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Friday, January 13, 2017

बरकती ने मुसलमानों के खिलाफ जारी किया फतवा


संघ-भाजपा करने वाले मुस्लिम नहीं, महिलाओं को कहा सेक्सी, पर्दे में रहो,महिला आयोग भेजेगा नोटिस

कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ फतवे जारी कर देश भर में चर्चा में आए कोलकाता के शाही इमाम नुरूर रहमान बरकती ने अब मुसलमानों के खिलाफ फतवा जारी किया है . शुक्रवार को मस्जिद में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने मुसलमान बनने की कसौटी तय करते हुए कहा कि जो भी मुस्लिम भाजपा या संघ के समर्थक अथवा कार्यकर्ता हैं उन्हें इस्लाम से खारिज किया जा रहा है . उन्होंने कहा कि भाजपा पार्टी करने वाले मुस्लिम नहीं है . शरीयत के हिसाब से उन्हें इस्लाम में रहने का भी कोई अधिकार नहीं है.
 इसके अलावा बरकती ने महिलाओं पर भी पूछी टिप्पणी की उन्होंने कहा कि आजकल बच्चियां व महिलाएं ज्यादा सेक्सी हो गई है उन्हें पर्दे के पीछे छुप कर रहने की जरुरत है. बरकती ने कहा कि लोगों की हवस से बचने के लिए जरूरी है कि महिलाएं पर्दे के पीछे छुप कर रहें. इसके लिए उन्होंने अरब का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की महिलाएं अपने पूरे बदन को ढक कर रखती हैं और बड़े से बड़े काम को करती हैं . भारत में भी ऐसा ही होना चाहिए . 
उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य महिला आयोग की चेयरमैन सुनंदा मुखर्जी ने कहा कि इस बारे में वे आयोग के अन्य सदस्यों के साथ चर्चा करके बरकती के खिलाफ नोटिस जारी करेंगी. उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी निंदा जनक है और इसके लिए बरकती को सफाई देनी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि सेक्स के अलावा बरकती के दिमाग में और कुछ भी नहीं है . सृष्टि निर्माण में महिला और पुरुष का संबंध बहुत ही महत्व रखता है इसे अपनी कुंठा से जोड़ना शर्मनाक है.

Saturday, January 7, 2017

मोदी को गंजा करने वाले को 25 लाख देने की घोषणा

फिर फिसली कोलकाता के शाही इमाम की जुबान
कोलकाता:- अपने विवादों के कारण लगातार चर्चा में रहने वाले कोलकाता के शाही इमाम बरकती की जुबान फिर फिसली है. शनिवार को कोलकाता प्रेस क्‍लब में आयोजित अल्पसंख्यक समुदाय के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विवादित बयान देते हुये घोषणा की कि प्रधानमंत्री मोदी को गंजा करने वाले को वे 25 लाख रुपये का इनाम देंगे.उनके पास ही बैठे तृणमूल सांसद इदरीश अली उनेक इस बयान पर ताली बजाते रहे.
दरअसल राज्य माइनॉरिटी फोरम की ओर सेे प्रेस क्‍लब में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसी में शामिल होने पहुंचे शाही इमाम ने कहा कि मोदी फासिस्ट वादी हैं. लोगों पर गलत फैसलें थोपना व उनकी बातें नहीं मानने वालों को सजा देना ही उनका मेन काम है. ऐेसे लोगों का होना दुर्भाग्यजनक है. इसके बाद उन्होंने कहा कि मोदी को गंजा करने वाले को वे 25 लाख रुपया इनाम देेंगे.
उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को लेकर उन्होंने विवादित बयान देते हुये उन्हें शैतान बताया था व फतवा जारी करते हुये इस्लामिक सरिया के अनुसार उन्हें पत्थर मारने का आह्वान किया था जिसके बाद राज्य में 11 जगहों पर दंगे फैल गये थे.

