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Friday, May 15, 2015

मोदी का बच्चों ने किया गर्मजोशी से स्वागत


बीजिंग:  चीन यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी पीएम ली केकियांग के बीच हुई बातचीत के दौरान करीब 24 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। पेइचिंग में दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा में सीमा संबंधी मसलों, निवेश और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के ऊपर चर्चा हुई। पीएम मोदी का आज बीजिंग में व्यस्त कार्यक्रम था। पीएम आज शाम को शंघाई के लिए रवाना हुए। कल उनका शंघाई में उद्योगपतियों के साथ बैठक होगी।

भारत और चीन ने अंतरिक्ष, विज्ञान, दक्षता विकास, रेल, स्मार्ट सिटी, पर्यटन और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए आज करीब दस अरब डॉलर के 24 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

मोदी की चीन यात्रा के दूसरे दिन आज उन्होने पहले केकियांग के साथ अकेले में बैठक की, जो करीब 50 मिनट चली। उसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पिछले साल हुई भारत यात्रा के दौरान 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे। दोनों देशों के बीच आज हुए समझौतों के मुताबिक चेन्नई और चेंगदू में महावाणिज्य दूतावास खोले जाएंगे।

रेलवे के विकास के लिए दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ है। शंघाई में गांधीवादी और भारतीय केंद्र और कुनिमग में योग संस्थान की स्थापना की जाएगी। भारत और चीन ने साथ ही चेन्नई और चोंगकिंग तथा हैदराबाद और किंगदाओ को सिस्टर सिटी और कर्नाटक तथा सिचुआन को सिस्टर स्टेट बनाने पर भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।

व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास में सहयोग के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। चीन के सहयोग से अहमदाबाद में महात्मा गांधी कौशल विकास एवं उद्यमिता संस्थान की स्थापना की जाएगी। साथ ही दोनों देशों से खनन, अंतरिक्ष, मीडिया, भूकंप विज्ञान और भूकंप अभियांत्रिकी, समुद्री विज्ञान और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों में भी सहयोग पर सहमति जताई। दोनों देशों के बीच भारत-चीन थिंक टैंक फोरम की स्थापना करने के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए।

शियान और बीजिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी तीन दिन की चीन यात्रा के तीसरे चरण में शुक्रवार को शंघाई पहुंच गए। मोदी गुरुवार को शियान पहुंचे थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ शिखर स्तर की बातचीत की।

गठबंधन पर फैसला जल्द : रघुवंश प्रसाद

राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि राजद व जदयू के शीर्ष नेता आपस में बातचीत कर विलय या गठबंधन को लेकर जल्द फैसला करें। सेक्यूलर वोटों को विभाजित नहीं होने दें। विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बहुत विलंब हो रहा है।

कहा कि लोकसभा चुनाव में राजद 23 विधानसभा क्षेत्रों में प्रथम व 110 सीटों पर दूसरे स्थान पर रहा था, जबकि जदयू 18 सीटों पर प्रथम व 19 सीटों पर दूसरे स्थान रहा। सिर्फ वोट प्रतिशत के आकलन करने से कुछ नहीं होगा। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में डॉ. सिंह ने कहा कि राजद-जदयू में गठबंधन उपचुनाव के दौरान पहली बार हुआ था, जिसका सकारात्मक परिणाम आया। फिर विलय की प्रक्रिया शुरू हुई जो तकनीकी कारणों से पूरी नहीं हुई है। पिछले छह माह में राज्य सरकार ने क्या किया, जनता की क्या समस्या है, इस पर मिल बैठकर विचार करने की जरूरत है। एक महीने से शिक्षकों की हड़ताल पर निर्णय लेने में देरी हुई। इसके पूर्व चिकित्सक आंदोलनरत थे। अब होमगार्ड हड़ताल पर चले गए हैं। चुनाव के पूर्व इस प्रकार की समस्याएं धर्मनिरपेक्ष दलों के खिलाफ जाएंगी।

