्थानीय बाजार में सोना स्टैंडर्ड 30 रूपए चमककर 29,880 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। सोना बिटुर भी इतनी ही तेजी के साथ 29,730 रूपए प्रति दस ग्राम के भाव बिका। हालांकि आठ ग्राम वाली गिन्नी 24,500 रूपए पर स्थिर रही।
चांदी हाजिर में 50 रूपए तथा वायदा में 75 रूपए की मजबूती देखने को मिली और ये क्रमश: 43,450 रूपए और 42,935 रूपए प्रति किलोग्राम बोली गईं। सिक्कों में टिकाव रहा। सिक्का लिवाली और बिकवाली गत दिवस के क्रमश: 73 हजार तथा 74 हजार रुपये प्रति सैकड़ा पर ही बने रहे। 
कारोबारियों ने बताया कि धीरे-धीरे वैवाहिक मांग आनी शुरू हो गई है, हालांकि अभी यह बेहद कम है। इसलिए विदेशी बाजारों में गिरावट के बाद भी स्थानीय स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में तेजी रही। 

7 करोड़ से ज्‍यादा ग्राहकों के लिए रिलायंस जियो लाएगा नया ऑफर

रिलायंस जियो अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए खुशखबरी ला सकता है। अभी तक रिलायंस जियो अपने सभी ग्राहकों को इंटरनेट और कॉलिंग की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त दे रहा है।

नई दिल्‍ली: रिलायंस जियो अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए खुशखबरी ला सकता है। अभी तक रिलायंस जियो अपने सभी ग्राहकों को इंटरनेट और कॉलिंग की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त दे रहा है। पर 31 मार्च के बाद एक और प्‍लान अपने ग्राहकों के लिए रिलायंस जियो लाने वाला है। इसक प्‍लान के जरिए रिलायंस जियो 4जी के ग्राहकों को कॉलिंग के लिए किसी भी तरह का शुल्‍क नहीं देना होगा। वहीं इंटरनेट प्रयोग करने के लिए 100 रुपए का शुल्‍क देना जोकि 30 जून तक वैध करेगा। ईटी की खबर के मुताबिक रिलायंस अपने साथ ग्राहकों को जोड़े रखने के लिए रिलायंस जियो ऐसा प्‍लान ला रहा है।

आपको बताते चले कि बहुत कम समय में ही रिलायंस जियो के कुल सब्‍सक्राइबर की संख्‍या 7.24 करोड़ पहुंच गई है। वहीं रिलायंस का यह दावा भी है कि उसके ग्राहकों की संख्‍या जल्‍द ही 10 करोड का आंकड़ा पार कर जाएगी। रिलायंस जियो के लिए 31 मार्च, 2017 के बाद का समय बहुत अहम हो जाएगा। ऐसे में अपने ग्राहकों को जोड़े रखने के लिए रिलायंस जियो नई स्‍कीम ला सकता है। क्‍योंकि बाजार के जानकारों के मुताबिक फ्री सर्विस का लुफ्त उठाने के बाद कई ग्राहक अपना सिम बंद कर सकते हैं। क्‍योंकि 31 मार्च के बाद रिलायंस लोगों से पैसा लेना शुरु करेगी और रुपए के बदले कितने लोग रिलायंस जियो की सर्विस से जुड़े रहते हैं, यहीं असली चुनौती भी होगी। पिछले साल 5 सितंबर को रिलायंस जिया ने अपनी सर्विस को लांच किया था। इसके तहत कंपनी ने 31 दिसंबर तक फ्री कॉलिंग और डाटा सर्विस देने की घोषणा भी की थी।



ट्रंप ने दिया नया मंत्र: अमेरिकी खरीदें, अमेरिकी को नौकरी दें



वॉशिंगटन: अमेरिकी सामान को अधिक से अधिक खरीदने और अमेरिकी लोगों को नौकरी देने पर जोर देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 'बाई अमेरिकन ऐंड हायर अमेरिकन' (अमेरिकी खरीदें और अमेरिकी को नौकरी दें) का नया मंत्र दिया है। ट्रंप ने कारोबारी नियमों को 'बेहद सख्ती' से लागू करने और 'विदेशी धोखाधड़ी' रोकने का संकल्प जताया है।

ट्रंप ने बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान के उद्घाटन के दौरान कहा, 'हमलोग बेहद सख्ती से कारोबारी नियमों को लागू करने और विदेशी धोखाधड़ी को रोकने जा रहे हैं। जबरदस्त धोखा है। हमलोग अपनी फैक्टरियों में अपने कामगारों द्वारा बने सामान चाहते हैं, जिन पर वे चार शानदार शब्द लिखें हों: 'मेड इन यूएस'।'