Thursday, January 5, 2017

रेप के दोषी ने आठ साल बाद जेल में भरी पीड़िता की मांग



ट्रायल कोर्ट के आदेश पर हुई शादी

पुरुलिया: कहते हैं की देर से ही समझ आये लेकिन दुरुस्त आये। रेप के दोषी एक शख्स ने पीड़ित से शादी कर ली है। लेकिन सादी के लिये पीड़िता को तमाम तकलीफें सहते हुए आठ साल का लम्बा इंतजार करना पड़ा । इस दौररान उसका बेटा भी बड़ा हो गया था।  पिछले 8 साल से पीड़ित लड़की इस बात की मांग कर रही थी कि दोषी उसके साथ शादी करे। ट्रायल कोर्ट के आदेश के बाद  पुरुलिया जेल के अंदर दोनों की शादी हुई। 29 दिसंबर 2016 को रेप के मामले में इस शख्स को अपराध कोर्ट में साबित हुआ था।  रेप की इस घटना के बाद पीड़ित लड़की ने एक बच्चे को भी जन्म दिया। बच्चे को जन्म देने के 2 महीने बाद साल 2010 में पुलिस ने 30 साल के दोषी मनोज बारी को रेप और धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। जब पीड़ित को पता चला कि वह गर्भवती है तभी से वह मनोज से शादी करने के लिए कह रही थी। लेकिन मनोज ने उसकी बात नहीं मानी। मामले पर बातक रने पर पीड़ित महिला ने कहा, 'मैं किसी भी स्कूल में अपने बेटे का ऐडमिशन नहीं करवा सकती थी क्योंकि मेरे पास उसके पिता की पहचान का कोई भी आधिकारिक कागज नहीं था।' कैर जो भी हो लेकिन माना जा रहा है कि लम्बे इंतजार के बाद ही सही न्याय तो मिला।

Tuesday, January 3, 2017

EC पहुंचे रामगोपाल ने कहा- 90% MLAs हमारे पास, हम ही सपा


लखनऊ: चुनाव चिह्न साइकिल पर अपना दावा करने मंगलवार को चुनाव आयोग पहुंचे अखिलेश खेमे ने कहा कि उनके पास 90 फीसदी विधायकों का साथ है। वे सभी अखिलेश यादव का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में उनके नेतृत्व वाले धडे़ को ही सपा माना जाना चाहिए।
चुनाव आयोग के अधिकारियों से करीब 20 मिनट की मुलाकात के बाद रामगोपाल यादव ने दिल्ली में इस बात की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि अखिलेश गुट ही असली समाजवादी पार्टी है और पूरी पार्टी अखिलेश यादव के साथ है इसलिए पार्टी नाम और चुनाव चिह्न 'साइकिल' उन्हें ही आवंटित किया जाना चाहिए।
अखिलेश खेमे की ओर से रामगोपाल यादव, नरेश अग्रवाल और किरणमय नंदा चुनाव आयोग गए थे।
इस बीच खबर है कि मुलायम सिंह यादव दिल्ली से लखनऊ पहुंच गए हैं। इससे पहले मुलायम ने पार्टी के चुनाव चिह्न ‘साइकिल’ पर अपनी दावेदारी जताते हुए सोमवार को चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया था।
ऐसी भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगर साइकिल चुनाव चिह्न पर कोई पेंच फंसता है तो अखिलेश खेमा मोटरसाइकिल को चुनाव चिह्न के तौर पर लेने का विचार कर सकता है।
इससे पहले मुलायम ने सोमवार को दिल्ली में अपने घर पर अमर सिंह, शिवपाल यादव के साथ लंबी बैठक की। इसके बाद सभी एक साथ चुनाव आयोग गए। चुनाव आयुक्त से मुलाकात के वक्त इन तीनों के साथ जयाप्रदा भी मौजूद थीं।
चुनाव आयुक्त के साथ करीब चालीस मिनट की मुलाकात के बाद मुलायम और शिवपाल बिना कुछ बोले घर के लिए निकल गए। इससे पहले मुलायम ने 5 जनवरी को बुलाए गए राष्ट्रीय अधिवेशन को रद्द कर दिया।
रामगोपाल यादव ने ‘साइकिल’ पर दावा जताने के लिए सोमवार को चुनाव आयोग से मुलाकात का वक्त मांगा था। आयोग ने उन्हें मंगलवार सुबह 11:30 बजे का वक्त दिया था। पहले रामगोपाल ने कहा था कि वे आयोग नहीं जाएंगे। बाद में मुलायम के आयोग जाने के बाद उन्होंने भी चुनाव आयोग जाने का फैसला किया।