Tuesday, May 12, 2015

नहीं रहीं पूर्व डिप्टी मेयर फरजाना आलम


कोलकाता : महानगर की पूर्व डिप्टी मेयर फरजाना आलम का देर शाम ह्रदय गति रुकने से निधन हो गया. उन्हें दक्षिण कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी मौत हो गयी. इस खबर से महानगर के बाशिंदों सहित राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है. कुछ दिन पूर्व फरजाना आलम को अपनी ही पार्टी कार्यकर्ताओं के कोप का भाजन बनना पड़ा था. जिससे उन्हें चोटें आई थीं. परिजनों का सीधा आरोप उन कार्यकर्ताओं पर है जिन्होंने फरजाना पर हमला किया था. 

ज्ञात हो कि बीते दिनों संपन्न केएमसी चुनाव में फरजाना को विगत चुनाव में जीते सीट से टिकट नहीं दिया गया था और उन्हें हार का सामना करना पड़ा. फरजाना वे पार्टी पर पक्षपात का आरोप लगाया था. फरजाना के आलम के असमय जाने से लोग दुखी हैं.  

Friday, May 8, 2015

मोदी की यात्रा संबंधों को मजबूती प्रदान करने का एक अच्छा मौका: चीन

बीजिंग : चीन-भारत संबंधों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सकारात्मक टिप्पणी का स्वागत करते हुए चीन ने शुक्रवार को कहा कि अगले सप्ताह होने वाली उनकी यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करने और उसे एक नई ऊंचाई पर ले जाने का ‘बहुत अच्छा मौका’ मुहैया कराएगी।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमने वह खबर देखी है। हम प्रधानमंत्री मोदी की चीन-भारत संबंधों पर टिप्पणी की प्रशंसा करते हैं जो दोनों देशों के नेताओं द्वारा द्विपक्षीय संबंधों पर बनी व्यापक आम सहमति को भी प्रदर्शित करती है।’
उन्होंने यह बात मोदी की यात्रा से पहले ‘टाइम’ पत्रिका के साथ उनके साक्षात्कार पर चीन की प्रतिक्रया के बारे में पूछे गये एक सवाल का उत्तर देते हुए क
ही। मोदी ने उस साक्षात्कार में कहा है कि भारत और चीन ने सीमा विवाद से निपटने में ‘इतिहास से सीखा’ है और यह कि द्विपक्षीय संबंध ऐेसे चरण में पहुंच गए हैं जहां वे वाणिज्य एवं व्यापार में प्रतिस्पर्धा करते हुए वैश्विक स्तर पर सहयोग कर सकते हैं।
हुआ ने कहा, ‘हम इस यात्रा का इस्तेमाल पहले से मजबूत संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने और संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए करना चाहेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘जैसा कि हम देख सकते हैं दोनों पक्षों ने सीमा वार्ता में सकारात्मक गति को बरकरार रखा है। विवादों का प्रबंधन किया गया है और सीमा पर शांति बरकरार रखी गई है।’
उन्होंने कहा कि हाल के वषरें में चीन और भारत के बीच अक्सर उच्च स्तर की बातचीत होने के साथ ही परस्पर राजनीतिक विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा, ‘विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग भी बढ़ा है।’ उन्होंने कहा, ‘पिछले वर्ष चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की सफल भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच शांति और समृद्धि के लिए रणनीतिक सहयोग साझेधारी बढ़ाने पर एक महत्वपूर्ण आम सहमति बनी थी। यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने अगले पांच से 10 वर्ष के भविष्य की रणनीति तय की।’ मोदी 14 मई को चीन की तीन दिवसीय यात्रा पर जा रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग उनकी चीन के प्राचीन शहर जियान में मेजबानी करेंगे जो कि चीनी नेता के गृह प्रांत की राजधानी भी है।
दोनों नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर एक औपचारिक वार्ता होगी। इसके बाद दोनों के बीच 15 मई को बीजिंग में औपचारिक वार्ता होगी। शी के अलावा मोदी प्रधानमंत्री ली क्विंग और चीन की संसद ‘नेशनल पीपुल्स कांग्रेस’ के अध्यक्ष के साथ भी बातचीत करेंगे।
हुआ ने कहा कि मोदी एक प्रधानमंत्री के रूप में चीन की यात्रा करने वाले हैं, दोनों देशों के पास संबंधों को मजबूती प्रदान करने का यह ‘बहुत अच्छा मौका’ है।

