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Friday, February 5, 2016

बंदूक दिखाकर लालू के दामाद की फॉर्चूनर लूट ली


गुड़गांव : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के दामाद विनीत यादव की कार को यहां सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास कुछ अज्ञात लोगों ने बंदूक दिखाकर लूट ली. गुड़गांव पुलिस सहायक आयुक्त एवं सहायक प्रवक्ता हवा सिंह ने बताया कि दिनदहाड़े चार से पांच अज्ञात हमलावरों ने बंदूक के दम पर सफेद रंग की एक टोयोटा फॉर्चूनर कार को विनीत के चालक हरि प्रकाश से छीन लिया.

घटना के समय विनीत कार में मौजूद नहीं थे. पुलिस ने इस संबंध में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश में जुट गयी है. विनीत यादव कारोबारी हैं और मूलत: रेवाड़ी के निवासी हैं. जानकारी के मुताबिक वह बुधवार को हरियाणा के पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव के बेटे से मिलने परिवार के साथ गुड़गांव आए थे. इसी बीच चालक हरि प्रकाश किसी को छोड़ने के लिए फॉर्च्यूनर लेकर सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन गया था.

साढ़े तीन बजे चालक सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन की सर्विस रोड पर खड़ा था. इसी दौरान दो युवक पैदल आए और चालक से शीशा नीचे करने को कहा. चालक ने जैसे ही शीशा नीचे किया बदमाश पिस्टल लगाकर गाड़ी लेकर फरार हो गये.

सीरिया को 10 अरब डॉलर की मदद


सीरिया को अनुदान देने वाले देशों ने उसे 10 अरब डॉलर की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. लंदन में हुई इस बैठक के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ये जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ये अनुदान सीरिया में रह रहे कई लोगों को ख़ाना, दवाई और रहने की जगह मुहैया करा पाएगा. पड़ोसी देशों में रह रहे शरणार्थियों के लिए स्कूल जाने और नौकरी के कई अवसर भी बनेंगे.

सीरिया के एलैपो में चल रही भीषण लड़ाई की वजह से कई हज़ार लोग अब तक पलायन कर चुके हैं. तुर्की के प्रधानमंत्री अहमत दोवूतोगलू के अनुसार क़रीब 70 हज़ार सीरियाई उनकी देश की सीमा की तरफ बढ़ रहे हैं.

कैमरन ने कहा कि इस वर्ष के अंत तक सीरिया को 6 अरब डॉलर की राशि दे दी जाएगी और बाकी के 5 अरब डॉलर की राशि 2020 तक किश्तों में दी जाएगी. उन्होंने कहा कि तुर्की, जॉर्डन और लेबनान जो क़रीब 46 लाख शरणार्थियों को शरण दे रहे हैं उन्होंने बच्चों को शिक्षा मुहैया कराने का वादा किया है.

कैमरन ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय यूनियन बच्चों को शिक्षित करने में उनकी मुहिम का समर्थन कर रहा है." अनके अनुसार इस साल के अंत तक 10 लाख शरणार्थी बच्चों को बुनियादी शिक्षा दिला दी जाएगी. यूरोपियन संघ का कहना है कि वो इस साल तक सीरिया को 3.3 अरब डॉलर की मदद करेगा और अगले साल भी इतनी राशि देने की कोशिश करेगा.

वहीं ब्रिटेन ने 2020 तक 1.7 अरब डॉलर, जर्मनी ने 2018 तक 2.6 अरब डॉलर, फ्रांस ने 1 अरब डॉलर और अमरीका ने 2016 के अंत तक 92.50 करोड़ डॉलर की सहायता करने का वादा किया है. इस साल के अंत तक सीरिया की मदद करने के लिए 7.7 अरब डॉलर की सहायत राशि जुटाने का लक्ष्य रखा गया है.

हालांकि इस बैठक में मौजूद 30 देशों के नेताओं ने उम्मीद जताई है कि ये सहायता राशि 9 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है.

