This is default featured slide 1 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

This is default featured slide 2 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

This is default featured slide 3 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

This is default featured slide 4 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

This is default featured slide 5 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

Wednesday, March 11, 2015

वित्त आयोग की अनुशंसा बिहार हितों पर कुठाराघात

राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने कहा है कि बिहार अपना पिछड़ापन दूर कर देश की प्रगति में योगदान करना चाहता है। विशेष दर्जे की मांग इसी सोच पर आधारित है। राज्य को विशेष दर्जा मिलने से जहां एक ओर केन्द्र प्रायोजित योजना में केन्द्रांश के प्रतिशत से वृद्धि होगी, जिससे राज्य को अपने संसाधन का उपयोग अन्य विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं में करने का अवसर मिलेगा। दूसरी ओर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों में छूट से निजी निवेश के प्रवाह को गति मिलेगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। 14वें वित्त आयोग की अनुशंसा, राज्य के इस हक की लड़ाई के रास्ते को भी बंद कर रही है। श्री त्रिपाठी बुधवार को यहां विधानमंडल के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित कर रहे थे।
बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विश्वासमत पेश करने के पूर्व अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने आम बजट में बिहार और पश्चिम बंगाल को आंध्र प्रदेश की तर्ज पर विशेष सहायता देने का प्रस्ताव किया है। यहां के लोगों और बिहार सरकार की केन्द्र से अपेक्षा है कि बिहार को जो विशेष सहायता मिल रही थी, वह मिलती रहे। 14वें वित्त आयोग की सिफारिशें एवं केन्द्रीय बजट के कारण कुल अंतरण में कमी और इससे हर साल होने वाली आनुपातिक वृद्धि की परिणामी कमी की भरपाई बिहार को अलग से सहायता देकर की जाए। इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सभी लोगों को एकजुट होना होगा।
अपने 24 पन्ने के अभिभाषण के अंत में राज्यपाल ने 14वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं का विस्तार से जिक्र किया। कहा कि राज्यों के बीच राशि के बंटवारे के लिए जिन संकेतकों को अधिमानता दी गई, उससे बिहार का हिस्सा 13वें आयोग के 10.92 प्रतिशत से घटकर 14वें वित्त आयोग की अनुशंसा में 9.665 रह गई है। यह बहुत बड़ी कटौती है। इसी कारण विभिन्न प्रक्षेत्रों के लिए केन्द्र द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता में काफी कटौती हो रही है।
त्रिपाठी ने कहा कि इस वर्ष के बजट में केन्द्र सरकार ने राज्य योजना के तहत चलने वाली अधिकांश योजनाओं को बंद कर दिया है। साथ ही अधिकांश केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के बजट को काफी घटा दिया है। इन कटौतियों से 14वें वित्त आयोग की अनुशंसा काल में आज के अनुमान पर बिहार को कुल प्राप्तियों में 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि की कमी होगी। राज्य को कुछ विशेष सहायता पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के तहत दी जा रही थी। इसमें वर्तमान वित्तीय वर्ष में कटौती कर दी गई है और अगले वित्तीय वर्ष से इस योजना को बंद कर दिया गया है। इससे बिहार को मिल रही विशेष सहायता की समाप्ति की आशंका पैदा हो गई है। 
अपने 1 घंटा 8 मिनट के अभिभाषण में महामहिम ने सरकार की उपलब्धियों और भावी कार्यक्रमों की रूपरेखा रखी। कहा कि इससे साफ है कि सरकार न्याय के साथ विकास के मूलमंत्र को केन्द्र में रखते हुए राज्य के नागरिकों, क्षेत्रों और सभी वर्गों के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत है। राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव एवं सामाजिक समरसता का जो माहौल है, उसे कायम रखना है। राज्य की जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए राज्य सरकार कठिन परिश्रम कर रही है।

गद्दी बचाए रखना सरकार का एजेंडा: नंदकिशोर

नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार के विश्वासमत प्रस्ताव पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव ने बुधवार को कहा कि वर्तमान सरकार का अब यही एजेंडा हो गया है कि कैसे गद्दी बचे। कौन चुनौती दे रहा है सरकार के बहुमत को? अनैतिक गठबंधन और तालमेल कर लिया है इन्होंने। राजद और कांग्रेस के साथ जाने के बाद जोड़-तोड़ में तो नीतीश कुमार ने पीएचडी हासिल कर ली है। पर बिहार के विकास के लिए यह अनैतिक गठबंधन विफल होगा। आने वाले चुनाव में नीतीश कुमार को महापराजय का सामना करना पड़ेगा। नंदकिशोर ने अपने संबोधन में कई शेर और कविताओं की पंक्तियां भी पढ़ीं।
उन्होंने कहा कि सच यह है कि सुशासन अब ढह गया। जब नीतीश कुमार की साख खत्म हो गयी और उनके नेतृत्व को चुनौती मिलने लगी। इसे डाइवर्ट करने के लिए उन्होंने त्याग का आडंबर कर इस्तीफा दे दिया। सवाल किया कि ऐसी क्या स्थिति उत्पन्न हो गयी कि बाइस महीने में सरकार के सामने चार बार विश्वासमत हासिल करने की नौबत आ गयी?
नंदकिशोर यादव ने जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री पद से हटाये जाने का मसला भी उठाया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अपनी छवि के प्रति सजग रहते हैं। यह कौन सी छवि बनायी कि महादलित मुख्यमंत्री को हटाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को मजाक बना दिया। अगर नीतीश कुमार श्री मांझी से खुद बात कर लेते तो वह उनकी गरिमा के अनुकूल होता। पर वह राजा की तरह व्यवहार करने लगे। पहले बनाओ, वोट बैंक की राजनीति करो और फिर धक्का देकर बाहर कर दो।
नंदकिशोर ने कहा कि आने वाले चुनाव में अहंकार पुन: पराजित होगा। सुशासन और विकास जीतेगा। पर लालू प्रसाद से दोस्ती कर नीतीश कुमार अब सुशासन के प्रतीक नहीं हो सकते। सत्तारूढ़ दल पराजित होगा। जिन लोगों ने विकास की गाड़ी रोकी, जनता उन्हें सबक सिखाएगी। बिहार के चुनाव में दिल्ली नहीं झारखंड का असर दिखेगा। झारखंड में जदयू जीरो पर आउट हो गयी है।