Saturday, April 25, 2015

भूकंप का कहर: नेपाल में करीब 1500, भारत में 90 से अधिक की मौत


काठमांडो : नेपाल में शनिवार को 7.9 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से करीब 1,500 लोगों की मौत हो गयी और एक यूनेस्को विश्व विरासत स्थल तथा राजधानी में सदियों पुरानी धरहरा मीनार सहित कई प्रमुख इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। यह बीते 80 वर्षों का सबसे भयावह भूकंप था।
भूकंप का केंद्र काठमांडो से उत्तर पश्चिम में करीब 80 किलोमीटर दूर लामजुंग में था और बिहार तथा पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के कई शहरों में भी इसका असर महसूस किया गया। चीन के साथ ही पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी भूकंप महसूस किया गया। भूकंप की तीव्रता 7.9 आंकी गई और इसके बाद 4.5 अथवा इससे अधिक तीव्रता के कम से कम 16 झटके महसूस किए गए।
नेपाल के वित्त मंत्री राम शरण महत ने ट्वीट किया, सेना का अनुमान है कि अब तक 1457 लोगों की मौत हो चुकी है। नेपाली गृह मंत्रालय के अनुसार भक्तपुर में 150, ललितपुर में 67 और धदिंग जिले में 37 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा देश के पूर्वी हिस्से में 20 लोग, पश्चिमी क्षेत्र में 33 लोगों की मौत हुई।
नेपाल में कई मंदिर ध्वस्त हो लेकिन चमत्कारिक ढंग से पांचवीं सदी के पशुपतिनाथ मंदिर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। काठमांडो घाटी की अधिकांश इमारतें ध्वस्त हो गईं जिनमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई। दो सौ साल पुरानी धरहरा मीनार के मलबे से कम से कम 180 शवों को निकाला गया है।

इससे पहले नेपाली अधिकारियों ने कहा था कि मरने वालों संख्या 500 से 600 के बीच है। राहत एवं बचाव अभियान के बाद जानमाल के नुकसान की सही तस्वीर सामने आ सकेगी। ढकल ने कहा कि पांचवीं सदी के सुप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर को नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

घनी आबादी वाले काठमांडो घाटी में कई इमारतें ढह गईं जिससे सिर्फ यहीं पर 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। वीडियो फुटेज में कई इमारतों को ढहते हुए दिखाया गया है और कई इमारतों में दरारे आ गई हैं। भूकंप के कारण सड़कों पर बड़े गडढे हो गए हैं।

भूकंप के कारण यूनेस्को विश्व विरासत स्थल में शुमार काठमांडो का दरबार चौक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अधिकारियों ने कहा है कि अब तक 150 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर मिली है। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता कमल सिंह बान ने बताया कि सबसे पहले दिन में 11 बजकर 56 मिनट पर भूकंप आया और इसके बाद क्षटका महसूस किया गया।

उन्होंने बताया, पोखरा में कुछ नुकसान हुआ है। गोरखा जिले में 10-12 लोगों की मौत हो गयी। वहां पर संचार सेवा ध्वस्त हो गयी है। उन्होंने कहा, हम जानकारी जुटा रहे हैं और लोगों को निकालने के लिए काम कर रहे हैं।