Wednesday, December 28, 2016

धुलागढ़ : दंगाई लगा रहे थे पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा, पुलिस ने हिंदूओं से कहा था - दो मिनट में घर से भाग जाओ!




घरों को जलाने से पहले लूट ले गये थे सबकुछ
ओम प्रकाश सिंह
कोलकाता: भरी दोपहर के बीच हजारों की संख्या में उपद्रवी भीड़ पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाते हुये लोगों को घरों से खींचकर  पीट रही थी. कहीं लड़कियां बचने के लिए भाग रही थीं तो कहीं घर के बुजुर्ग अपनी जान बचाने के लिए छुप रहे थे. मोहम्मद (नबी) जयंति के बाद नारे-तकदीर-अल्लाह-हो- अकबर की गूंज के साथ लोगों के घरों में आग लगायी जा रही थी. महिलाएं बच्चों को गोद में समेटे अपनी इज्जत बचाते हुए इधर से उधर दौड़ रही थीं तो बच्चे रोते बिलखते अपने जलते घरों में छटपटा रहे थे. डरे-सहमें लोगों ने जब पुलिस को देखकर उनसे मदद की गुहार लगायी तो उनकी जान बचाने के वजाय पुलिस ने कहा था - दो  मिनट में यहां से भाग जाओ.
इसे पढ़कर शायद आप सोच रहे होंगे कि ये नजारा बंग्लादेश या पाकिस्तान अथवा कश्मीर घाटी का होगा जहां आतंकियों का बेलगाम समूह सरकारी सह पर वहां के गैर इस्लामी लोगों को पलायन करने को मजबूर कर रहे होंगे. लेकिन आपका अंदाजा बिल्कुल गलत है. यह नजारा पाकिस्तान, बंग्लादेश या कशमीर का नहीं है बल्कि देश की आजादी में अनगिनत क्रांतिकारियों की शहादत देने वाले बंगाल का है. उसी बंगाल का जहां से विवेकानंद ने पूरे विश्‍व को एकता का पाठ पढ़ाया था. उसी बंगाल का जहां बंटवारे के वक्त गुरु रवींद्रनाथ टैगोर ने राखी बांध-बांध कर मुस्लिमों को पाकिस्तान जाने से रोका था. उसी बंगाल का जहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी २००२ के गोधरा कांड के बाद भड़के दंगों को लेकर तो काफी क्रांतिकारी भाषण देती हैं, पर धुलागढ़ के किसी भी दंगाई को गिरफ्तार करने के वजाय उल्टे उन पत्रकारों पर केस दर्ज कर चुकी हैं जिन्होंने वहां के इसदृश्यके कुछ हिस्से मात्र को लोगों के सामने लाने की कोशिश की है.  
 बंगाल के हावड़ा के पास स्थित धुलागढ़ में दंगा हुए दो हफ्ते बीत चुके हैं, लेकिन लोगों में भय अब भी बना हुआ है. हिंसक भीड़ के हमलों से सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं और अब भी अपने घरों में लौटने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं. राज्य सरकार के सचिवालय से महज २० किमी की दूरी पर स्थित इस छोटे-से कस्बे में आज हर तरफ जले और टूटे हुए घर दिख रहे हैं. तमाम लोग यह इलाका छोड़कर भाग चुके हैं. धुलागढ़ दंगों पर जमकर राजनीति हो रही है, लेकिन इस उन्मादी हिंसा में सबकुछ गंवा देने वालों की मदद के बारे में कोई नहीं सोच रहा.
