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Wednesday, March 8, 2017

भारत में आईएसआईएस का पहला हमला

 नई दिल्ली : भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में धमाके के जरिए अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन आईएसआईएस ने भारत में दस्तक दे दी है। यह आईएसआईएस के मॉड्यूल का देश के भीतर पहला आतंकी हमला है। इस कम तीव्रता वाले धमाके में 10 लोग घायल हुए हैं। हमले का मास्टरमाइंड और गैंग का लीडर सैफुल्लाह लखनऊ में हुए एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया। गैंग के सभी 8 लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में स्थित एक घर में सैफुल्लाह और साथियों ने डेरा डालकर एटीएस पर फायरिंग की। इंटेलिजेंस एजेंसियों के सूत्रों ने इनके आईएस मॉड्यूल से होने की पुष्टि तो की, लेकिन यह साफ नहीं हो पाया कि क्या इनकी करतूतें बाहर बैठे आकाओं के निशाने पर चल रही थीं?
इससे पहले ये आतंकी किसी और घटना को अंजाम देते, सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट्स के दम पर इनके मंसूबों को कामयाब होने से रोक लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, दानिश, मीर हुसैन और आतिश मुजफ्फर को एमपी के पिपरिया से गिरफ्तार किया गया। दो अन्य मोहम्मद फैजल और मोहम्मद इरफान को कानपुर के जाजमऊ से धरा गया। आलम नाम के शख्स की धरपकड़ यूपी के इटावा से हुई।

पुलिस सैफुल्लाह को जिंदा पकड़ना चाहती थी, जिसने घंटों एटीएस टीम को छकाया। रात में धावा बोलने के बाद अत्याधुनिक हथियारों के साथ जवान मौके पर डटे रहे और आतंकी को ढेर कर दिया। एक टॉप इंटेलिजेंस ऑफिशर  ने बताया, 'ट्रेन में ब्लास्ट करना इनका ट्रायल रन था। आगे चलकर ये बड़े हमलों की फिराक में थे।'

लखनऊ में एटीएस कमांडर छत तोड़कर मकान में दाखिल हुए, जिसके बाद सैफुल्लाह ने वहीं एक जगह खुद को लॉक कर लिया। पुलिस को इन आतंकियों के छिपे होने के इनपुट्स एमपी एटीएस से मिले थे। बताया गया कि जब पुलिस ने चिली ग्रेनेड्स और टियर गैस का इस्तेमाल किया तो सैफुल्लाह ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद उसने फायरिंग से जवानों को जवाब देना शुरू कर दिया।

यूपी एडीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) दलजीत चौधरी ने बताया कि पुलिस ने सैफुल्लाह को जिंदा पकड़ने के तमाम प्रयास किए। यह पहली बार है, जब आईएसआईएस ने भारत में घुसकर इस तरह हमला किया है। इससे पहले आईएस के मॉड्यूल्स द्वारा दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद समेत कई बड़े शहरों में आतंकी योजनाएं विफल साबित हुई हैं।

बीते एक साल में एनआईए और पुलिस ने विभिन्न राज्यों से ऐसे 60 भारतीय मूल के लोगों को पकड़ा है जो IS में शामिल हुए थे। वे देश के भीतर किसी भी तरह के हमले में भूमिका निभा सकते थे।

Tuesday, March 7, 2017

संशोधित 'मुस्लिम बैन' ऑर्डर पर ट्रंप का मुहर, लिस्ट में इराक नहीं


वाशिंगटन  : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को संशोधित ट्रैवल बैन ऑर्डर पर दस्तखत कर दिए। खास बात यह है कि व्हाइट हाउस ने संशोधित ट्रैवल बैन ऑर्डर में इराक का नाम लिस्ट से हटा दिया है. 27 जनवरी के पहले ट्रैवल बैन लिस्ट में 7 देशों के नाम थे. आपको बता दें कि ट्रंप ने राष्ट्रपति पद संभालने के साथ ही इराक समेत सात मुस्लिम बहुल देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाते हुए शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन अदालतों ने उसे रोक दिया। इसे लेकर दुनिया भर के लोगों में काफी गुस्सा भी था.
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता सीन स्पाइसर ने बताया कि ट्रंप ने बंद कमरे में इस नये आदेश पर हस्ताक्षर किए. नए शासकीय आदेश में सूडान, सीरिया, ईरान, लीबिया, सोमालिया और यमन के लोगों पर 90 दिनों का प्रतिबंध लगाया गया है. हालांकि यह पहले से वैध वीजा प्राप्त लोगों पर लागू नहीं होगा .


