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Thursday, October 6, 2016

कलकत्ता हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला


मुहर्रम के कारण विसर्जन पर रोक को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य को जमकर लताड़ा
संभाल नहीं सकते तो सत्ता में रहने का अधिकार नहीं
रात तक होगा विसर्जन
कोर्ट ने सरकार से पूछा
इतने बड़े पूजा को तजिया के लिए क्यों रोका जा रहा है
अगर 15 अगस्त को ईद पड़े तो क्या रेड रोड की परेड रोक दी जायेगी
कोलकाता : बंगाल के गौरव के रूप में स्थापित दुर्गा पूजा को लेकर भी राज्य सरकार द्वारा तुष्टिकरण की राजनीति पर करारा प्रहार करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने सरकार को जमकर लताड़ लगायी है। दरअसल दशमी के दिन ही मुहर्रम का त्यौहार है। इस दिन शाम को मुस्लिम समुदाय तजिया निकालता है. इसे देखते हुये कोलकाता पुलिस ने एक सर्कुलेशन जारी करते हुये कहा था कि दशमी के दिन शाम 4 बजे के बाद मूर्ति विसर्जन नहीं किया जायेगा। पुलिस के इस नोटिफिकेशन को चुनौती देते हुये हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल करवायी गयी थी जिसपर गुरुवार को न्यायाधीश दीपंकर दत्ता की अदालत में सुनवायी हुई। इस दौरान राज्य सरकार के वकील अभ्रतोष मजुमदार को फटकार लगाते हुए पूछा कि किस आधार सरकार ने दशमी के दिन पूजा विसर्जन पर रोक लगायी है। आखिर तजिया को सुबह से निकालने का निर्देश क्यों नहीं दिया जाता। मुहर्म के कारम विसर्जन नींहोा क्या मतलब है। न्यायाधीश के इन तीखे सवालों से निरुत्तर हुये वकील ने कहा कि सरकार के पास शांति सुनिश्‍चित करने के लिए यही विकल्प बचा है। इसपर पुनः सवालों की बौछार करते हुये न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि अगर सरकार लोगों के आयोजनों को समान्य तरीके से सम्पन्न करवाने के वजाय उनपर रोक लगायेगी तो उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। इलाहाबाद का उदाहरण देते हुये न्यायाधीश ने कहा कि भारत का सबसे बड़ा ताजिया इलाहाबाद में निकाला जाता है। वहां दशहरा को लेकर तजिये को एक दिन बाद निकाला जाता है. बंगाल में दुर्गापूजा का इतना महत्व है फिर भी यहां सरकार का ऐसा रवैया चौकाने वाला है। इसके बाद न्यायाधीश ने साफ किया कि दशमी के दिन के लिए पुलिस ने जो निर्देशिका दी है वह मान्य नहीं होगा. इस दिन रात तक लोग आराम से विसर्जन कर सकते हैं और पुलिस को सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करना होगा. 