रामपद मन्ना और उनकी पत्नी सीमा उन कुछ लोगों में से हैं, जो किसी तरह हिम्मत जुटाकर अपने घर वापस आ गए हैं. सीमा बेसब्री से यह देखने में लगी हैं कि उनके घर में कुछ बचा भी है या नहीं. रामपद बताते हैं, ’अब हम यहां नहीं रह सकते, इसलिए हमने अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ली है. उस दिन पुलिस आई तो थी, लेकिन जब हमारे ऊपर हमला हुआ, तो पुलिस भी भाग खड़ी हुई. तीन सदस्यों के परिवार का पेट पालने वाले मन्ना नाई हैं. दंगे के दिन हिंसक भीड़ ने उनके गेट को तोड़ दिया और घर को तहस-नहस कर दिया. सीमा ने कहा, ’हम बहुत गरीब हैं. हमने अपने बेटे की पढ़ाई के लिए बड़ी मुश्किल से एक लैपटॉप खरीदा था, जिसे दंगाई उठा ले गए. यही नही, उन्होंने हमारे ६५,००० रुपये भी लूट लिए जो हमने एलआईसी में जमा करने के लिए रखे थे.
माध्यमिक के छात्र की सारी किताबें जला दी
बनर्जी पाड़ा में स्थित मन्ना के घर के बगल में ही मंडल परिवार रहता है. दो बच्चों की मां मैत्री मंडल कहती हैं कि पाकिस्तान जिंदाबादके नारे लगाते हुए हिंसक भीड़ उनके बेडरूम में आ गई और उनका मकान जला दिया. उन्होंने रोते हुए कहा, ’ मेरा बेटे को इस फरवरी में बोर्ड का एग्जाम देना है, लेकिन उन्होंने सब कुछ तबाह कर दिया. उसकी सभी किताबें जलकर नष्ट हो गई हैं. मेरा बेटा तबसे सदमे में है.
मैत्री ने बताया, ’पांच घंटे तक वे (दंगाई) उपद्रव करते रहे और पुलिस तब आई जब हमारा सबकुछ नष्ट हो चुका था. एक भी मंत्री हमारा हाल जानने नहीं आया.राजनीति तो सभी कर रहे हैं, लेकिन दंगापीड़ितों की मदद के लिए कोई सामने नहीं आ रहा. राज्य सरकार ने पीड़ितों के लिए महज ३५,००० रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है, लेकिन ज्यादातर लोगों का मानना है कि यह बेहद कम है. दंगे के बाद से धुलागढ़ में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात हैं और लोगों की आवाजाही पर अंकुश लगाया गया है. अभी कोई नहीं बता पा रहा है कि १२ दिसंबर को मुस्लिमों का त्योहार ईद-ए-मिलाद-उन-नबी मनाए जाने के बाद आखरि दंगों की शुरुआत कैसे हुई, लेकिन दंगा रोकने में पुलिस की नाकामी को लेकर हर तरफ आक्रोश है.