नेपाल भूकंप : भारतीय दूतावास में एक मौत

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के एक कर्मचारी की बेटी की भूकंप में मौत हो गई। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार एक ट्वीट में कहा, "दूतावास परिसर में स्थित एक आवास दुर्भाग्य से ध्वस्त हो गया। इस हादसे में दूतावासकर्मी मदन की बेटी की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई।"

विदेश सचिव एस. जयशंकर ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "नेपाल में भूकंप की वजह से काठमांडू और अन्य इलाकों में भीषण तबाही हुई है। भारतीय दूतावास को भी क्षति पहुंची है।"

विदेश मंत्रालय ने नियंत्रण कक्ष शुरू किया


नेपाल में आए भीषण भूकंप से संबंधित सवालों का लोगों को जवाब देने के लिए विदेश मंत्रालय (एमईए) ने चौबीस घंटे का एक नियंत्रण कक्ष शुरू किया है। मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, "मंत्रालय ने नेपाल में आए भूकंप से संबंधित सूचनाएं प्रदान करने के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, जिसका नंबर : +91 112301 2113, +91 2301 4104, +91 11 2301 7905 है।"

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया कि काठमामांडू में भारतीय दूतावास का हेल्पलाइन नंबर : +977 9851107021, 9851135141 है। उन्होंने आगे कहा, "इंडोनेशिया से 10 घंटे की उड़ान के बाद अभी भारत पहुंची हूं। नेपाल व हमारे पूर्वी राज्यों में भीषण भूकंप की खबर सुनकर दुख हुआ।"

वायुसेना का सी-130 एनडीआरएफ दल के साथ नेपाल रवाना

नेपाल में आए भीषण भूकंप से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए भारतीय वायुसेना का एक विमान सी-130 राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के एक दल और राहत सामग्री के साथ शनिवार को हिंडन एयरबेस से नेपाल के लिए रवाना हो गया। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि भारतीय वायुसेना के विमान सी-130 ने उत्तर प्रदेश के हिंडन एयरबेस से उड़ान भरी।

एनडीआरएफ के दल तथा राहत सामग्री को उतारने के बाद विमान पोखरा में सड़क व संचार व्यवस्था में आई बाधा का हवाई जायजा लेगा। इसी बीच, खबर आई है कि माउंट एवरेस्ट आधार शिविर में भारतीय सेना का पर्वतारोही दल सुरक्षित है।

भूकंप पर हालात का आकलन करेंगे रूडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नेपाल में आए भीषण भूकंप के बाद हिमालयी देश से सटे राज्यों के हालात के आकलन के लिए केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी को नियुक्त किया। प्रधानमंत्री ने हालात पर चर्चा के लिए मंत्रियों व शीर्ष सरकारी अधिकारियों की एक बैठक भी बुलाई है।

भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, दिल्ली में भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर छह थी, जो एक मिनट तक जारी रहा। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण के मुताबिक, भूकंप का केंद्र राजधानी काठमांडू से 75 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम लामजुंग जिले में स्थित था। भूकंप के आधे घंटे बाद तक झटके महसूस किए गए।

मोदी ने रूडी को नेपाल की सीमा से लगे राज्यों- बिहार तथा उत्तर प्रदेश के हालात का आकलन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश, बिहार तथा सिक्किम के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की। वह नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोईराला से भी बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं, जो फिलहाल विदेश में हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ट्वीट किया, "मोदी ने नेपाल के राष्ट्रपति राम बरन यादव से बातचीत की।" बयान के मुताबिक, पीएमओ ने भूटान के भारतीय दूतावास से भी बातचीत की। दूतावास भूटान के शीर्ष अधिकारियों के संपर्क में है।

भूकंप राहत कार्य में नियुक्त किए गए एनवाईकेएस, एनएसएस के स्वयंसेवी

खेल मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शनिवार को देश के भूकंप पीड़ित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवियों को भेजे जाने के निर्देश दिए।

खेल मंत्री सोनोवाल ने भूकंप के कारण भारत और नेपाल में हुई जान-माल की हानि पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, "इन दोनों संगठनों के स्वयंसेवी राहत कार्यो में मदद प्रदान करेंगे, क्योंकि वे जमीनी स्तर पर मदद पहुंचाएंगे।"