प्रवक्ता ने बताया कि आदेश के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के पास 27 जनवरी से पहले वैध वीजा था या शासकीय आदेश के लागू होने के दिन वैध वीजा था तो उसे अमेरिका में प्रवेश से नहीं रोका जाएगा . उन्होंने कहा कि प्रतिबंध की यह अवधि विदेशी नागरिकों द्वारा आतंकवादियों और अपराधियों के घुसपैठ को रोकने के लिए मानदंड तय करने और समुचित समीक्षा करने का वक्त देगी .

वहीं दूसरी ओर न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल का कहना है कि वे ट्रंप के नये आदेश को अदालत में चुनौती देने के लिए तैयार हैं . एरिक शेनिडरमैन ने कहा, व्हाइट हाउस ने भले ही प्रतिबंध में बदलाव किए हों, लेकिन मुसलमानों के प्रति भेदभाव की मंशा स्पष्ट है . यह ना सिर्फ ट्रंप की तानाशाही नीतियों के बीच फंसे परिवारों को नुकसान पहुंचा रहा है बल्कि यह हमारे मूल्यों के खिलाफ है और हमें कम सुरक्षित बनाता है . उन्होंने कहा कि देश भर की अदालतों ने स्पष्ट कर दिया है कि ट्रंप संविधान से ऊपर नहीं हैं .

एम्स की रिपोर्ट से खुलासा, हार्ट अटैक से एक दिन पहले पूरी तरह होश में थीं जयललिता

चेन्नई : तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत को लेकर नया खुलासा हुआ है. एम्स की डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक दिल का दौरा पड़ने से एक दिन पहले जयललिता पूरी तरह होश में थीं. दिल का दौडरा पड़ने के बाद उनकी हालत नाजुक हो गई और जिससे उनकी मौत हो गई थी. जयललिता के इलाज से जुड़ी रिपोर्ट पहली बार सोमवार को सार्वजनिक की गई.
चेन्नई के अपोलो अस्पताल में तीन दिसंबर की सेवाओं पर दी गई रिपोर्ट में डॉक्टर जीसी खिलनानी और तीन अन्य डॉक्टरों ने कहा है 'वह पूरी तरह होश में थीं, वह कुर्सी पर करीब 20 मिनट तक बैठ सकती थीं, लेकिन खड़ी नहीं हो पा रही थीं क्योंकि मांसपेशियों में कमजोरी थी'. राज्य सरकार की ओर से अपोलो के डॉक्टरों की रिपोर्ट सार्वजनिक किया गया है.
एम्स की टीम के मुताबिक जयललिता को फिजियोथेरेपी कराने की सलाह दी गई थी. लेकिन उनकी पॉलीन्यूरोपैथी की गंभीर बीमारी के इतिहास को देखते हुए उन्हें पूरी तरह ठीक होने में कई सप्ताह से लेकर कई महीने लग सकते थे. टीम उसी दिन दिल्ली वापस चली गई और फिर चौथी बार पांच दिसंबर को वापस चेन्नई लौटी.
एम्स की टीम के पहुंचने पर बताया गया कि चार दिसंबर को शाम साढ़े चार बजे जयललिता को दिल का दौरा पड़ा था और उन्हें 45 मिनट तक होश में लाने की कोशिश की गई, फिर उनके सीने पर मालिश की गयी और उन्हें ईसीएमओ और बाहर से लगने वाले पेसमेकर पर रखा गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि उनके शरीर का तापमान हमेशा सामान्य से कम रहता था और उनका लगातार हेमोडायलिसिस हो रहा था.
रिपोर्ट के मुताबिक न्यूरोलॉजिस्ट ने बताया उनकी सभी कोशिश का कोई असर नहीं दिख रहा था, हालांकि शरीर का तापमान कम होने के कारण सही स्थिति का पता नहीं चल रहा था. उसके बाद यह तय किया गया है कि पहले उनके शरीर का तापमान सामान्य किया जाये, फिर दोबारा स्थिति की जांच की जाये.
एम्स की रिपोर्ट के मुताबिक शरीर का तापमान सामान्य होने के बाद रात करीब 10 बजे फिर से स्थिति का जायजा लिया गया. ब्लडप्रेशर में तेजी से गिरावट दर्ज की गई और जब उन्हें ईसीएमओ लगाया गया तो पता चला कि उनके दिल ने काम करना बंद कर दिया है. पेसमेकर लगाने के बाद भी ईसीजी मॉनिटर पर सीधी लाइन ही आ रही थी. किसी भी तरह का न्यूरोलॉजिकल सुधार नहीं था. न्यूरोलॉजिस्ट ने बताया कि सभी उपाय जीवन रक्षक प्रणाली को बेअसर दिखा रहे थे. आखिर में एम्स की टीम तय किया कि इस संबंध में परिजनों आदि से अपोलो की टीम बात करेगी. पांच दिसंबर को जयललिता का निधन हो गया जिसके बाद टीम छह दिसंबर को एम्स की टीम दिल्ली वापस लौट गई.
चेन्नई के अपोलो अस्पताल ने अपनी रिपोर्ट में जयललिता के निधन की तीन वजहे बताई है.
  रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी पुरानी मेडिकल हिस्ट्री मोटापा, हाई ब्लडप्रेशर, थॉयरॉयड की बेहद खराब स्थिति, डायरिया की गंभीर बीमारी और गंभीर मौसमी ब्रोंकाइटिस ने गंभीर समस्याओं को जन्म दिया.
रिपोर्ट के मुताबिक जयललिता को पांच-सात दिन से बुखार और आंतों की समस्या हो रही थी. जब उन्हें भर्ती कराया गया तो परीक्षण में कई बीमारियां और संक्रमण सामने आये. उसे देखते हुए 18 डॉक्टरों की एक टीम बनायी गयी और एम्स टीम सहित 13 डॉक्टरों की सलाह लेकर उनका इलाज किया जा रहा था.
आपको बता दें कि जयललिता को बुखार और डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद 22 सितंबर को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां उनकी मौत हो गई. जयललिता की मौत के बाद कई सवाल उठाए गए और इलाज पर भी संदेह किया गया. इसके मद्देनजर ही तमिलनाडु सरकार ने एम्स से मेडिकल रिपोर्ट सौंपने को कहा था.