ड्रीमलाइन के उद्घाटन के वक्त मौजूद लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्होंने कहा, 'आपका राष्ट्रपति होने के नाते अमेरिकी भावना को ताकत दिलाने और अपने महान लोगों को काम पर वापस लाने के लिये मैं हर वह काम करुंगा जो मैं कर सकता हूं। यही हमारा मंत्र है: 'बाई अमेरिकन ऐंड हायर अमेरिकन।'

पेटीएम में हो सकता है स्नैपडील का मर्जर

मुंबई: ई-वॉलेट कंपनी पेटीएम और स्नैपडील के बीच में जल्द ही विलय हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों कंपनियों के बीच में विलय को लेकर बीते माह ही चर्चा शुरू हुई है, हालांकि अभी फाइनल डील नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक इस डील को लेकर सभी पक्षों में अभी अंतिम राय नहीं बनी है।

यह खबर भी है कि इस डील में चीन की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गौरतलब है कि पेटीएम में अलीबाबा की 40 फीसदी हिस्सेदारी है, वहीं स्नैपडील में अलीबाबा की करीब तीन फीसदी हिस्सेदारी है। अलीबाबा और स्नैपडील में सॉफ्टबैंक की भी प्रमुख हिस्सेदारी है।
 अलीबाबा चीन की कंपनी है, जबकि सॉफ्टबैंक जापानी फर्म है। अगर यह डील हो जाती है तो अगले वित्त वर्ष में स्नैपडील का मालिकाना हक पेटीएम के पास जाने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि पेटीएम ने पेमेंट्स बैंक के लाइसेंस के लिए भी आवेदन किया है। 
आरबीआई के नियमों के अनुसार पेटीएम को 31 मार्च तक अपने मार्केट प्लेस को अलग करना होगा। जानकारों का कहना है कि पेटीएम के मार्केट प्लेस में अलीबाबा की ओर से हाल ही में पूंजी लगाना भी इस डील का कारण हो सकता है।

संसद में आर्थिक नाकाबंदी का मुद्दा उठाएगी तृणमूल

इंफाल। तृणमूल कांग्रेस ने आज कहा कि वह संसद में मणिपुर में चल रही आर्थिक नाकाबंदी का मुद्दा उठाएगी, जबकि पार्टी इस नाकाबंदी को हटाने के लिए पहले ही निर्वाचन आयोग से कार्रवाई का अनुरोध कर चुकी है। तृणमूल नेता मुकुल रॉय ने कहा, हमलोग संसद में आर्थिक नाकाबंदी का मुद्दा उठाएंगे । हमलोग किसी भी तरह की नाकाबंदी या बंद के खिलाफ हैं। हाल में मैं निर्वाचन आयोग से मिला था और उन्हें बताया था राज्य में आचार संहिता लगने के कारण नाकाबंदी हटाने के लिए उन्हें निर्वाचन आयोग को कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
राज्य में चुनाव लड़ रहे तृणमूल कार्यकर्ताओं के लिए चुनाव प्रचार के सिलसिले में रॉय इस वक्त मणिुपर में हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों के बाद तृणमूल निर्णायक भूमिका निभाएगी क्योंकि ‘कोई पार्टी अपने दम पर बहुमत पाने में सक्षम नहीं होगी।
रॉय ने कहा, हमलोग आठ में से सात सीटों पर जीत दर्ज करने की स्थिति में हैं। 2012 मणिपुर चुनावों में हमने सात सीटों पर जीत दर्ज की थी। चुनाव पश्चात परिदृश्य में हमलोग निर्णायक कारक की भूमिका निभाएंगे क्योंकि कोई भी पार्टी अपने दम पर बहुमत हासिल करने में सक्षम नहीं होगी। इस वक्त तृणमूल 24 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।  पिछली बार सात सीटों पर जीत दर्ज कर तृणमूल राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी रही थी। बहरहाल, बाद में सातों विधायक कांग्रेस या भाजपा में चले गए थे। मणिपुर में तृणमूल नेता सम्राट तापदार ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर नाकाबंदी के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा, दोनों पार्टियां केवल मत हासिल करने के लिये आम लोगों की परेशानी का इस्तेमाल करने में रूचि रखती हैं।