Friday, September 23, 2016

बुरहान वानी का स्तुतिगान खुद को दोषी ठहराना: भारत


न्यूयार्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में हिज्बुल के आतंकवादी बुरहान वानी की ‘प्रशंसा’ करने पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को फटकार लगाते हुये भारत ने कहा है कि एक आतंकवादी की इस मंच पर सराहना करके पाकिस्तान के नेता ने ‘खुद को दोषी ठहरा’ दिया है। विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा जैसे एक मंच पर एक राष्ट्र के नेता द्वारा ‘स्व प्रचारित आतंकवादी की सराहना’ करना ‘चौंकाने’ वाली घटना है। संयुक्त राष्ट्र में बुधवार को शरीफ के आम सभा को संबोधन पर यहां पर भारतीय संवाददाताओं को संबोधित करते हुये अकबर ने कहा, ‘‘हमने एक आतंकवादी के स्तुतिगान के बारे में सुना है। बुरहान वानी हिज्बुल मुजाहिदीन का स्वघोषित कमांडर था, यह संगठन एक आतंकवादी संगठन के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से जाना जाता है।’’
 अकबर ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का यह खुद को दोषी ठहराना है। हमने सिर्फ खतरे, धमकी से भरा एक भाषण सुना जिसकी व्याख्या केवल बढ़ती अपरिपक्वता और तथ्यों की पूर्ण उपेक्षा के रूप में की जा सकती है।’’ अपने करीब 20 मिनट के भाषण में लगभग आधे समय वह कश्मीर पर केन्द्रित रहे। शरीफ ने कश्मीरियों के स्वतंत्रता संग्राम के ‘प्रतीक’ के रूप में वानी की सराहना की।
 शरीफ ने कहा था कि भारत के ‘अवैध कब्जे से स्वतंत्रता की मांग’ को लेकर कश्मीरियों की एक ‘नयी पीढी़’ स्वत: ही उठ खड़ी हुयी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने आठ जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ एक मुठभेड़ में मारे गये वानी का हवाला एक ‘युवा नेता’ के रूप में दिया और कहा कि वह ‘‘ताजा कश्मीरी इन्तिफादा, एक लोकप्रिय और शांतिपूर्ण स्वतंत्रता आंदोलन के प्रतीक के रूप में उभरे हैं..।’’ भारत ने ‘बिना किसी शर्त’ के ‘एक गंभीर और ठोस’ बातचीत के शरीफ के आह्वान को भी दृढ़ता से खारिज कर दिया। अकबर ने कहा कि इस्लामाबाद ‘अपने हाथ में बंदूक’ लेकर बातचीत के बारे में बात कर रहा है। अकबर ने कहा, ‘‘इस समय लगता है कि एक सरकार द्वारा संचालित होने के बजाए पाकिस्तान एक युद्ध मशीन से चल रहा है। पाकिस्तान अपने हाथ में एक आतंकवादी बंदूक लेकर बातचीत करना चाहता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बातचीत और बंदूक एक साथ नहीं चल सकती है। बातचीत को लेकर हमारी स्थिति लगातार एक जैसी है। हम हमेशा बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन हम इस्लामाबाद की सरकार के ब्लैकमेल करने की रणनीति का शिकार नहीं होंगे जो आतंकवादियों और आतंकवाद को नीति के रूप में का इस्तेमाल करने का उत्सुक लगता है।’’
 शरीफ ने कहा था कि इस्लामाबाद ‘किसी भी मंच या तरीके और बिना किसी शर्त के साथ’ भारत के साथ ‘संयम और ईमानदारी के साथ सभी उपायों’ पर बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने भारत पर बातचीत में शामिल होने के लिए ‘अस्वीकार्य शर्तो’ पर अड़े रहने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान द्विपक्षीय परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि पर सहमति के लिए भी वार्ता को तैयार है। शरीफ के जम्मू कश्मीर ‘अधिकृत’ क्षेत्र में भारतीय बलों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के दावे को सिरे से खारिज करते हुये अकबर ने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में केवल एक ही कब्जा है और वह है जम्मू कश्मीर के एक हिस्से पर पाकिस्तानी सेना का कब्जा, जो कि भारत का हिस्सा है।’’ उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भी यह जानती है कि पाकिस्तान अपने ही लोगों के एक समुदाय विशेष का सफाया करने में लगा हुआ है। अकबर ने कहा, ‘पाकिस्तान अपनी जनता के विकास की कीमत पर युद्ध और आतंकवाद का लगातार उपयोग कर रहा है। पाकिस्तान के लोग एक दुर्भावनापूर्ण नीति की कीमत चुका रहे हैं।’’ भारत के साथ शांति के लिए ‘काफी कुछ’ करने की शरीफ की टिप्पणी पर अकबर ने कहा, ‘‘हमें कुछ नजर नहीं आता। काफी कुछ करने का सवाल ही नहीं उठता?’’ अकबर ने कहा कि पाकिस्तान को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रवैया और नीति पहले दिन से ‘एक ही’ है।

Wednesday, August 31, 2016

महानगर में हुई शर्मनाक वारदात,परिजनों के साथ सो रही मासूम को ओला कैब में उठाया, तीन घंटे तक करते बलात्कार व हत्या कर शव को नहर में फेंका


