बिहार : खाद्य संरक्षा विभाग की भगवान के भोग पर भी नजर, पटना महावीर मंंदिर के नैवेद्यम की करा रही हाइजीन रेटिंग

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSI) के निर्देशानुसार बहुत जल्द पटना के महावीर मंदिर (Mahaveer Temple Patna) में चढ़ाए जाने वाले नैवेद्यम को हाइजीन रेटिंग मिल जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के आदेश पर पटना के पदाधिकारी ने मानक के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए एजेंसी आजाद एग्रो को फरवरी के पहले ये कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं। एजेंसी के अनुसार अब तक 75 फीसद कार्य पूरे हो चुके हैं, अधिकतम फरवरी तक नैवेद्यम को हाइजीन रेटिंग मिल जाएगी। इसके बाद पटना के ही तख्‍त हरि मंदिर पटना साहिब (Takhta Hari Mandir Patna Sahib) में बिकने वाले प्रसाद पिन्नी की भी रेटिंग की जाएगी।

खाद्य संरक्षा विभाग की भगवान के भोग पर भी नजर

खाद्य संरक्षा विभाग के पदाधिकारी अजय कुमार के अनुसार एफएसएसआइ होटल व रेस्त्रां में परोसे खाने के साथ भगवान को चढ़ाए जाने वाले भोग की भी हाइजीन रेटिंग करा रही है। इसकी जिम्मेदारी इंदौर की एजेंसी आजाद एग्रो को सौंपी गई है। इस रेटिंग से यह साबित होगा कि भगवान का प्रसाद या होटल का खाना हमारी सेहत के लिए कितना सुरक्षित है। पहले चरण में भोग के तहत महावीर मंदिर का नैवेद्यम और हरि मंदिर के प्रसाद पिन्नी की रेटिंग की जाएगी। इसके बाद पटना के होटलों व रेंस्‍त्राओं मौर्या, पाटिलपुत्र कांटिनेंटल, गार्गी ग्रैंड, पनास, द बिरयानी मॉल आदि की रेटिंग भी की जाएगी।

होटल-रेस्त्रां में हाइजीन रेटिंग के लिए 48 दिशा-निर्देश

एफएसएसआइ ने होटल-रेस्त्रां में व्यंजन बनाने और परोसने के क्रम में हाइजीन सुनिश्चित करने के लिए 48 तरह के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यही नहीं इनका अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए होटल-रेस्त्रां संचालकों को प्रशिक्षण दिलाने के लिए इंदौर की एक एजेंसी को भी नियुक्त की है। यह एजेंसी प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मानक के अनुरूप व्यवस्था कराने के बाद हर वर्ष सभी व्यंजन औश्र उन्हें बनाने की गुणवत्ता जांच कर हाइजीन प्रमाणपत्र देगी। वहीं यदि कोई होटल-रेस्त्रां संचालक मानक के अनुरूप तय समय में सुधार नहीं करता है , विभाग उन प्रतिष्ठानों को स्थायी या अस्थायी रूप से बंद करा सकती है।

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