ब्राजील में धोखाधड़ी के आरोपों में फंसे फुटबॉलर नेमार


रियो डी जेनेरियो: ब्राजील में बार्सिलोना स्टार नेमार पर एक एक स्थानीय अभियोजन पक्ष द्वारा कर चोरी का आरोप लगाया है, जिसके कारण उन्हें धोखाधड़ी के आरोपों का भी सामना करना पड़ सकता है। साओ पाउलो लोक अभियोजन कार्यालय (एमएफपी) का दावा है कि कुछ कंपनियों ने नेमार की आय की सही रकम को छुपाने की कोशिश की है।

एमएफपी के अनुसार, नेमार को 2006 में विपणन और अन्य से हुई आय पर करीब 27.5 प्रतिशत कर कर का भुगतान करना चाहिए था, लेकिन जांचकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने केवल 12.53 प्रतिशत कर का ही भुगतान किया था। अभियोजन पक्ष ने साथ ही नेमार, उनके पिता नेमार सीनियर, बार्सिलोना क्लब के मौजूदा अध्यक्ष जोसेप मारिया, पूर्व अध्यक्ष सांड्रो रोसैल पर 2013 में स्टार खिलाड़ी के सांतोस क्लब से बार्सिलोना में हस्तांतरण के दौरान कथित अनियमितताओं का आरो भी लगाया है। हालांकि, सभी ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है।

सोनम ने क्यों कहा कि 'डरेंगे आमिर-शाहरुख मुद्दों पर बोलने से'


अभिनेत्री सोनम कपूर का मानना है कि सुपरस्टार शाहरुख खान और आमिर खान नकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलने के डर से अब किसी भी मुद्दे पर बोलने से डरेंगे।

अपनी आगामी फिल्म ‘नीरजा’ के गाने ‘अंखियां मिलाएंगे डर से’ के लॉन्च के मौके पर सोनम ने कहा, ‘‘आमिर खान या शाहरुख खान की बातों पर जिस प्रकार प्रतिक्रिया हो रही है, वे किसी भी मुद्दे के बारे में बात करने से डरेंगे। हमें अच्छा या बुरा कुछ भी बोलने वाले लोगों को अपने विचार प्रकट करने देना चाहिए। हर किसी को बोलने का अधिकार होना चाहिए।’’

शाहरुख खान और आमिर खान के बयानों को लेकर उन्हें मिली नकारात्मक प्रतिक्रियाओं और विरोध को सोनम ने बेहद डरावना बताया है। सोनम भी इसी प्रकार अपने बयानों को लेकर कई बार विवादों का सामना कर चुकी हैं।

उन्होंने इस बारे में कहा, ‘‘मैं भी इस सब से गुजर चुकी हूं। मैंने कुछ कहा और मेरी बातों को किसी और रूप में लिया गया, लेकिन अगर मुझे बोलने का मौका मिलता है और लोग मेरी बातें सुनते हैं तो मैं बोलती रहूंगी चाहे जो भी हो।’’

ब्रिटिश बैंड ‘कोल्ड प्ले’ के संगीत वीडियो को लेकर भी सोनम को विवादों का सामना करना पड़ रहा है।

Monday, February 1, 2016

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी की पत्नी का देहान्त


कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी की पत्नी सुधा त्रिपाठी का ‘एम्स’ में निधन हो गया। 78 वर्ष की सुधा त्रिपाठी को सांस लेने में दिक्कत होने पर 21 जनवरी को एम्स में भर्ती कराया गया था जहां सोमवार की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।

पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी को पत्नी के निधन की सूचना कोलकाता के राजभवन में मिली। वह शोक में डूब गए और कुछ देर के लिए मौन में चले गए। शोकाकुल परिजनों और परिचितों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थनाएं कीं। सुधा त्रिपाठी की अंतिम यात्रा लोहिया मार्ग स्थित उनके आवास से सुबह नौ बजे दारागंज घाट के लिए प्रस्थान करेगी।

वरिष्ठ नेता और संविधान के मर्मज्ञ पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी की पत्नी सुधा त्रिपाठी 78 वर्ष की थीं। 21 जनवरी को जब उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई तो शहर के ही स्थानीय हॉस्पिटल में भर्ती किया गया और उसके बाद पंडित केशरीनाथ और उनके पुत्र नीरज त्रिपाठी उन्हें एयर एम्बुलेंस से लेकर दिल्ली के ‘एम्स’ गए थे। उनकी हालत में उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ और वह कोमा में चली गई थीं।