दिलीप खन्ना को जब यह पता चला कि दंगाई गांव के करीब पहुंच गए हैं तो उन्होंने खुद को एक कमरे के अंदर बंद कर लिया. उन्होंने बताया, ’जब पुलिस आई, तो उसने हम सबसे कहा कि दो मिनट में घर छोड़कर निकल जाओ ! वे तो दंगाइयों को हमारे घर तहस-नहस करने से भी नहीं रोक पाए. दंगाई मकान लूटते और जलाते रहे, जबकि पुलिस खड़े होकर तमाशा देखती रही.उनकी ३२ वर्षीय पड़ोसी शुभ्रा भी अपनी जान बचाने के लिए घर से भाग गई थीं. दंगाइयों ने उनके घर का एक हिस्सा जला दिया है, जिससे उन्हें एक मंदिर में शरण लेनी पड़ी है. उन्होंने बताया, ’उनके हाथ में पेट्रोल और केरोसीन के ड्रम थे और वे पूरी तरह से तैयार होकर आए थे. हमारे जेवरात और पैसे लूटने के बाद उन्होंने सबकुछ जलाकर खाक कर दिया. अब हम कहां जाएं.

Tuesday, December 27, 2016

राष्ट्रवाद का गढ़ रहे बड़ाबाजार में ऐसे हो रहा देशद्रोही कारोबार


आतंकविरोधी नोटबंदी पर पानी फेर रहे हैं यहां के जयचंदी

ओम प्रकाश सिंह
 कोलकाता : 200 सालों तक की गुलामी के दौर में बंगाल का बड़ाबाजार क्रांतिकारियों की शरण स्थली रहा है. यहां के पोर्ट इलाके से लेकर पोस्ता, मौजूदा हावड़ा ब्रिज का साइट हो या मालापाड़ा व भूतनाथ का गढ़, इन सभी इलाकों में बड़े-बड़े गोदाम होने की वजह से अंग्रेजों से लोहा ले रहे क्रांतिकारियों ने यहां छुपकर भारत को आजादी दिलाने का अमिट इतिहास रचा था लेकिन अब यहीं बड़ाबाजार का इलाका नोटबंदी के दौर में देश को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए हरेक हथकंडा अपना रहा है. व्यावसायिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए यहां ब्लैक मनी को व्हाइट करने से लेकर अवैध सोने व चांदी के खरीदारी व बिक्री भी धड़ल्ले से हो रही है. आश्‍चर्य तो इस बात का है कि देर रात दुकानों व दफ्तरों में घूम-धूम कर काले कारोबारियों के बेशर्म एजेंट यह कहते फिरते हैं कि कुछ कमिशन पर करोड़ो का कालाधन सफेद करवा देंगे पर यहां के अधिकतर लोग पुलिस को सूचित किये बिना इन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं. 
अभी कुछ ही दिनों पहले यह खुलासा हुआ था कि यहां के टैक्स कंसलटेंट संजय जैन ने यहां के सैकड़ों काले कारोबारियों के काले धन को बड़ाबाजार की एक्सिस बैंक में जाली खाता खुलवाकर सफेद करवा दिया था. वो तो सीधे तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय से निर्देशित जांच एजेंसियां सतर्क थी कि इन्हें दबोचा जा सका. इसके अलावा पूरे देश के काले कारोबारियों की नैया पार करने वाले पारसमल लोढ़ा के हावाला कारोबार का मुख्य केंद्र भी बड़ाबाजार ही था. इसके साथ ही नोटबंदी की घोषणा होते ही यहां के कारोबारियों ने 500 के पुराने नोट के बदले 400 व 1000 के बदले 800 रुपये देने शुरू कर दिये थे. कुछ दिनों तक ब्लैकमनी का यह गोरखधंधा भी धड़ल्ले से चला लेकिन जब ऑडिट रिपोर्ट को सौंपने की बात आयी और जब इनकम टैक्स ने इन्हें नोटबंदी के बाद जमा करवाये गये रुपयों की संख्या को फाइलिंग रिपोर्ट से मैच किया तो पता चला कि दोनों में काफी भिन्नता है. ऐसे में जब जांच होने पर जेल जाने का एहसास हुआ तो अब यहां के कुछ कारोबारियों ने अलग ही देशद्रोही खेल शुरू कर दिया है. सीमापार आतंकवाद व जालसाजी पर रोक लगाने के लिए केंद्र की नोटबंदी योजना पर पानी फेर रहे इन जयचंदियों की करतूतें अब राज्य के लोगों को शर्मिंदा कर रही हैं.