कोलकाता ः दिल्ली के दामिनी कांड को भी शर्मशार कर देने वाली घटना कोलकाता में घटी है| यहां बुधवार की सुबह ४ बजे के करीब दो ओला चालकों ने फुटपाथ पर अपने परिजनों के साथ सो रही मासूम को उठाकर कई दफे सामूहिक बलात्कार किया व उसके बाद गला दबाकर हत्या की तथा शव को एक नहर में फेंक दिया| पुलिस  ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है| उनकी पहचान गुड्डू सिंह (२२) व शंकर साव (२०) के रूप में हुई है| पुलिस ने इन दोनों को वाटगंज थाना इलाके से गिरफ्तार किया है| गुड्डू को राम गोपाल स्ट्रीट से सुबह ८ बजे गिरफ्तार किया गया| उसकी निशानदेही पर शंकर को सुबह ९.३० बजे कवि तिर्थ सरणी से पकड़ा गया है|
घटना के बारे में संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध-अतिरिक्त प्रभार) विशाल गर्ग ने बताया कि मंगलवार की सुबह दोनों आरोपियों ने डब्ल्यूबी ०४ एफ ८३७४ नम्बर की ओला कैब में सवार होकर ४ बजे के करीब ९ नम्बर ब्रैबर्न रोड पर बैंक ऑफ इंडिया के सामने अपने परिजनों के साथ फुटपाथ पर सो रही १२ वर्षिय मासूम को गाड़ी में उठाया| बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसका मामा पवन दास (६५) उठा व चिल्लाते हुए कार के पीचे बागा पर तेज गति से कैब ड्राइव करते हुए ये लोग बच्ची को लेकर फरार हो गये| उसके बाद सुबह ५ बजे के करीब मामा व अन्य परिजनों ने मामले की शिकायत थाने में दर्ज करवायी जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कैब की पहचान कर पहले गुड्डू को गिरफ्तार किया गया व उसकी निशानदेही पर शंकर को पकड़ा गया| दोनों से करीब दो छंटे तक पुछताछ की गया जिसके बाद इन लोगों ने बताया कि बच्च्ची का बलात्कार करने के बाद इनलोगों ने उसकी हत्या कर तिलजला खाल में फेंक दी है| आनन-फानन में पुलिस की टीम गोताखोरों के साथ जीजे रोड पर स्थित इस खाल में पहुंची व दोपहर १२.१५ बजे के करीब शव को निकाला| शव के शरीर पर कोई भी कपड़ा नहीं था| मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद यह पता चला है कि दोनों ने बच्ची के साथ कइ दफे सामूहिक बलात्कार किया| दोनों ने पहले से ही शराब पी रखी थी| बलात्कर करने के बाद दोनों ने बच्ची का गला दबाकर हत्या की व तिलजला खाल में फेंककर अपने-अपने घर आ गये| दोनों ने घटना में इस्तेमाल की गयी कैब को खिदिरपुर के पास सड़क किनारे छोड़ दी थी जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है|
सूत्रों से पता चला है कि पार्क सर्कस के पास से गुजरते वक्त जब लड़की ने चिल्लाने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसका गला दबा दिया| इसके बाद बच्ची की मौत हो गई थी| वे उसका शव लेकर अंबेडकर ब्रिज पर गए और वहां से लाश को नहर में फेंक दिया| पुलिस ने बताया कि बच्ची की मामा व मां द्वारा सुबह पांच बजे शिकायत दर्ज करवाने के बाद पुलिस ने ट्रैफिक कंट्रोल रूम को अलर्ट कर दिया था| इसके बाद कार का रजिस्ट्रेशन नंबर मिल गया| कार के मालिक से पूछने पर ड्राइवर का पता चल गया और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया| एक घंटे की पूछताछ के बाद उन्होंने अपना जुर्म कबूला और उस जगह की जानकारी दी जहां बच्ची का शव फेंका था|
बच्ची के परिजन फुटपाथ पर ही रहते हैं और घरों तथा आस-पास की दुकानों में बर्तन मांजने का काम करते हैं|

ओला ने जताया दुःख
घटना के बारे में ओला की ओर से एक ऑफिसियल स्टेटमेंट जारी कर दुःख व्यक्त किया गया है| ओला की ओर कहा गया है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही ओला की ओर से संलिप्त कैब का एकाउंट स्थगित कर दिया गया है| ओला ने जांच में प्रशासन की जांच में सहयोग का भरोसा दिया है| हालांकि ओला की ओर से यह भी दावा किया गया कि ओला कैब में ऐसी घटनाएं नहीं होती है पर सच्चाई इससे काफी दीगर है| इस घटना से ओला और ऊबर जैसी कैब सेवाओं पर सवाल खड़ा हो गया है| हालांकि कोलकाता में इस तरह की नृशंस घटना पहली बार सामने आई है| साल २०१५ के दिसंबर में दिल्ली में ओला ड्राइवर ने एक महिला को रेप किया था और उसे मारने की धमकी भी दी थी| इसके बाद मई २०१६ में एक ओला ड्राइवर द्वारा बेल्जियम की नागरिक के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने की घटना भी सामने आई थी|
पहले भी गिरफ्तार हो चुका है आरोपी पर फिर भी ओला में था ड्राइवर
घटना के बारे में पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी गुड्डू सिंह ओला में पिछले दो सालों से ड्राइवर था| यानी वह वर्ष २०१३ के अंच या २०१४ से ओला के लिए गाड़ी चला रहा था| पर स आश्‍चर्य इस बात का है वह छिनताई के केस में वर्ष २०१३ में गिरफ्तार होकर जेल भी जा चुका है| वह कई दिनों तक जेल में रहा बावजूद इसके वह ओला कैब का ड्राइवर कैसे बन गया यह अपने आप में सबसे बडा सवाल है| दरअसल ओला व उबेर सरीखी टैक्सी सेवाओं में ड्राइवरों की नियुक्ती से पहले उनका मनोचिकित्सकीय जांच होता है ताकि पता चल सके कि मानसीक रूप से उक्त व्यक्ति की प्रवृति कैसी है| इसके अलावा पुलिस में ड्राइवर की सीवी देकर पुरी छानबीन करने के बाद ही नियुक्ति होती है पर पेशेवर आपराधी होने के बावजूद गुड्डू कैसे ड्राइवर बन गया यह इन टैक्सी सेवाओं की कलई खोलने वाला है|
जबाब देने से कतराते रहे ओला ऑफिसियल्स
आरोपी अपराधी ड्राइवर को कैसे नियुक्त किया गया इस बारे में पूछने पर ओला के प्रतिनिधि जवाब देने से कतराते रहे| कलकत्त्ता के ऑपरेशन हेड नितेश प्रसाद को जब फोन किया गया तो उन्होंने घटना की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया| उन्होंने कहा कि वे शहर से बाहर हैं इस बारे में कम्यूनिकेशन हेड से बात किया जाये| कम्यूनिकेशन हेड सौमित्र सेन को जब फोन किया गया तो घटना के बारे में सुनकर फोन काट दिये व उसे बाद फोन ही नहीं उठाया|