पंडित त्रिपाठी के निकट सहयोगी और उनके पारिवारिक मित्र पंडित बब्बूराम द्विवेदी के मुताबिक ‘सुधा जी की मृत्यु का समाचार पंडित जी को कोलकाता के राजभवन में मिला। वह भीतर तक टूट गए, कुछ देर मौन में रहे’। पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी सोमवार की दोपहर बाद लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंचे और वहां से इलाहाबाद आए। देर रात उनका पार्थिव शरीर उनके आवास पर लाया गया। उनके पुत्र एडोवकेट नीरज त्रिपाठी और उनकी बेटियों समेत सैकड़ों लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी के जीवन में सुधा त्रिपाठी दो फरवरी को शामिल हुईं। वर्ष 1958 में केशरीनाथ दो फरवरी को सुधा त्रिपाठी के साथ परिणय सूत्र में बंधे थे। जीवन का लम्बा वक्त साथ बिताने के बाद दो फरवरी को ही सुधा त्रिपाठी की अंतिम यात्रा निकलेगी।

कवि हृदय केशरीनाथ त्रिपाठी के जीवन में खुशियों के रंग घोलती रहीं सुधा त्रिपाठी गृहस्थी का भार अपने कांधे पर उठाए रहीं और सबको स्नेह, दुलार देती रहीं। उनके पुत्र नीरज त्रिपाठी और दोनों बेटियों के साथ पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी के सार्वजनिक जीवन में साथ आए सैकड़ों लोगों का उनसे ममत्व भरा रिश्ता रहा।

सुधा त्रिपाठी के निधन की सूचना से शहर के हजारों लोग शोक में डूब गए। केशरीनाथ के राजनीतिक, वकालत और सार्वजनिक जीवन के तमाम मित्रों, भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर शोक जताया। दो दर्जन से अधिक संगठनों ने सोमवार को दिन में उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थनाएं कीं। एक शोक सभा में कर्मचारी नेता कृपा शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि जब वह जेल में थे, सुधा जी घर से बना भोजन लेकर उनके खिलाने गईं। ऐसा ममत्व वह हर कार्यकर्ता पर लुटाती रहीं। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थनाथ सिंह, वरिष्ठ नेता योगेश शुक्ला, बब्बूराम द्विवेदी, राम रक्षा द्विवेदी, शशि वाष्र्णेय, सांसद केशव प्रसाद, विनोद सोनकर, श्यामा चरण गुप्ता से लेकर हाईकोर्ट बार के पदाधिकारियों ने उनके निधन पर शोक जताया है। मंगलवार को उनकी अंतिम यात्रा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकान्त बाजपेई के साथ अन्य वरिष्ठ नेता आएंगे।

Saturday, January 30, 2016

कृतज्ञ राष्ट्र ने 68वीं पुण्यतिथि पर बापू को किया स्मरण


नई दिल्ली : महात्मा गांधी की 68वीं पुण्यतिथि पर कृतज्ञ राष्ट्र ने आज उन्हें याद किया और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश ने राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी। मुखर्जी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी तथा मोदी ने राजघाट स्थित बापू की समाधि पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू सहित अन्य नेताओं ने भी राजघाट पर बापू को श्रद्धासुमन अर्पित किए जहां सर्व धर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी बापू की समाधि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सोनिया और शीला दीक्षित बापू को श्रद्धांजलि देने के तत्काल बाद वापस चले गए जबकि आजाद वहां रूके रहे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य जानी मानी हस्तियों ने भी राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। बापू की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए मोदी ने ट्वीट किया ‘‘प्यारे बापू को उनकी पुण्यतिथि पर नमन।’’ वर्ष 1948 में आज ही के दिन राष्ट्रपिता की हत्या कर दी गई थी।

प्रधानमंत्री ने देश की खातिर अपने प्राण न्यौछावर करने वाली अन्य हस्तियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ट्वीट में कहा ‘‘देश की खातिर अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी शहीदों के साहस को नमन। हमारी यादों में उनका बलिदान अमर रहेगा।’’

वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा, बाबुल सुप्रियो, राव इंद्रजीत सिंह, तीनों सेनाओं के प्रमुख जनरल दलबीर सिंह, एयर चीफ मार्शल अरूप राहा और एडमिरल रॉबिन धवन भी इस मौके पर उपस्थित थे। देश के लिए आत्मबलिदान देने वालों को भी शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राजघाट पर तोप की सलामी दी गई, भजन गाए गए और छात्रों तथा विभिन्न लोगों ने भी बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर वेंकैया नायडू ने राजघाट पर कस्तूरबा स्मृति केंद्र और सुरक्षा नियंत्रण कक्षों का उद्घाटन भी किया।

कांग्रेस जीएसटी का श्रेय चाहती है तो दे देंगे: जेटली


नई दिल्ली : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज उम्मीद जताई कि कांग्रेस जीएसटी कानून की जरूरत को समझेगी और कहा कि उसे संसद के बजट सत्र में राज्य सभा में इसे पारित कराने में मदद करनी चाहिये। संसद का बजट सत्र अगले महीने शुरू होगा। उन्होंने कहा, ‘‘जीएसटी संप्रग का महत्वपूर्ण सुधार है। यदि इसे तैयार करने का श्रेय किसी को देना हो तो यह मैं उन्हीं को दूंगा। अब, यदि लेखक ही अपनी पटकथा के खिलाफ हो जाए तो मैं क्या कर सकता हूं.. मैं उनके पास गया हूं, मैंने उनसे बात की। मैंने उन्हें पूरा ब्योरा दिया और मुझे उम्मीद है कि वे इसकी वजह समझेंगे और जीएसटी पारित कराने के पीछे के तर्क को समझेंगे।’’

द इकॉनोमिक टाइम्स ग्लोबल बिजनेस सम्मिट में जेटली ने कहा कि कांग्रेस ने तीन आपत्तियां उठाई हैं जो उसकी मूल भावना के विपरीत है जिसे वह खुद लेकर आये। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को छोड़कर हर पार्टी जीएसटी विधेयक का सक्रिय समर्थन कर रही है। जेटली ने कहा, ‘‘संप्रग के राजद, राकांपा और जदयू जैसे सहयोगी दल इसका खुलकर समर्थन कर रहे हैं।’’ मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे कोई वजह नहीं दिखती कि कांग्रेस को इस विधेयक के बारे में सोचना चाहिए। यदि विधेयक के किसी विचार पर कोई चर्चा करनी है तो निश्चित तौर पर मैं उनके साथ चर्चा के लिए तैयार हूं, हम दोषपूर्ण कानून बनाकर भावी पीढ़ी पर इसे नहीं थोप सकते।’’

जीएसटी में उत्पाद शुल्क, सेवा शुल्क और बिक्री जैसे सभी अप्रत्यक्ष कर समाहित हो जाएंगे और इसमें कर की समान दर का प्रावधान है। यह विधेयक राज्य सभा में अटका पड़ा है क्योंकि कांग्रेस इसमें तीन बदलाव के लिए जोर डाल रही है। यह पूछने पर कि क्या उन्होंने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा हाल में आयोजित स्वागत समारोह में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी से जीएसटी के मुद्दे पर बात की थी, जेटली का जवाब नहीं में था। मंत्री ने कहा, ‘‘यह अनौपचारिक अवसर होते हैं और जरूरी नहीं है कि ऐसे मंचों पर आप चर्चा करें। निश्चित तौर पर मैंने कोई राजनीतिक चर्चा नहीं की।’’ उन्होंने कहा कि इससे पहले कई मौकों पर कांग्रेस नेताओं के साथ जीएसटी पर बातचीत की।

जेटली ने स्पष्ट किया है कि यह आर्थिक विधेयक भाजपा बनाम अन्य नहीं है। बहुत अच्छा होगा यदि जीएसटी से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक आम सहमति से पारित हो जाएं। मंत्री ने कहा, ‘‘बहुत अच्छा होगा यदि कानून आम सहमति से पारित हों। भारत के कराधान ढांचे को प्रभावित करने वाले इस जैसे कानून को सर्व सम्मति से पारित कराने को हम तरजीह देते हैं, अन्यथा इस पर मतदान किया जा सकता है।’’ जेटली ने कहा कि कांग्रेस को छोड़कर अन्य विपक्षी दलों के सहयोग से कोयला, खनन और ऐसे कई महत्वपूर्ण कानून पारित हो चुके हैं। कांग्रेस की वजह से एक अप्रैल 2016 से जीएसटी लागू करने की सरकार की योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। जीएसटी से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक राज्यसभा में अटका पड़ा है। कांग्रेस ने जो तीन मांगें रखी हैं उनमें जीएसटी दर की अधिकतम सीमा का संविधान में उल्लेख होना चाहिये, वस्तुओं के एक राज्य से दूसरे राज्य में आवाजाही पर प्रस्तावित एक प्रतिशत अतिरिक्त कर खत्म करना और राज्यों के बीच विवाद सुलझाने के लिए न्यायिक समिति का गठन करना शामिल है।