बाबरी विध्वंस: आडवाणी, जोशी और उमा पर चल सकता है केस, 22 मार्च को फैसला


नई दिल्ली  : बाबरी विध्वंस मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और केंद्रीय मंत्री उमा भारती सहित कई बीजेपी नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्हें इस मामले में फिर से षडयंत्र का आरोपी बनाया जा सकता है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ ट्रायल में हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चिंता जाहिर करते हुए यह संकेत दिया है। इस संबंध में अदालत 22 मार्च को अपना फैसला सुना सकती है। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि इससे जुड़े दोनों मामलों की सुनवाई संयुक्त रूप से एक ही अदालत में होनी चाहिए।

सोमवार को अदालत ने संकेत दिया कि 13 बीजेपी नेताओं और अन्य हिंदूवादी संगठन के नेताओं को 1992 के बाबरी विध्वंस मामले में षडयंत्र का आरोपी बनाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह संकेत सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। साल 2010 में हाई कोर्ट ने बीजेपी नेता एलके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह सहित अन्य नेताओं को आपराधिक षडयंत्र के आरोपों से मुक्त कर दिया था। इन नेताओं में विश्व हिंदू परिषद के नेता भी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को यह सुझाव भी दिया कि वह रायबरेली और लखनऊ में चल रहे मामलों को क्लब कर ले। कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई लखनऊ में होगी। बता दें कि 6 दिसंबर 1992 को जब बाबरी विध्वंस हुआ था, उस समय कल्याण सिंह यूपी के मुख्यमंत्री थे। कल्याण फिलहाल राजस्थान के राज्यपाल हैं। बाबरी विध्वंस के बाद देशभर में दंगे भड़क गए थे, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी।

बता दें कि हिंदूवादी संगठन विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाने की मांग करते आए हैं। केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी भी इसे कई सालों से अपने घोषणापत्र में शामिल करती रही है। आयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मामला भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