जातीय कार्ड खेल रही है भाजपा : नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि भाजपा जातीय कार्ड खेल रही है। इसलिए हमने उन्हें सलाह दी है कि जयश्रीराम की जगह जय जीतनराम का नारा लगायें। भाजपा की मंशा जाति के आधार पर समाज को बांटने की है। मैंने भाजपा को आईना दिखा दिया है। कुछ लोग भाजपा के चक्कर में संवैधानिक प्रावधानों की धज्जियां उड़ा रहे थे। पर दल के आधार पर हुई वोटिंग में उन्हें भी विश्वासमत के पक्ष में वोट करना पड़ा। मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। जो दल के टिकट पर जीतकर आते हैं उन्हें दल के बंधन में रहना ही पड़ता है। वह  विश्वासमत हासिल करने के बाद विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वासमत के दौरान भाजपा के लोगों ने जिस तरह हाथ से लिखे कुछ पोस्टर को सदन में प्रदर्शित किया उससे यह साबित हो रहा था कि वह समाज को जाति के आधार पर बांटने की मंशा के साथ हैं। पर इसमें भी भाजपा को सफलता नहीं मिलेगी। भाजपा को तो हमें धन्यवाद देना चाहिए, क्योंकि मांझी सरकार को लेकर हमारी आलोचना करते थे। हमारे दल ने संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने कहा कि विश्वासमत हासिल किए जाने की सूचना राज्यपाल को भेज दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने बिहार में अस्थिरता का माहौल पैदा कर भ्रम फैलाया। विश्वासमत के बाद भाजपा एक्सपोज हो गयी और भ्रम का बादल छंट गया है। उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने जो भी फैसला लिया है वह पूरी तरह से सोच समझ कर लिया।

Tuesday, March 10, 2015

स्वाइन फ्लू को लेकर विधानसभा में हंगामा

राज्य में स्वाइन फ्लू से तीन लोगों की मौत को लेकर विपक्षी दलों ने बुधवार को विधानसभा में जम कर हंगामा किया। इसे लेकर प्रश्नकाल की कार्यवाही आधे घंटे तक ठप रही। झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने स्वाइन फ्लू पर चर्चा कराने के लिए कार्यस्थगन का प्रस्ताव लाया, जिसे स्पीकर दिनेश उरांव ने अस्वीकार कर दिया। सभा की कार्यवाही शुरू होते ही झामुमो, कांग्रेस और झाविमो के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने कहा कि स्वाइन फ्लू से तीन लोगों की मौत हो चुकी है और सरकार चुप बैठी है। प्रदीप यादव ने सभी कामों को स्थगित कर विशेष चर्चा कराने की मांग रखी। इससे पहले विपक्ष के तमाम विधायक ने विधानसभा के बाहर मास्क लगाकर प्रदर्शन किया।
स्पीकर ने स्वास्थ्य मंत्री से सरकार का पक्ष रखवा कर मामले को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष मानने को तैयार नहीं था। स्वास्थ्य मंत्री रामचन्द्र चंन्द्रवंशी ने कहा कि स्वाइन फ्लू से निबटने के लिए कई कारगर कदम उठाए गए हैं। सभी सदर अस्पतालों में तीन प्रकार की दवाइयां उपलब्ध करा दी गई है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैण्डों में शिविर लगाकर बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच की जा रही है। निजी अस्पतालों को भी ऐसे मरीजों को भरती करने और इलाज करने का निर्देश दिया गया है। संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए विमान से भेजे जाएंगे। नगर विकास मंत्री सीपी सिंह और खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने भी स्वाइन फ्लू से तीन लोगों के मरने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि सरकार इसकी रोकथाम के लिए कारगर कदम उठा रही है। 
विपक्ष मंत्री के जवाब को भ्रामक बताते हुए चर्चा कराने पर अड़ा रहा। इस बीच भाजपा के निर्भय शाहाबादी, अनंत कुमार ओझा, विरंची नारायण सहित कई विधायकों ने खड़े होकर सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू की चिंता केवल विपक्ष को नहीं है। इसे लेकर सरकार भी चिंतित है। स्थिति गंभीर होते देख स्पीकर ने चार से साढ़े चार बजे तक चर्चा के लिए समय निर्धारित की। इसके बाद विपक्ष शांत हुआ।