शत्रुघ्न ने अरुणाचल में राष्ट्रपति शासन पर उठाया सवाल


नई दिल्ली : भाजपा के असंतुष्ट सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के केंद्र के फैसले की आज यह कहते हुए आलोचना की कि यदि सरकार मामले पर उच्चतम न्यायालय के फैसले तक इंतजार कर लेती तो ‘‘आसमान नहीं गिर जाता।’’ पटना साहिब से 70 वर्षीय भाजपा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘‘महान सलाहकारों’’ को भी यह कहते हुए आड़े हाथ लिया कि यदि उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के खिलाफ फैसला दिया तो वे क्या जवाब देंगे।
विभिन्न मुद्दों पर पार्टी नेतृत्व से अलग राय रखने वाले सिन्हा ने इस मामले में सिलसिलेवार ट्वीट करने के बाद कहा, ‘‘जब मामला उच्चतम न्यायालय में है तो हमें अधिक सतर्क और सचेत रहना चाहिए था। मेरा मानना है कि यदि हम उच्चतम न्यायालय के फैसले का इंतजार कर लेते तो आसमान नहीं गिर जाता। ऐसा करना हमें शर्मिंदगी और विवाद से बचा सकता था।’’ उन्होंने पुणे से फोन पर कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी बहुत अच्छे प्रधानमंत्री हैं। ये सलाहकार हैं जो कई बार त्रुटिपूर्ण मत देते हैं जिसका अंजाम गलत राजनीतिक कदम के रूप में निकलता है जो निश्चित तौर पर पार्टी और सरकार के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।’’ यह कहे जाने पर कि उनके विचार पार्टी के प्रतिकूल हैं और उनसे असंतोष झलकता है, सिन्हा ने कहा, ‘‘मैंने हमेशा सच कहा है। मेरे निजी विचार कई बार हमारे लोगों से नहीं मिलते हैं। लेकिन, मेरी मंशा हमेशा पार्टी और देश के लिए अच्छे की रही है।’’ अभिनय और राजनीति में सक्रिय सिन्हा ने कहा, ‘‘मैं उम्मीद, कामना और प्रार्थना करता हूं कि वे पार्टी के प्रति मेरी ईमानदारी और वफादारी को स्वीकार करेंगे।’’
सिन्हा ने इससे पहले, ट्वीट किया था, ‘‘हमारे साहसी, गतिशील एक्शन हीरो प्रधानमंत्री में मेरा पूरा विश्वास है। लेकिन आश्चर्य है कि वे ‘महान’ सलाहकार कौन हैं जिन्होंने अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की। वह भी तब जब मामला उच्चतम न्यायालय में पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ के पास विचाराधीन है। क्या जल्दबाजी और चिंता थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ईश्वर न करे, यदि यह फैसला हमारे खिलाफ जाता है, तो हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री के लिए हमारा क्या जवाब और स्पष्टीकरण होगा।’’
गौरतलब है कि केंद्र ने अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को उचित ठहराते हुए शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर कर कहा था कि राज्य में शासन एवं कानून व्यवस्था की स्थिति ‘‘पूरी तरह चरमरा गई थी’’ जहां राज्यपाल और उनके परिवार के सदस्यों को हर रोज ‘‘अपने जीवन को गंभीर खतरे’’ की आशंका थी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस सप्ताह के शुरू में अरुणाचल प्रदेश में केंद्रीय शासन लगाने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले पर अपनी मंजूरी दे दी थी।

Wednesday, January 20, 2016

मुंबई की अदालत के समक्ष उपस्थित हुए केजरीवाल


मुंबई  : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान बिना अनुमति के कथित तौर पर रैली करने के मामले में आज यहां की एक अदालत में पेश हुए. कुर्ला की अदालत ने पिछले वर्ष नौ दिसम्बर को केजरीवाल को मामले में व्यक्तिगत तौर पर पेश होने से हमेशा के लिए छूटदे दी थी. बहरहाल मजिस्ट्रेट रिचा खेडेकर ने आप नेता को निर्देश दिया था कि आज पेश होकर जमानत बांड भरें.