Friday, July 22, 2016

ब्रिटेन जायेंगे भागवत, हिन्दुओं की सभा को करेंगे संबोधित


नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत अगले सप्ताह ब्रिटेन की यात्रा पर जायेंगे जहां उनको कई कार्यक्रमों में शिरकत करनी है। इस दौरान वह ब्रिटेन और यूरोप के हिन्दुओं की एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। बुधवार रात एक पुस्तक के विमोचन के लिए आयोजित कार्यक्रम से इतर भागवत ने बताया, ‘‘मैं ब्रिटेन में कई क्रायक्रमों में हिस्सा लेने के लिए 26 जुलाई को लंदन के लिए उड़ान भरूंगा।’’

हिन्दू स्वयंसेवक संघ (एचएसएस) के स्वर्ण जयंती पर आयोजित समारोहों के तहत भागवत हिन्दुओं की सभा में शामिल होंगे। आरएसएस सूत्रों ने बताया, ‘‘वह लंदन के बाहरी हिस्से ल्यूटन के करीब हर्टफोर्डशायर काउंटी शोग्राउंड में होंगे जहां 29 से 31 जुलाई तक महाशिविर का आयोजन किया जायेगा और जिसके साथ ही साल भर तक चलने वाले एचएसएस के स्वर्ण जयंती समारोहों की शुरुआत होगी।’’ उन्होंने साथ ही बताया कि पहली बार आरएसएस प्रमुख ब्रिटेन में हिन्दुओं की इतनी बड़ी सभा को संबोधित करेंगे।

कांग्रेस ने सरकार की आर्थिक नीतियों को बताया विफल


सरकार की आर्थिक नीतियों को विफल बताते हुए कांग्रेस के एक सदस्य ने आज कहा कि जब सत्तारूढ़ दल वोट मांगने जाएगा तो उसे कीमतों में वृद्धि को लेकर गृहिणियों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिस तेजी से दाम बढ़ रहे हैं, उससे आम आदमी के लिए गुजर बसर करना मुश्किल हो गया है। ‘‘भाजपा अच्छे दिन लाने का वादा कर सत्ता में आई थी लेकिन अब लोग कह रहे हैं कि हमारे पहले वाले बुरे दिन ही ले आएं।’’

तिवारी ने कहा कि रोजमर्रा की जरूरत की हर चीज महंगी हो गई है और कीमतों में वृद्धि जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष में बैठे कुछ लोगों ने खास लोगों से हाथ मिला लिया है जिसकी वजह से आज दालों की कीमत प्रति किलो 200 से अधिक हो चुकी है। महंगाई की वजह से सब्जियां खरीदना मुश्किल हो गया है। औद्योगिक विकास थम सा गया है। महंगाई की दर 5.77 फीसदी पहुंच गई और निर्यात में 18 मार्च से लगातार गिरावट ही आ रही है। सरकार के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, खुदरा क्षेत्र में महंगाई 22 माह में जून में सर्वाधिक 5.77 फीसदी हो गई है। तिवारी ने आरोप लाया कि सरकार की आर्थिक नीतियां पूरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि खुद भारतीय रिजर्व बैक के गवर्नर कह चुके हैं कि ब्याज दर कम करने की बात करने वाले बताएं कि कहां महंगाई कम हुई है। उन्होंने कहा कि महंगाई के चलते बड़ी संख्या में किसान और आम नागरिक आत्महत्या कर रहे हैं। सरकार को महंगाई रोकने के लिए तत्काल बड़े और ठोस कदम उठाने चाहिए। विभिन्न दलों के सदस्यों ने इस मुद्दे से स्वयं को संबद्ध किया।

मायावती पर अभद्र टिप्पणी के खिलाफ बसपा का प्रदर्शन


लखनऊ। भाजपा के पूर्व प्रान्तीय उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह द्वारा बसपा मुखिया मायावती के खिलाफ ‘अभद्र’ टिप्पणी किये जाने के विरोध में बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ताओं ने आज राजधानी लखनऊ के हजरतगंज में प्रदर्शन किया। इस दौरान बेहद तल्ख और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल भी किया गया। बसपा कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज स्थित अम्बेडकर प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया और सिंह को दलित एक्ट के तहत गिरफ्तार करने की जोरदार तरीके से मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे बसपा कारकुनों ने बेहद तल्ख और आपत्तिजनक भाषा वाले नारे लिखे बैनर और पोस्टर लहराये।