अब 2 लाख जमा कराने वालों पर भी है आयकर विभाग की नजर



नई दिल्ली:  इनकम टैक्स विभाग अब उन लोगों से आमदनी के सोर्स का हिसाब-किताब मांग सकता है, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान अपने बैंक खातों में 2 लाख रुपये या इससे कुछ ज्यादा रकम जमा कराई थी। इससे पहले सरकार की ओर से कहा गया था कि नोटबंदी के समय ढाई लाख से कम जमा कराने वालों से पूछताछ नहीं की जाएगी। लेकिन बैंक खातों की जांच में विभाग को हैरान करने वाले आंकड़े मिले हैं। पता चला है कि नोटबंदी के 50 दिनों के दौरान करीब एक करोड़ बैंक खातों में 2 लाख रुपये या उससे कुछ अधिक रुपये जमा कराए गए थे। यह कुल रकम करीब 10 लाख करोड़ रुपये बैठती है। इसके बाद अब आयकर विभाग ऐसी रकम जमा कराने वालों को मेसेज भेजकर हिसाब किताब मांगने की तैयारी कर रहा है।

इनकम टैक्स के सूत्रों के अनुसार, सरकार की इस घोषणा के बाद लोगों ने अपने बैंक अकाउंट्स में 2 लाख रुपये या उससे कुछ ज्यादा रकम जमा कराना शुरू कर दिया। यानी उन्होंने 2.50 लाख रुपये से कम जमा कराया ताकि वे इनकम टैक्स विभाग के राडार पर न आएं। सूत्रों के अनुसार, अब इन सभी बैंक अकाउंट्स में जमा राशि और इनके इनकम टैक्स रिटर्न में दिए गए ब्योरे का मिलान किया जाएगा। अगर कहीं गड़बड़ी लगी तो तुरंत मेसेज और ईमेल भेजा जाएगा। उसके बाद तय नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इनकम टैक्स को अब इन बैंक अकाउंट्स में ब्लैक मनी को वाइट करने का संदेह है। बैंकों से इन बैंक अकाउंट्स का दो साल का इतिहास भी देने को कहा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले दो सालों के दौरान इन अकाउंट्स में कितना लेनदेन हुआ। इस बारे में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT), वित्त मंत्रालय के संपर्क में है। वित्त मंत्रालय ने CBDT से साफतौर पर कहा है कि प्राथमिक जांच के बाद ही नोटबंदी के दौरान 2 लाख रुपये से ज्यादा जमा कराने को मेसेज या ईमेल भेजा जाए। ऐसा न होने पर यह संदेश जाएगा कि सरकार अब छोटे जमाकर्ताओं को परेशान कर रही है। अगर गड़बड़ी के सबूत मिले तो सरकार कह सकेगी कि उसका यह अभियान ब्लैकमनी के खिलाफ है। इनकम टैक्स विभाग ने नोटबंदी के बाद 18 लाख लोगों द्वारा बैंक खातों में 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध जमाओं की जांच की थी। इस बारे में उनको एसएमएस व ईमेल भेजा गया था।

घटिया 4जी सेवाओं के लिए टेलिकॉम कंपनियों पर कसी जाएगी नकेल




नई दिल्ली:  क्या आप भी महंगे 4जी इंटरनेट पैक्स लेने के बावजूद स्लो नेट स्पीड और सिग्नल्स की समस्या से जूझ रहे हैं? या फिर सीमित डेटा यूज करने पर भी आपका बिल ज्यादा आ रहा है? टेलिकॉम रेग्युलेटर ट्राई ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को देखते हुए देश के टेलिकॉम टैरिफ पर नियंत्रण की शुरुआत कर दी है।

ट्राई ने अपने नए कंसल्टेशन पेपर में टेलिकॉम कंपनियों के टैरिफ प्लान्स में पारदर्शिता, स्कीम्स की वैधता, महंगी प्राइसिंग और मोबाइल कंपनियों की मनमर्जी से लेकर उपभोक्ताओं को होने वाली सभी समस्याओं पर चर्चा की है। ट्राई ने कहा कि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता मुहैया कराने के लिए ट्राई ने कई कदम उठाए हैं लेकिन फिर भी उन्हें उपभोक्ताओं की टैरिफ ऑफर्स से लेकर तमाम मामलों पर काफी शिकायतें आ रही हैं।