मजिस्ट्रेट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को जाने की अनुमति दे दी जब उनके सहयोगी सतीश जैन उनकी जमानत लेने को तैयार हो गए. मानखुर्द में आप उम्मीदवार मीरा सांन्याल और मेधा पाटकर के लिए रैली का आयोजन किया गया था और मुंबई पुलिस ने दावा किया कि वह ‘‘बिना कार्यक्रम' वाली रैली थी . पुलिस का कहना था कि यातायात पुलिस की अनुमति के बगैर रैली हुई जिसके बाद मार्च 2014 में केजरीवाल और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई.

केजरीवाल ने मुंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर प्राथमिकी रद्द किए जाने की मांग की थी और कुर्ला के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित होने से छूट देने की मांग की थी. लेकिन उच्च न्यायालय ने उनसे कहा कि मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित हों और अदालत से स्थायी छूट दिए जाने की मांग करें.

पाक में विश्वविद्यालय पर तालिबान आतंकियों का हमला, 25 की मौत


चारसद्दा : अशांत उत्तरपश्चिमी पाकिस्तान में आज भारी हथियारों से लैस तालिबान के आत्मघाती हमलावर एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में घुस गए और अंधाधुंध गोलीबारी की जिससे कम से कम 21 लोग मारे गए जबकि सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में चार आतंकवादी ढेर हो गए.

यह हमला 2014 में पेशावर के एक सेना स्कूल पर हुए नृशंस हमले की याद दिलाता है. पुलिस ने बताया कि बंदूकधारी प्रांत के चारसद्दा जिला स्थित बाचा खान विश्वविद्यालय में घुस गए और उन्होंने कक्षाओं एवं छात्रावासों में छात्रों और शिक्षकों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. यह विश्वविद्यालय खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर शहर के दक्षिण पश्चिम में करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है. विश्वविद्यालय का नाम प्रसिद्ध नेता खान अब्दुल गफ्फार खान उर्फ बाचा खान के नाम पर रखा गया है.

सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में चार आतंकी मारे गए जिसके साथ मृतकों की कुल संख्या 25 हो गयी. आतंकी घने कोहरे का फायदा उठाते हुए विश्वविद्यालय की दीवारें फांद गए और उसकी इमारतों में घुस गए. विश्वविद्यालय परिसर के भीतर विस्फोटों और भारी गोलीबारी की आवाज सुनी गई. उस समय वहां बाचा खान की बरसी के मौके पर एक काव्य संगोष्ठी चल रही थी. बादशाह खान का 20 जनवरी, 1988 को निधन हो गया था.

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. फजल रहीम ने बताया कि हमले के दौरान विश्वविद्यालय के अंदर करीब 3,000 छात्र और 600 मेहमान मौजूद थे. संघीय सूचना मंत्री परवेज राशिद ने विश्वविद्यालय का दौरा किया और मीडिया से कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा परिसर को खाली कराने के लिए शुरू किया गया अभियान पूरा हो गया.

उन्होंने कहा कि हमला प्रांत में चल रहे सैन्य अभियान की प्रतिक्रिया है जिसने आतंकियों की कमर तोड़ दी है. अधिकारियों ने कहा कि मृतकों में एक प्रोफेसर, दो छात्र और चार सुरक्षा गार्ड शामिल हैं. 

तहरीक-ए-तालिबान ने इस घटना की जिम्मेवारी ली है. तहरीक-ए-तालिबान ने ही 2014 के दिसंबर में पेशावर के आर्मी स्कूल पर हमला कर पौने दो सौ बच्चों की जान ली थी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि जिन आतंकियों ने विश्वविद्यालय पर हमला कर निर्दोष छात्राें की जान ली, उनका कोई धर्म नहीं है. उन्होंने आतंकियों की कार्रवाई की निंदा की है.