कार्यकर्ताओं ने सिंह का पुतला जलाते वक्त उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए उनके तथा उनके परिवार के प्रति बेहद आपत्तिजनक शब्दों भरी नारेबाजी की। पुतला जलाने के दौरान एक कार्यकर्ता की कमीज में आग लग गयी लेकिन समय रहते उसे बुझा दिया गया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि दयाशंकर सिंह ने बसपा मुखिया मायावती के प्रति निहायत आपत्तिजनक टिप्पणी कर सामंतवादी सोच का परिचय दिया है और अपनी पार्टी की जहनियत को जाहिर किया है। बसपा इसका करारा जवाब देगी। मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन करने के लिये प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे थे। उनके आने का सिलसिला बुधवार रात से ही शुरू हो गया था। जिला प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान यातायात व्यवस्था बनाये रखने के लिये व्यापक इंतजाम किये थे।

दयाशंकर सिंह ने मउ में संवाददाताओं से बातचीत में बसपा अध्यक्ष मायावती पर अभद्र टिप्पणी करते हुए उन पर ज्यादा से ज्यादा धन देने वालों को पार्टी का चुनाव टिकट बेचने का आरोप लगाया था। हालांकि मामला तूल पकड़ने पर सिंह ने माफी भी मांग ली थी। बहरहाल, उन्हें पार्टी उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था और देर रात उन्हें भाजपा से छह साल के लिये निकाल दिया गया था। इस बीच, बसपा ने पार्टी मुखिया मायावती के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के खिलाफ बुधवार देर रात राजधानी की हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। बसपा नेता मेवालाल गौतम की तरफ से दर्ज प्राथमिकी में सिंह के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निरोधक अधिनियम तथा भारतीय दंड सहिता की धाराएं लगायी गयी हैं।

कश्मीर में अशांति पाक प्रायोजितः राजनाथ सिंह


कश्मीर घाटी में अशांति के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि कश्मीरी हमारे अपने लोग हैं जिन्हें बरगलाया जा रहा है। लेकिन हम कश्मीरियत, जम्हूरियत एवं इंसानियत के साथ कश्मीर के हालात को सामान्य बनायेंगे और उसके गौरव एवं शोहरत को बहाल करेंगे। राजनाथ ने कहा कि गैर-घातक हथियारों के रूप में पेलेट गन का विकल्प तलाशने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जायेगा जो दो महीने में रिपोर्ट पेश करेगी। गृह मंत्री ने कहा, ''आज कश्मीर के हालात को बिगाड़ने में पड़ोसी देश की भूमिका है, उसे नकारा नहीं जा सकता। पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवाद को प्रायोजित कर रहा है। उसका नाम पाक है लेकिन उसकी सारी हरकतें नापाक हैं। वह भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है।’’

कश्मीर की स्थिति पर लोकसभा में नियम 193 के तहत हुई अल्पकालिक चर्चा का जवाब देते हुए राजनाथ ने कहा कि पाकिस्तान का निर्माण मजहब के आधार पर हुआ था। हम सोचते थे कि मजहब के आधार पर विभाजन के बाद वह शांति से रहेगा। लेकिन भारत में आतंकवाद पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद है। गृह मंत्री ने कहा कि मजहब के आधार पर विभाजन के बाद बना पाकिस्तान एकजुट नहीं रह सका और उसके दो टुकड़े हो गए। धर्म के आधार पर बने इस देश में आज अलग अलग तंजीमें आपस में लड़ रही हैं। खूनखराबा हो रहा है। उन्होंने कहा, ''भारत में रह रहे इस्लाम धर्म को मानने वाले लोगों की चिंता पाकिस्तान को करने की जरूरत नहीं है।’’

राजनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी की कविता का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को चेताया... ''चिंगारी का खेल बुरा होता है, औरों के घर में आग लगाने का सपना, अपने ही घर में खड़ा होता है।’’ कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा अधिक सख्ती और पेलेट गन का उपयोग किये जाने के कुछ सदस्यों के सवाल पर उन्होंने कहा कि आतंकवाद से सख्ती से निपटा जाएगा लेकिन भीड़ से निपटने के लिए गैर घातक हथियारों का उपयोग किया जाता है। पहले आंसू गैस या पानी की बौछार जैसे तरीके अपनाए जा सकते हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा, ''गैर-घातक हथियारों के रूप में पेलेट गन का विकल्प तलाशने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जायेगा जो दो महीने में रिपोर्ट पेश करेगी।’’ उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को अधिकतम संयम बरतने का निर्देश दिया गया है और उन्होंने इस क्रम में स्वयं ही सीआरपीएफ और बीएसएफ के शीर्ष अधिकारी से बात की है। मजबूरी में बल प्रयोग करना पड़े तो गैर-घातक हथियारों का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस चर्चा के बाद उनकी यह धारणा और दृढ़ हुई है कि कश्मीर में स्थिति को सामान्य बनाने के मुद्दे पर राजनीतिक सोच से ऊपर उठकर सभी राजनीतिक दल एकजुट हैं। कश्मीर में जो कुछ भी हुआ उससे उन्हें और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बहुत पीड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विदेश यात्रा के दौरान स्वयं अपनी तरफ से फोन करके उनसे कश्मीर के हालात के बारे में जानकारी ली। इसके बाद स्वदेश लौटने पर उन्होंने कश्मीर के मुद्दे पर ही सबसे पहली बैठक की।

