बिहार में सियासी अटकलों को मिली नई हवा, केंद्रीय मंत्रिमंडल को लेकर जदयू ने NDA के सामने रखी शर्त

बिहार का सियासी पारा चरम पर है। राजद, भाजपा, हम और वीआइपी की ओर से आ रहे बयानों के बीच जदयू ने शनिवार को नई हवा दे दी है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान चाहता है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने इसको लेकर बयान दिया है। पत्रकारों से बात करते हुए आरसीपी ने एनडीए के साथियों को सम्मान करते हुए मंत्रिमंडल में स्थान मांगा है। 

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमें पता चला है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनडीए का हिस्सा जदयू भी है। ऐसे में मंत्रिमंडल के विस्तार में जदयू को भी तरजीह मिलनी चाहिए। आरसीपी सिंह ने कहा कि गठबंधन के साथियों को सम्मान मिलना चाहिए। आरसीपी के बयान से देश से लेकर बिहार की राजनीति को नई हवा मिल गई है। जदयू किसे केंद्र में भेजना चाहता है यह तो साफ नहीं है, लेकिन सुगबुगाहट तेज हो गई है।

एनडीए में हैं जदयू के 16 सांसद

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा चल रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में बदलाव संभव है। ऐसे में बिहार से जदयू ने भी अपनी हिस्सेदारी जाहिर कर दी है। अभी एनडीए गठबंधन में जदयू के 16 सांसद हैं। पिछली बार कैबिनेट विस्तार के समय जदयू के शामिल होने की चर्चा थी मगर अंत में बात नहीं बनी। कहा जाता है कि उस समय आरसीपी सिंह के मंत्री बनने की बात थी, मगर ऐसा नहीं हुआ।

बीजेपी और मांझी की पार्टी कर रही कटाक्ष

गौरतलब है कि बिहार एनडीए में भी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। गठबंधन के साथी बीजेपी और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) इशारों-इशारों में एक दूसरे पर कटाक्ष कर रहे हैं। शुक्रवार को हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी की राजद विधायक तेजप्रताप यादव से मुलाकात हुई थी। बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप ने कहा था कि अगर मांझी महागठबंधन में आना चाहें तो उनका स्वागत है। वहीं मांझी ने गठबंधन से बाहर होने की सभी अटकलों को विराम लगा दिया था। 


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