ट्राई ने कहा, 'डेटा से जुड़े नए प्लान काफी पॉपुलर हो रहे हैं लेकिन टेलिकॉम ऑपरेटरों द्वारा ज्यादा चार्ज करने की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। डेटा से जुड़े कई पैक्स में रात में ज्यादा चार्ज किया जाता है जिसकी जानकारी सही तरह से नहीं दी जाती। ऐसे ही नेट स्पीड से जुड़ी जानकारी भी उपभोक्ता को साफ शब्दों में नहीं दी जाती।' ट्राई ने इन मसलों से निपटने के लिए सुझाव मांगे हैं। ट्राई ने ऑपरेटरों द्वारा काफी चार्ज करने के बावजूद सही सर्विस न दे पाने की बात को भी उठाया। इस कंसल्टेशन पेपर पर ट्राई ने 17 मार्च तक सुझाव मांगे हैं।

रामदेव की ट्रस्ट पतंजलि योगपीठ ने 'योग' को टैक्स छूट की अपील जीती



मुंबई: 
बाबा रामदेव की पतंजलि योगपीठ ने आयकर अपील अधिकरण (ITAT) में टैक्स छूट से जुड़ा मामला जीत लिया है। ITAT ने यह माना कि 'योग' स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं और शिक्षा उपलब्ध कराता है जो चैरिटी के दायरे में आता है। आयकर कानून के सेक्शन 11 और 12 के तहत चैरिटेबल संस्थाओं को टैक्स छूट का लाभ मिला हुआ है।

ITAT ने 9 फरवरी के अपने आदेश में कहा, 'आयकर विभाग का निष्कर्ष तार्किक नहीं है।' आयकर विभाग ने कहा था कि पतंजलि योगपीठ द्वारा प्रचारित किया जा रहा 'योग' मेडिकल राहत और शिक्षा के विस्तार में सहायक नहीं है इसलिए यह चैरिटी के अंतर्गत नहीं आता। ITAT ने अपने फैसले में इनकम टैक्स ऐक्ट में किए गए संशोधन का भी जिक्र किया। 2016 में सरकार ने इनकम टैक्स ऐक्ट में संशोधन करते हुए 'योग' को चैरिटेबल पर्पज माना था। अगर पतंजलि योगपीठ ITAT में यह अपील हार जाता तो उसे आयकर देना पड़ता। हालांकि अधिकरण ने पतंजलि योगपीठ की कुल कमाई का जिक्र अपने फैसले में नहीं किया है।

ITAT ने यह भी माना कि पतंजलि योगपीठ को वनप्रस्थ आश्रम स्कीम के तहत मिली 43.98 करोड़ रुपए की डोनेशन कैपिटल रसीद थी जो आयकर के अंतर्गत नहीं आती। वनप्रस्थ आश्रम स्कीम के तहत योग कोर्स करने आए लोगों के लिए रेजिडेंशियल कॉटेज बनाए जाने थे। पतंजलि योगपीठ को डोनेशन में जमीन भी मिली जिसकी मार्केट रेट आयकर विभाग ने 65 लाख के आसपास आंका। ITAT ने अपने फैसले में कहा, 'कॉर्पस डोनेशन टैक्स के दायरे में नहीं आती। भले ही ट्रस्ट को टैक्स छूट न मिल रही हो।'


ITAT ने पतंजलि की इनकम के स्रोतों से जुड़ा मामला यह कहते हुए हटा दिया कि आयकर विभाग ने तथ्यों को सही से समझा ही नहीं। आयकर विभाग ने पाया था कि ट्रस्ट की आय में 96 लाख रुपए का योगदान वैदिक ब्रॉडकास्टिंग का था जिसके ट्रस्टी रामदेव के करीबी आचार्य बालाकृष्ण हैं।

लगातार चौथे महीने टाइम के मामले में स्पाइसजेट सबसे आगे



मुंबई: स्पाइसजेट ने शुक्रवार को बताया कि जनवरी में कंपनी ने लगातार चौथे महीने समय पर फ्लाइट्स के मामले में पहला स्थान प्राप्त किया है। एयरलाइन्स कंपनी स्पाइसजेट ने एक बयान जारी करते हुए कहा, 'यह लगातार चौथी बार हो रहा है कि स्पाइसजेट OTP चार्ट में पहले नंबर पर है।'

स्पाइसजेट ने बयान में कहा, 'एयरलाइन पैसेंजर लोड के मामले में भी सबसे आगे है।' कंपनी ने बताया कि उसकी फ्लाइट्स 90 प्रतिशत भरी रहती हैं और यह रेकॉर्ड लगातार 22वें महीने है। स्पाइसजेट के अनुसार फ्लाइट्स कैंसल होने के मामले भी सबसे कम हैं।

स्पाइसजेट रोज औसतन 343 फ्लाइट्स का संचालन करता है। कंपनी ने जनवरी 2017 में 12.29 लाख पैसेंजर्स को उनकी मंजिल तक पहुंचाया है।