राजनाथ ने कहा कि उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात कर राज्य की सुरक्षा स्थिति के बारे में कई बार चर्चा की है तथा वह मुख्यमंत्री तथा अन्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कश्मीर समस्या के समाधान के लिए तीन सूत्रों- कश्मीरियत, जम्हूरियत एवं इंसानियत पर ध्यान देने को कहा था। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रधानमंत्री एवं उनकी सरकार भी इन्हीं सूत्रों को ध्यान में रखते हुए कश्मीर मुद्दे का हल निकालने की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि कश्मीर की पहचान कश्मीरियत पर भी जोर देना होगा।

गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर मुद्दे के समाधान में हैवानियत का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के कर्मियों के मरने के बाद यदि कहीं जश्न मनाया जाए तो उसको स्वीकार नहीं किया जा सकता। कुछ लोग सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने का जश्न मनाने की विकृत सोच रखते हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कश्मीर में जान गंवायी है, उस पर हम सभी को अफसोस है। सिंह ने कहा कि कश्मीर में स्थिति सामान्य बनाने के लिए अधिकतम प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न दलों के नेताओं से भी बातचीत कर उनसे सुझाव लिए गये। वहां के लोगों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए वह खुद ही कश्मीर जाना चाहते थे। उन्होंने इस क्रम में मुख्यमंत्री महबूबा से बातचीत भी की और कहा कि वह अपनी यात्रा में नेहरू गेस्ट हाउस में रूकना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि महबूबा ने उनसे स्थिति थोड़ी सामान्य होने तक रूकने की बात की और कहा कि वह एक दो दिनों में दिल्ली आएंगी और फिर संवाद शुरू करने के तरीके पर विचार किया जाएगा। सिंह ने कहा कि वहां कुछ ताकतें नौजवानों को बरगलाने की कोशिश कर रही हैं और आजादी तथा जनमत संग्रह जैसी बातों को लेकर उन्हें उकसाती हैं। कश्मीर का नौजवान हमारा है और बरगलाए युवकों को सही रास्ते पर लाने की हम कोशिश करेंगे।

आतंकी बुरहान वानी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह हिजबुल का कमांडर था तथा सोशल मीडिया के जरिये लोगों को आतंकवाद के लिए उकसाता करता था। उसके खिलाफ विभिन्न जघन्य अपराधों के 15 से अधिक मामले दर्ज थे। सुरक्षाबलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर एक अभियान चलाया जिसमें वह तथा दो अन्य आतंकवादी मारे गये। उन्होंने कहा कि आतंकवादी को अदालत सजा देती है तो कुछ लोग उसे ‘‘न्यायिक हत्या’’ बताते हैं। इसके साथ ही सुरक्षाकर्मी की मौत पर जश्न की भी बात होती है। ऐसी विकृत मानसिकता पर रोक होनी चाहिए।

गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर में स्थिति सामान्य बनाने के लिए हम जो करेंगे, सबको साथ लेकर करेंगे और सबको साथ लेकर चलेंगे। उन्होंने कहा कि हम राजनीति में सरकार बनाने के लिए नहीं बल्कि देश बनाने के लिए आते हैं। कश्मीर के हालात हम सबको मिलकर सुधारने होंगे। और निश्चित तौर पर हम कामयाब होंगे। गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर में जो हुआ, उससे सभी को पीड़ा है। कश्मीर में सुरक्षा बलों को अधिकतम संयम बरतने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि कश्मीर में पहली बार पेलैट गन का प्रयोग नहीं किया गया। इसका उपयोग 2010 में भी किया गया था।

उन्होंने कहा कि कश्मीर में 2180 नागरिक घायल हुए हैं जिनमें से लगभग दो हजार को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी है। 125 नागरिकों का उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं में एक सुरक्षाकर्मी शहीद हुआ जबकि 38 नागरिकों की मौत हुई है। सुरक्षा बलों ने कश्मीर में आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने की पहल की है। इसका उदाहरण है कि 2012 में जहां 220 आतंकी घटनाएं हुईं जिसमें 15 नागरिक और 72 आतंकी मारे गए। 2015 में 205 आतंकी घटनाएं हुई जिसमें 17 नागरिक और 108 आतंकवादी मारे गए। इस वर्ष अब तक 52 आतंकी घटनाएं हुई जिसमें ताजा घटना से पहले तक 5 नागरिक और 86 आतंकी मारे गए।

