बिहार में राजद ने झामुमो की राजनीति खत्म की, अब नीतीश पर टिप्पणी कर रहे : भाजपा


रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि जिस पार्टी की राजनीतिक हत्या बिहार में राजद की ओर से कर दी गई, वह आखिर किस मुंह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक हत्या की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि झामुमो को बिहार की राजनीति पर टिप्पणी करने से पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद उनकी समीक्षा बैठक का क्या हुआ।

साह ने गुरुवार देर रात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बिहार चुनाव में बिना लड़े हार का सामना करने के बाद झामुमो ने बड़े-बड़े दावे किए थे कि चुनाव परिणाम के बाद इंडी गठबंधन की विस्तृत समीक्षा की जाएगी और आगे की रणनीति तय होगी। लेकिन हकीकत यह है कि समीक्षा तो दूर, आज स्थिति यह है कि हर दूसरे दिन कांग्रेस के नेता ही झामुमो को कोसते और कटघरे में खड़ा करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि झामुमो यह बताए कि राजद कोटे के मंत्री को बाहर करने की बात कब तक पूरी होगी, या फिर बिहार चुनाव के दौरान दिए गए सारे बयान केवल जुमलेबाजी थे।

साह ने आगे कहा कि बिहार में नेतृत्व और राजनीतिक फैसलों को लेकर जो भी निर्णय हुआ है, वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का सामूहिक और लोकतांत्रिक निर्णय है। बिहार की जनता ने एनडीए को जनादेश दिया है और उसी जनादेश के अनुरूप सभी दलों की सहमति से निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की मिसाल है, जहां नीतीश कुमार ने स्वयं और अपनी पार्टी के भीतर सर्वसम्मति से निर्णय लिया।

इसके विपरीत, जेएमएम पर निशाना साधते हुए अजय साह ने कहा कि झामुमो के पेट में दर्द इसलिए हो रहा है क्योंकि वह खुद एक परिवार की ओर से संचालित प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलने वाली पार्टी है, जहां लोकतंत्र नहीं बल्कि परिवारतंत्र चलता है। वहां निर्णय कार्यकर्ताओं या संगठन की सहमति से नहीं बल्कि एक ही परिवार की इच्छा से लिए जाते हैं।

अंत में अजय साह ने विश्वास जताते हुए कहा कि आने वाले समय में बिहार में एनडीए और अधिक मजबूती के साथ उभरेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार विकास की रफ्तार को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बिहार में जनता ने जंगलराज का सफाया किया, उसी तरह बहुत जल्द झारखंड से भी जंगलराज की राजनीति का अंत होगा और राज्य में सुशासन और विकास की नई शुरुआत होगी।

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