काठमांडू घाटी के पुराने कस्बे तबाह : भारतीय राजदूत

नेपाल में भारत के राजदूत रंजीत रे ने शनिवार को कहा कि वह नेपाल में भूकंप के कारण मरने वालों की सही संख्या का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। राय ने फोन पर बताया, "भूकंप की वजह से काठमांडू घाटी के पुराने कस्बे प्रभावित हुए हैं।"

भारत ने शनिवार को नेपाल के लिए दो विमानों में राहत और बचाव सामग्री भेजी। भारतीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि दो सी-130 जे विमानों को हिंडन एयरबेस से नेपाल के लिए रवाना किया गया। इन विमानों में बचाव अभियान में मदद के लिए 45 बचावकर्मी और कुछ स्नीफर कुत्ते सवार थे। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि चिकित्सा दलों को नेपाल भेजा जाए।

भूकंप में 19वीं सदी का काठमांडू टावर धराशायी

नेपाल में शनिवार को आए भीषण भूकंप से 19वीं सदी का नौमंजिला धरहरा टावर पूर्णत: धराशायी हो गया, वहीं पूरे नेपाल में तबाही का आलम है। सन् 1832 में नेपाल के प्रथम प्रधानमंत्री भीमसेन थापा द्वारा बनवाया गया यह टावर एक प्रतिष्ठित स्मारक था। इसका निर्माण एक सैन्य निगरानी टावर के रूप में किया गया था, जो बाद में काठमांडू का एक मुख्य ऐतिहासिक स्थल बन गया।

Friday, April 24, 2015

समाप्त हो पंचायतों में सरपंच पति संस्कृति : पीएम मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचायतों में ‘सरपंच पति’ संस्कृति समाप्त करने का आह्वान करते हुए शुक्रवार को गरीबी उन्मूलन तथा शिक्षा के प्रचार प्रसार में निर्वाचित ग्राम प्रतिनिधियों के लिए नेतृत्व वाली भूमिका की वकालत की।
सरपंच पत्नियों के कामकाज में पतियों की कथित दखल के बारे में मोदी ने एक राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र किया। उनके अनुसार, किसी ने उनसे कहा कि वह एसपी (सरपंच पति) है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एसपी का काम चल रहा है। कानून ने महिलाओं को अधिकार दिए। जब कानून उन्हें अधिकार देता है तो उन्हें अवसर भी मिलना चाहिए। इस एसपी संस्कृति को खत्म करें। उन्हें (महिलाओं को) अवसर दिया जाना चाहिए। उन्हें आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
मोदी ने यहां राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस समारोह में अपने संबोधन में बच्चों के बीच में ही पढ़ाई छोड़ देने पर चिंता जाहिर की और कहा कि इस सिलसिले पर रोक लगाने में पंचायतें अहम भूमिका निभा सकती हैं। महात्मा गांधी को उद्धृत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत गांवों में बसता है। हमें यह सोचने की जरूरत है कि हमारे गांवों का विकास कैसे हो। यहां तक कि, सुदूरवर्ती गांव में भी लोगों के बड़े सपने हैं। सोचिये कि अपने गांव के लिए आप अगले पांच साल में क्या हासिल कर सकते हैं। गुजरात में मोदी जब मुख्यमंत्री थे तब एक पूर्ण महिला ग्राम पंचायत गए थे। इसका जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वहां की सरपंच ने उनसे कहा कि उसका ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि गांव में कोई निर्धन न बना रहे।
मोदी ने कहा कि क्या हमारे देश में पंचायतों ने कभी सोचा कि हमारे देश में कोई भी गरीब न बचना चाहिए। अगर एक गांव एक साल में पांच व्यक्तियों की गरीबी दूर करता है तो देश में कितना बड़ा बदलाव आ जाएगा। उन्होंने कहा कि गांवों में बच्चों की शिक्षा और उनके टीकाकरण पर पंचायत सदस्यों को विशेष ध्यान देना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि सरपंचों को उनके गांव के कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बैठकों के आयोजन की पहल करनी चाहिए और हर तरह से गांवों के कायापलट में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये सभी काम बजट की सीमाओं से नहीं जुड़े हैं। हम हमारे गांवों का तब तक विकास नहीं कर पाएंगे जब तक हमारे मन में उनके लिए सम्मान और गर्व का भाव नहीं होगा। हमें लोगों को प्रेरित करना हो, नेतृत्व मुहैया कराना होगा। मोदी ने कहा कि इसके लिए बजटीय प्रावधान के बजाय दृढ़ संकल्प की जरूरत है। उन्होंने इस बारे में गांव का जन्मदिन मनाने जैसे कुछ सुझाव भी दिए। पीएम ने पंचायत सदस्यों से पंचवर्षीय दृष्टि के साथ ठोस विकास योजनाओं पर काम करने को कहा जो उनके गांवों में सकारात्मक बदलाव ला सकें। मोदी ने ‘एनुअल डिवोल्यूशन इन्डेक्स (स्टेट्स) अवार्ड’ और ई-पंचायत अवार्ड भी दिए। उन्होंने इस मौके पर सम्मानित होने वाली जिला परिषदों और ग्राम पंचायतों को बधाई भी दी।