गुजरात में पीड़ित दलितों से मिले राहुल, जताई शर्मिंदगी


मोटा समाधियाला। राहुल गांधी ने आज उन दलित परिवारों से मुलाकात की जिन्हें एक मृत गाय की खाल उतारने के लिए पीटा गया था। गांधी ने उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। पीड़ितों के एक रिश्तेदार के मुताबिक, राहुल गांधी ने परिजनों के साथ करीब 40 मिनट बिताए और कहा कि इस तरह की घटनाएं भारत में हो रही हैं, इससे वह ‘शर्मिंदा’ हैं। कांग्रेस नेता कुमारी शैलता और गुरुदास कामत के साथ यहां आए राहुल ने पीड़ितों के परिजनों के साथ चाय भी पी।

उल्लेखनीय है कि 11 जुलाई को गिर-सोमनाथ जिले के उना कस्बे के निकट इस सुदूर गांव में कथित रूप से मृत गाय की खाल उतारने के लिए दलित युवकों की बेरहमी से पिटाई कर दी गई थी। पीड़ितों के रिश्तेदार जीतू सरवइया ने राहुल गांधी के जाने के बाद संवाददाताओं को बताया, ''हमने उन्हें (राहुल) वह सब कुछ बताया जो मेरे भाई और चाचा के साथ घटित हुआ था। उन्होंने हमारी बातें धैर्यपूर्वक सुनीं और हमें हर तरह की मदद का आश्वासन दिया जिससे हमें न्याय मिल सके।’’ उसने कहा, ''राहुल जी ने शर्मिंदगी जताई कि इस देश में इस तरह की घटनाएं अब भी हो रही हैं और उन्होंने किसी भी आपात स्थिति में संपर्क करने के लिए अपना व्यक्तिगत नंबर दिया।’’

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी केन्द्र शासित दीव के पास विमान से उतरने के बाद बालूभाई सरवइया और उनके परिजनों से मिले। बालूभाई सहित उनके परिवार के सात सदस्यों की पिटाई की गई थी। भावनगर जिले में एक कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे जीतू ने कहा, ''उन्होंने हमसे मुद्दों और हमारे गांव में किए जा रहे भेदभाव के बारे में सवाल पूछे। हमने उन्हें बताया कि यहां छुआछूत की प्रथा अब भी मौजूद है क्योंकि हमें दूसरों से दूर रखा जाता है।’’

''हमने उनसे मांग की कि इस घटना में शामिल लोगों को कठोर सजा मिलनी चाहिए और आजीवन जेल में डाला जाना चाहिए अन्यथा वे फिर से यह कृत्य किसी और के साथ करेंगे।’’ उसने कहा, ''हमने उन्हें यह भी बताया कि जब गउ कार्यकर्ता मेरे भाइयों को पीट रहे थे तो पुलिस हमारी मदद के लिए नहीं आई। मृत गायों की खाल उतारने के लिए बेरहमी से पिटाई किए जाने के बाद हमारे परिवार ने चमड़े का धंधा छोड़ने का निर्णय किया है, हम श्रमिकों की तरह काम करेंगे, लेकिन इस पारंपरिक पेशे में नहीं आएंगे।’’ जीतू ने कहा, ''हमने अपने परिवार की माली हालत का जिक्र करते हुए अपने बच्चों की शिक्षा के लिए उनसे वित्तीय मदद भी मांगी ताकि भविष्य में हमारे बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो सकें।’’ बाद में राहुल गांधी राजकोट के लिए रवाना हो गए जहां पिटाई से घायल पीड़ितों का इलाज चल रहा है। गुजरात कांग्रेस के विधायक शैलेश परमार ने बाद में कहा कि राहुल पीड़ितों के परिवार को मदद के तौर पर 5 लाख रुपये देंगे। दलितों पर हमले के संबंध में अभी तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि ड्यूटी में लापरवाही बरतने के लिए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