पूर्व पाक एनएसए ने कहा, पाकिस्तानी आतंकियों ने दिया मुंबई हमले को अंजाम


नई दिल्ली : मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं को सजा दिलाने के मुद्दे पर वर्षों से टाल मटोल कर रही पाकिस्तान सरकार की पोल खुद उसके पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) महमूद अली दुर्रानी ने खोल दी है। दुर्रानी ने कहा है कि मुंबई हमले को पाक के आतंकी संगठनों ने अंजाम दिया और यह सीमा पार आतंकवाद का शानदार उदाहरण है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस हमले में पाकिस्तान सरकार या आइएसआइ की कोई भूमिका नहीं थी।
सोमवार को 19वें एशियन रक्षा कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दुर्रानी का यह बयान नया तो नहीं है, लेकिन इससे भारत से सुबूत मांग रहे पाकिस्तान की पोल खुल गई है। दुर्रानी की बात में इसलिए भी दम है कि वर्ष 2008 में जब आतंकियों ने मुंबई पर हमला किया तो वे पाकिस्तान के एनएसए थे। उन्होंने 2009 में भी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के मुंबई हमले में शामिल होने की बात कही थी। इसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था।
इस बारे में विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि दुर्रानी ने वही कहा है, जो भारत लगातार कहता रहा है। पाक के आतंकी संगठनों की साजिश, उन्हें फंड की व्यवस्था किस तरह से की गई, हमलावरों का चयन किस तरह किया गया, इन सबके बारे में साक्ष्य इस्लामाबाद को दिए जा चुके हैं। 
भारत और पाकिस्तान के बीच दिसंबर 2015 में इस्लामाबाद में हुई बैठक के दौरान अंतिम बार मुंबई हमले के दोषियों को सजा दिलाने पर बात हुई थी। तब पाकिस्तान ने नए सिरे से दोषी आतंकियों के आवाज के नमूने मांगे थे। भारत ने इसे मामले को लटकाने वाला करार दिया था। 
दुर्रानी ने और भी कई ऐसी बातें कही हैं, जो पाकिस्तान को नागवार गुजरेंगी। उन्होंने कहा कि हर देश को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसकी जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ न हो। इसी तरह से हाफिज सईद के बारे में उन्होंने कहा कि उसकी कोई जरूरत नहीं है। पाक सरकार को उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

मेदांता अस्पताल का एयर एंबुलेंस बैंकॉक के पास दुर्घटनाग्रस्त, पायलट की मौत, चार अन्य घायल


नई दिल्ली: मेदांता अस्पताल का एक एयर एंबुलेंस आग लगने के बाद बैंकॉक के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पायलट की मौत हो गई और चालक दल के चार सदस्य घायल हो गए. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार रात इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि घायलों को सेना के हेलीकॉप्टरों से बैंकॉक अस्पताल ले जाया गया है.विभिन्न ट्वीट में सुषमा स्वराज ने कहा, 'चालक दल के पांच सदस्यों को लेकर जा रहा मेदांता अस्पताल का एयर एंबुलेंस आग लगने के बाद बैंकॉक के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. घायलों को सेना के हेलीकॉप्टरों से बैंकॉक अस्पताल ले जाया गया है.'उन्होंने लिखा, 'हमारे मिशन ने अभी मुझे सूचना दी है कि एयर एंबुलेंस के पायलट अरुणाक्ष नंदी की मौत हो गई है. डॉक्टर शैलेंद्र और डॉक्टर कोमल आईसीयू में हैं. दो अन्य को हल्की चोटें आई हैं.' विदेश मंत्री ने पीड़ित परिवार के प्रति सांत्वना व्यक्त करते हुए कहा घायलों को हर तरह की मदद का आश्वासन दिया है.