दरअसल पूरा देश अवैध हो चुके 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों से पीछा छुड़ाने के लिए बैंकों के आगे लाइन लगाकर खड़ा है। ऐसे में इन पुराने नोटों से जुड़ी कोलाकाता की कहानी हैरान कर देनेवाली है। पश्चिम बंगाल की राजधानी का ट्रेडिंग हब बड़ा बाजार में इन पुराने नोटों को इनकी कीमत से ज्यादा पैसे देकर खरीदा जा रहा है। यहां 500 रुपये के पुराने नोट के बदले 550 रुपये मिल रहे ह््ैं। इसी तरह 1000 रुपये के पुराने नोट 1100 रुपये में बिक रहे ह््ैं।
खबर के मुताबिक मंगलवार को बड़ा बाजार के दुकानों में तीन लोगों को नए नोटों के साथ देखा गया। इन लोगों को एक महीने पहले भी यहां देखा गया था, लेकिन तब ये 1000 रुपये के पुराने नोटों को 800 या 850 रुपये में खपा रहे थे। लेकिन, अचानक उलटी हुई इनकी रणनीति आम लोगों के पल्ले नहीं पड़ रही। हालांकि, इस सारे खेल को समझनेवाले बताते हैं कि ये उन छद्म कंपनियों (शेल कंपनीज) के करामात हैं जिन्हें अपनी बैलेंस शीट में कैश इन हैंड बढ़ाने की जरूरत होती है जिसमें बहुत ज्यादा कागजी कार्यवाही होती है। शहर की अकाउंटेंसी बिरादरी की नजर में यह 31 दिसंबर को खत्म हो रही तिमाही से पहले कागजों पर लेनदेन को सही ठहराने का तिकड़म है।
बैलेंस शीट में कैश इन हैंड का मतलब है कि कंपनी के पास नोटों या सिक्कों के रूप में कितने पैसे ह््ैं। आम बोलचाल में कहा जा सकता है कि कैश इन हैंड छोटे-छोटे खर्चों के लिए रखी जानेवाली नकदी रकम है जिसे बैंक में जमा नहीं करवाया जाता। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पैसे किसी ड्रॉअर में पड़े नहीं होते। 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की। उसके बाद से कोलकाता के व्यापारी समुदाय ने पुराने नोट को बदलने या इनका कुछ हिस्सा बैंकों में जमा करने की हर कोशिश की। तीसरी तिमाही के खत्म होने में महज 4 दिन बचे ह््ैं। ऐसे में उनके पास कैश इन हैंड दिखाने के लिए नकदी बहुत कम बची है। इनकम टैक्स अधिकारियों को पता चला है कि कई कंपनियों की बैलेंश शीट में बड़ी मात्रा में ’कैश इन हैंड’ दिखाया गया है जबकि हकीकत में उनके पास नकदी बहुत कम पड़ी है। अगर इन कंपनियों ने अपनी बैलेंस शीट में लंबे समय से कैश इन हैंड दिखाया है तो अनुमान लगाया जाता है कि इनके पास 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट भारी मात्रा में होंगे। लेकिन, आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक इन्हें 30 दिसंबर तक बैंकों में पुराने नोट जमा कराने होंगे। यही वजह है कि इनकी मांग अचानक बढ़ गई्।