Saturday, July 16, 2016

तुर्की में सेना विद्रोह में फंसे ब्रात्य बसु सहित कई टॉलीवुड के कलाकार

कोलकाता :  तुर्की में सैनिक विद्रोह के कारण अशांति का माहौल है। इस अशांत माहौल में तुर्की के शहर इस्तानबुल में राज्य के मंत्री व अभिनेता ब्रात्य बसु सहित टॉलीवुड के कई कलाकार फंसे हुए हैं। बताया जाता है कि फिल्म की शूटिंग के लिए 42 सदस्यीय कलाकारों का दल फिल्म के डायरेक्टर विरसा दासगुप्त के नेतृत्व में इस्तानबुल गया हुआ है। इस दल में अभिनेता यश दासगुप्त, गौरव एवं अभिनेत्री मिमि चक्रवर्ती भी शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार,फिल्म डायरेक्टर विरसा दासगुप्त ने बताया कि यूनिट के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और शहर के एक होटल में पूरी टीम ठहरी है। सुबह 12 बजे उनकी शूqटग शुरू होनी थी लेकिन फिलहाल सब कुछ स्थगित कर दिया गया है। भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से वहां फंसे भारतीयों को हिदायत दी गयी है कि वे अपने घर में ही रहें, कहीं बाहर न निकलें। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रमुख विकास स्वरूप ने बताया कि तुर्की स्थित भारतीय दूतावास को यह निर्देश दिया गया है कि वे वहां फंसे भारतीयों को रास्तों और भीडभाड वाले इलाकों में नहीं जाने का परामर्श जारी करें। परिस्थित के सामान्यहोने तक घर में ही रहने की हिदायत दी गयी है।

Friday, July 15, 2016

यूपी विधानसभा चुनाव : शीला दीक्षित होंगी पार्टी की मुख्‍यमंत्री उम्‍मीदवार

नई दिल्‍ली/लखनऊ : तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस ने अगले साल की शुरूआत में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का उम्मीदवार घोषित कर दिया। पार्टी ने कहा कि शीला को उनके अनुभव और दिल्ली में 15 साल तक सरकार चलाने के दौरान उनके अच्छे काम की वजह से यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उत्तर प्रदेश में पार्टी मामलों के प्रभारी महासचिव गुलाम नबी आजाद ने कहा कि दिल्ली में लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहने के दौरान शीला की अच्छी साख को देखते हुए उन्हें पार्टी का चेहरा बनाने का फैसला किया गया। चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सिफारिश की थी कि शीला को एक बड़े ब्राह्मण चेहरे के तौर पर पेश कर राज्य में पार्टी के चुनाव प्रचार में बड़ी भूमिका निभाने देना चाहिए ताकि वोटों के लिहाज से अहम ब्राह्मण समुदाय का समर्थन कांग्रेस को फिर से हासिल हो सके।
पंजाबी खत्री परिवार में जन्मीं 78 साल की शीला उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे उमा शंकर दीक्षित की पुत्रवधु हैं। उमा शंकर दीक्षित राज्य के बड़े ब्राह्मण नेता थे जिन्होंने केंद्रीय मंत्री एवं राज्यपाल के तौर पर लंबे समय तक सेवाएं दी। साल 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) के उदय के साथ ही दिल्ली में मुख्यमंत्री के तौर पर शीला का सफर खत्म हुआ। पिछले दिनों अभिनेता और पूर्व सांसद राज बब्बर को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने के पार्टी के फैसले के बाद शीला को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी के साथ पार्टी के एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आजाद ने कहा, ‘उनके अनुभव और अच्छे काम को पार्टी ने उनकी सबसे बड़ी विश्वसनीयता माना।’ पार्टी ने उत्तर प्रदेश के लिए समन्वय समिति और प्रचार समिति की भी घोषणा की। समन्वय समिति की अगुवाई संजय सिंह करेंगे जबकि प्रचार समिति की कमान प्रमोद तिवारी को सौंपी गई है।
इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने पर शीला ने पार्टी नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया और कहा कि प्रियंका काफी लोकप्रिय नेता हैं। मेरी गुजारिश होगी कि वह पूरे राज्य में चुनाव प्रचार करें। उत्तर प्रदेश में अपने लिए ‘बड़ी चुनौती’ होने की बात स्वीकार करते हुए शीला ने कहा कि कांग्रेस पूरे आत्मविश्वास के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी और भाजपा, सत्ताधारी समाजवादी पार्टी और बसपा से एकसमान तरीके से मुकाबला करेगी।
शीला को ऐसे दिन मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया जब दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने कथित तौर पर हुए 400 करोड़ रूपए के पानी के टैंकर घोटाले के सिलसिले में उन्हें नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के लिए कहा। शीला ने एसीबी की कार्रवाई को ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया।
कांग्रेस का मानना है कि ब्राह्मण जाति से संबंध रखने वाली शीला को उत्तर प्रदेश में प्रचार का चेहरा बनाने से पार्टी इस समुदाय का समर्थन फिर से हासिल कर सकती है। कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक रहा ब्राह्मण समुदाय मंदिर-मंडल राजनीति के उभार के बाद मुख्य रूप से भाजपा के पक्ष में चला गया था। मायावती की बसपा को भी अतीत में ब्राह्मणों का वोट अच्छी-खासी संख्या में मिलता रहा है। मध्य एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई सीटों पर ब्राह्मणों का समर्थन चुनावी नतीजों को प्रभावित करता है।