परंपरागत विधि-विधान के साथ केदारनाथ धाम के कपाट खुले

देहरादून : भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ के कपाट शुक्रवार सुबह परम्परागत विधि विधान के साथ वैदिक मंत्रोच्चार और सेना के बैण्ड की धुन के बीच ग्रीष्मकाल में दर्शन के लिए खुल गये। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 21 अप्रैल को खुल गये थे और बद्रीनाथ के कपाट 26 अप्रैल को खुलने हैं।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अनुसार, पूर्व निर्धारित लग्नानुसार शुक्रवार सुबह 8.50 बजे रुद्रप्रयाग के जिला प्रशासन और मंदिर समिति के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में समुद्रतल से 3581 कि.मी. की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ मंदिर के सीलबन्द कपाट खोले गये। इसके साथ ही मंदिर में दर्शन कार्यक्रम शुरू हो गया।
आज प्रात: जिला प्रशासन, मंदिर समिति के पदाधिकारियों की मौजूदगी में मंदिर के दक्षिणी गेट की सील खोली गयी। फिर रावल, मुख्य पुजारी मंदिर समिति के कर्मचारियों और हक-हकूकधारियों के मंदिर में प्रवेश के बाद गर्भ गृह पर लगी सील खोली गयी। इसके बाद मुख्य द्वार भी खोला गया। 25 अप्रैल को भैरवनाथ के कपाट खोलने के बाद केदारनाथ में सुबह की दैनिक पूजा एवं अन्य विधि विधान संपन्न किए जाएंगे।
गोदियाल के अनुसार, इस अवसर पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, राज्यपाल डॉ के.के. पॉल, मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अंबिका सोनी, जितिन प्रसाद और राज्य कैबिनेट के कई सदस्य उपस्थित थे। इन दिनों पूरा केदारनाथ धाम बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ है। इस अवसर पर प्रख्यात सूफी गायक कैलाश खेर भी धाम में मौजूद थे।
शीतकाल में केदार की पूजा उनके शीतकालीन गद्दी स्थल उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में होती है। वहां से केदार की डोली गुरुवार शाम ही केदारधाम पहुंच गई थी। केदारनाथ जाने के लिये ऋषिकेश से 207 कि.मी. तक वाहन से गौरीकुण्ड तक जाना पड़ता है तथा वहां से लगभग 19 कि.मी. की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। बैकुण्ठ धाम के नाम से भी विख्यात बद्रीनाथ के कपाट 26 अप्रैल को खुल रहे हैं।