Saturday, February 18, 2017

Paytm कभी Alibaba नहीं बन सकता: आदित्य पुरी


नई दिल्ली: मुंबई में चल रही तीन दिवसीय नैसकॉम इंडिया लीडरशिप फोरम समिट में एचडीएफसी बैंक के चीफ आदित्य पुरी ने डिजिटल ई-वॉलेट ट्रांजैक्शन कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि भविष्य में इनकी कामयाबी के कोई आसार नज़र नहीं आते। पुरी ने डिजिटल वॉलेट कंपनी पेटीएम पर बेबाकी से अपनी बात रखते कहा कि इस डिजिटल कंपनी का आने वाला भविष्य उज्जवल नहीं है।
नोटबंदी के बाद से पेटीएम के जरिए डिजिटल ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़ा है, मोदी सरकार डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए कई पहल कर रही है। डिजिटल ट्रांजक्शन करने वालों को सरकार कई  प्रकार की छूट दे रही है। अब ऐसे में बैकिंग क्षेत्र की दिग्गज हस्ती आदित्य पुरी का इस तरह का बयान आना डिजिटल ट्रांजैक्शन कंपनियों के लिए चिंता की बात है।
देश में तेजी से बढ़ रही डिजिटल पेमेंट व्यवस्था और डिजिटल वॉलेट कंपनियों को लेकर पुरी ने कहा संदेह है कि भारतीय बाजार में भविष्य में यह कंपनियां सफल हों। पुरी ने पेटीएम की कैशबैक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आप कैसे मान सकते हैं कि आप 500 का सामान खरीदें और कंपनी आपको 250 कैशबैक दे।
पुरी ने अलीबाबा की मिसाल देते हुए कहा कि पेटीएम कभी अलीबाबा नहीं बन सकता, क्योंकि स्ट्रेटजी बिल्कुल अलग और उसको फॉलो करना सबके बस की बात नहीं है। याद रहे कि एचडीएफसी बैंक के पास खुद डिजिटल वॉलेट है जो हर तरह के पैमेंट करने की सुविधा देता है।
आदित्य पुरी का पेटीएम और डिजिटल बैंकिंग और वॉलेट पर इस तरह का बयान देना सरकार और कंपनियों के लिए निराशाजनक साबित हो सकता है क्योंकि सरकार ई-वॉलेट को नोटबंदी के बाद खूब प्रमोट कर रही है। पीएम मोदी भी कई पब्लिक मीटिंग में ई-वॉलेट को सपोर्ट कर चुके हैं, विपक्षी पार्टियां तो पेटीएम पर सरकार से सांठगांठ के आरोप भी लगा चुकी हैं। 

वैवाहिक खरीदारी से सोने-चांदी में तेजी जारी

नई दिल्ली: वैवाहिक मांग बने रहने से दिल्ली सर्राफा बाजार में आज सोने में लगातार तीसरे दिन तथा चांदी में चौथे दिन बढ़त दर्ज की गई। पीली धातु 30 रूपए चमककर 29,880 रूपए प्रति दस ग्राम पर तथा सफेद धातु 50 रूपए की तेजी के साथ करीब साढ़े तीन महीने के उच्चतम स्तर 43,450 रूपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सप्ताहांत पर शुक्रवार को सोने-चांदी के गिरावट में रहने से स्थानीय बाजार में आज  इनकी बढ़त सीमित रही। लंदन एवं न्यूयॉर्क से मिली जानकारी के अनुसार, गत दिवस सोना हाजिर 3.25 डॉलर टूटकर 1,234.75 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। अप्रैल का अमेरिकी सोना वायदा भी 5.60 डॉलर फिसलकर 1,236 डॉलर प्रति औंस पर रहा। 
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि डॉलर में आई मजबूती से शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना टूटा है। लेकिन, यह सप्ताह सोने के लिए अच्छा रहा। वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों के लुढक़ने से पीली घातु कई महीने के उच्चतम पर पहुंचकर अब भी उससे बहुत ज्यादा नीचे नहीं है। 
लंदन में चांदी हाजिर भी सप्ताहांत पर 0.08 डॉलर की गिरावट के साथ 17.97 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। 
स्थानीय बाजार में सोना स्टैंडर्ड 30 रूपए चमककर 29,880 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। सोना बिटुर भी इतनी ही तेजी के साथ 29,730 रूपए प्रति दस ग्राम के भाव बिका। हालांकि आठ ग्राम वाली गिन्नी 24,500 रूपए पर स्थिर रही।
चांदी हाजिर में 50 रूपए तथा वायदा में 75 रूपए की मजबूती देखने को मिली और ये क्रमश: 43,450 रूपए और 42,935 रूपए प्रति किलोग्राम बोली गईं। सिक्कों में टिकाव रहा। सिक्का लिवाली और बिकवाली गत दिवस के क्रमश: 73 हजार तथा 74 हजार रुपये प्रति सैकड़ा पर ही बने रहे। 
कारोबारियों ने बताया कि धीरे-धीरे वैवाहिक मांग आनी शुरू हो गई है, हालांकि अभी यह बेहद कम है। इसलिए विदेशी बाजारों में गिरावट के बाद भी स्थानीय स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में तेजी रही। 