राष्ट्रपति चुनाव में सामने बराक ओबामा भी खड़े होते तो हार जाते मुझसे : डोनाल्ड ट्रंप



वाशिंगटन: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि राष्ट्रपति चुनाव में उनके सामने बराक ओबामा भी खड़े होते तो उन्हें भी हार का मुंह देखना पड़ता. ट्रंप ने एक ट्वीट में कहा, ‘राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि उन्हें लगता है कि वह मुझसे जीत जाते. उन्हें यह कहना चाहिए, लेकिन मेरा कहना है कि नहीं बिल्कुल नहीं.’
ट्रंप का ट्वीट तब आया जब राष्ट्रपति ओबामा ने सीएनएन के प्रसारण में एक संदेश में कहा कि वह नवंबर में हुए आम चुनाव में ट्रंप को हरा सकते थे. अमेरिकी नियमों के मुताबिक किसी राष्ट्रपति का कार्यकाल चार-चार साल के लिए दो बार तक के लिए सीमित है. ओबामा पहली बार 2008 में निर्वाचित हुए थे और 2012 में वह दूसरी बार निर्वाचित हुए.
अपने पूर्व सहयोगी डेविड एक्सेलरोड को दिए साक्षात्कार में ओबामा ने कहा कि वह काल्पनिक तीसरे कार्यकाल के लिए ट्रंप को आसानी से हरा सकते थे. ओबामा ने आठ नवंबर को हुए आम चुनाव के वास्ते पूर्व विदेश मंत्री एवं राष्ट्रपति पद की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के लिए तूफानी प्रचार किया था. अक्सर उनकी रैलियों में राष्ट्रपति पद के अन्य उम्मीदवारों की रैलियों से ज्यादा भीड़ जुटी.

देहरादून में मोदी: कालेधन ने ही नहीं काले मन वालों ने देश बर्बाद किया




देहरादून: पीएम मोदी ने मंगलवार को उत्तराखंड में परिवर्तन रैली के दौरान नोटबंदी का विरोध करने को लेकर कांग्रेस पर एक बार फिर निशाना साधा। परेड ग्राउंड पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा नोटबंदी के फैसले से पल भर में आतंकवाद, ड्रग माफिया, अंडरवर्ल्ड, मानव तस्करों की दुनिया तबाह हो गई। पीएम मोदी ने नोटबंदी को सफाई अभियान बताते हुए कहा कि सिर्फ कालेधन ने ही नहीं, काले मन वालों ने भी देश को तबाह किया है।
चार धाम प्रॉजेक्ट का उद्घाटन करने आए पीएम मोदी ने कहा, '2014 में देश ने भरपूर समर्थन दिया। 30 साल बाद दिल्ली में पूर्ण बहुमत दिया। आपने मुझे चौकीदार बनाया है। अब मैं चौकीदारी कर रहा हूं तो कुछ लोगों को बुरा लग रहा है।' उन्होंने कहा कि नोटबंदी ने एक ही वार में नकली नोट, आतंकवाद, मानव तस्करी, ड्रग माफिया और अंडरवर्ल्ड की दुनिया को तबाह कर दिया।

अगर राहुल के पूर्वजों ने 60 साल मे देश का विकास कर दिया होता तो उन्हे भाषन की जरूरत ही नही पड़ती पर कुछ किया ही नही तो छॉंग्रेस अपने अच्छे कामों पर, मोदी सरकार के अच्छे कामों पर चुनाव लड़ना चाहती है, 
नोटबंदी के चलते लोगों को रही तकलीफ को लेकर मोदी ने कहा, ' मैं जानता हूं कि आपको बहुत तकलीफें झेलनी पड़ी हैं, पर फिर भी देश भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए उठ खड़ा हुआ है।' नोटबंदी को सफाई अभियान बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'यह सफाई अभियान है। देशवासियों ने मेरी मदद की। अगर देशवासियों का साथ न होता तो ये लोग पता नहीं क्या कर देते।'

पीएम मोदी बोले, 2014 के आम चुनाव से पहले कांग्रेस ने कहा कि अगर वह चुनाव जीत जाए तो नागरिकों को मिलने वाले 9 सिलेंडरों की संख्या को 12 कर दिया जाएगा। लेकिन जब बीजेपी जीती तो उसने गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले 5 करोड़ परिवारों को गैस कनेक्शन दिए। मोदी ने इसके बाद वन रैंक वन पेंशन को लेकर भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।

पीएम ने कहा, '40 साल से देश के जवान वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे थे। 40 साल तक जिस परिवार ने राज किया उनको कभी हमारे सेना के लोगों की इस मांग की याद नहीं आई। जब चुनाव आया और उनको लगा कि मोदी को सेना के प्रति विशेष प्रेम है, उस समय बजट में 500 करोड़ रुपये डाल दिया। जबकि इसका बजट 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है। 500 करोड़ डाल के देश के सेना के जवानों की आंखों में धूल झोंकने का काम हुआ।'

मोदी ने कहा, 'आज भी सरकारी नौकरी में मैरिट की जगह 'गांधी' (रिश्वत) जी चाहिए। हर चीज का दाम चलता था। मैंने भारत सरकार में निर्णय कर लिया। मैंने इंटरव्यू खत्म किया। जब मार्क्स आए हैं तो 30 सेकंड के इंटरव्यू में क्या किया जाता था? जो पैसे देता था उसको नौकरी मिलती थी। इस भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए भारत सरकार की नौकरी में हमने वर्ग तीन और 4 में इंटरव्यू खत्म किया। हमने राज्यों से भी कहा लेकिन उनको तकलीफ हो रही है। जैसे ही उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार बनेगी यह काम यहां भी हो जाएगा।'

Friday, December 23, 2016

शराबबंदी वाले गुजरात में 'वीआईपी' शराब पार्टी पर पुलिस का छापा, IPL के पूर्व कमिश्नर सहित 250 गिरफ्तार

वडोदरा: गुरुवार देर रात वडोदरा शहर के आउटस्कर्ट में आये अखंड फार्म हाउस पर पुलिस ने रेड की थी. पुलिस को जानकारी मिली थी कि यहां पर गैरकानूनी शराब की महफिल चल रही है. बता दें कि गुजरात में पूरी तरह शराबबंदी है. इस रेड में पुलिस ने 125 पुरुष और 124 महिलाओं को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किये गये लोगों में आईपीएल के पूर्व कमिश्नर और उद्योगपति चिरायु अमीन भी शामिल थे. साथ ही कई हाई प्रोफाइल लोग भी थे.
 
इन सभी को गिरफ्तार कर उनके खून का सैंपल लेकर आगे की कार्रवाई की गई है. पुलिस ने बताया है कि यह पार्टी किसी व्यक्ति की शादी से पहले की थी जिसमें बड़े पैमाने पर शराब परोसी गई थी. पुलिस को फार्महाउस की तलाशी में 110 बोतल विदेशी शराब और उतनी ही बीयर बोतल भी बरामद हुई है. यह फॉर्महाउस जीतेंद्र शाह का है और उनके खिलाफ गंभीर शराबबंदी की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है.

Wednesday, December 14, 2016

पुणे: बैंक लॉकर से मिली 10 करोड़ रुपये की अघोषित आय




आयकर विभाग के अधिकारियों की टीम ने बुधवार को पुणे में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की एक शाखा में छापा मारा। पुणे में पार्वती ब्रांच में मारे गए छापे में आईटी टीम ने 5 लॉकर खुलवाए। इन लॉकरों से करीब 10 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई। फिलहाल इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी जारी है। इनकम टैक्स अधिकारी अब इस मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं। इन लॉकरों के मालिकों की तलाश की जा रही है।
इनकम टैक्स विभाग ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि देशभर में कैश स्कैम के 36 मामलों में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की अघोषित आय का पता चला है। विभाग के मुताबिक 9 नवंबर से कर्नाटक और गोवा में अबतक 29.86 करोड़ रुपये कैश, 41.6 किलोग्राम सोना-चांदी, और 14 किलोग्राम गहना जब्त किया गया है।
पकड़े गए कुल कैश में 20.22 करोड़ रुपये 2000 के नए नोटों में मिले हैं। कर्नाटक में इनकम टैक्स के अधिकारियों ने उत्तरी बेंगलुरु के यशवंतपुरा अपार्टमेंट में रेड मारकर 2.89 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया। पकड़े गए कैश में 2.25 करोड़ रुपये 2000 के नए नोटों की शक्ल में था। मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया है। सीआईएसएफ के डीजी ओपी सिंह ने बताया कि नोटबंदी के बाद से विभिन्न एयरपोर्ट्स से 70 करोड़ रुपये का कैश और 170 किलो सोना जब्त किया गया है।