7 करोड़ से ज्‍यादा ग्राहकों के लिए रिलायंस जियो लाएगा नया ऑफर

रिलायंस जियो अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए खुशखबरी ला सकता है। अभी तक रिलायंस जियो अपने सभी ग्राहकों को इंटरनेट और कॉलिंग की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त दे रहा है।

नई दिल्‍ली: रिलायंस जियो अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए खुशखबरी ला सकता है। अभी तक रिलायंस जियो अपने सभी ग्राहकों को इंटरनेट और कॉलिंग की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त दे रहा है। पर 31 मार्च के बाद एक और प्‍लान अपने ग्राहकों के लिए रिलायंस जियो लाने वाला है। इसक प्‍लान के जरिए रिलायंस जियो 4जी के ग्राहकों को कॉलिंग के लिए किसी भी तरह का शुल्‍क नहीं देना होगा। वहीं इंटरनेट प्रयोग करने के लिए 100 रुपए का शुल्‍क देना जोकि 30 जून तक वैध करेगा। ईटी की खबर के मुताबिक रिलायंस अपने साथ ग्राहकों को जोड़े रखने के लिए रिलायंस जियो ऐसा प्‍लान ला रहा है।

आपको बताते चले कि बहुत कम समय में ही रिलायंस जियो के कुल सब्‍सक्राइबर की संख्‍या 7.24 करोड़ पहुंच गई है। वहीं रिलायंस का यह दावा भी है कि उसके ग्राहकों की संख्‍या जल्‍द ही 10 करोड का आंकड़ा पार कर जाएगी। रिलायंस जियो के लिए 31 मार्च, 2017 के बाद का समय बहुत अहम हो जाएगा। ऐसे में अपने ग्राहकों को जोड़े रखने के लिए रिलायंस जियो नई स्‍कीम ला सकता है। क्‍योंकि बाजार के जानकारों के मुताबिक फ्री सर्विस का लुफ्त उठाने के बाद कई ग्राहक अपना सिम बंद कर सकते हैं। क्‍योंकि 31 मार्च के बाद रिलायंस लोगों से पैसा लेना शुरु करेगी और रुपए के बदले कितने लोग रिलायंस जियो की सर्विस से जुड़े रहते हैं, यहीं असली चुनौती भी होगी। पिछले साल 5 सितंबर को रिलायंस जिया ने अपनी सर्विस को लांच किया था। इसके तहत कंपनी ने 31 दिसंबर तक फ्री कॉलिंग और डाटा सर्विस देने की घोषणा भी की थी।



ट्रंप ने दिया नया मंत्र: अमेरिकी खरीदें, अमेरिकी को नौकरी दें



वॉशिंगटन: अमेरिकी सामान को अधिक से अधिक खरीदने और अमेरिकी लोगों को नौकरी देने पर जोर देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 'बाई अमेरिकन ऐंड हायर अमेरिकन' (अमेरिकी खरीदें और अमेरिकी को नौकरी दें) का नया मंत्र दिया है। ट्रंप ने कारोबारी नियमों को 'बेहद सख्ती' से लागू करने और 'विदेशी धोखाधड़ी' रोकने का संकल्प जताया है।

ट्रंप ने बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान के उद्घाटन के दौरान कहा, 'हमलोग बेहद सख्ती से कारोबारी नियमों को लागू करने और विदेशी धोखाधड़ी को रोकने जा रहे हैं। जबरदस्त धोखा है। हमलोग अपनी फैक्टरियों में अपने कामगारों द्वारा बने सामान चाहते हैं, जिन पर वे चार शानदार शब्द लिखें हों: 'मेड इन यूएस'।'

ड्रीमलाइन के उद्घाटन के वक्त मौजूद लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्होंने कहा, 'आपका राष्ट्रपति होने के नाते अमेरिकी भावना को ताकत दिलाने और अपने महान लोगों को काम पर वापस लाने के लिये मैं हर वह काम करुंगा जो मैं कर सकता हूं। यही हमारा मंत्र है: 'बाई अमेरिकन ऐंड हायर अमेरिकन।'