तेहरान/तेल अवीव/वॉशिंगटन: अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्लाह खामेनेई की मौत से पूरी दुनिया में हलचल मच गई है। हमले में खामेनेई के साथ ईरान के रक्षा मंत्री और रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख की मौत दुनिया भर में मिश्रित प्रतिक्रिया हुई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खामेनेई को महान नेता बताते हुए कहा कि खामेनेई की हत्या करने वालों ने मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों का उल्लंघन किया है। चीन ने इस कृत्य को नामंजूर बताया। इस घटनाक्रम के बीच अयातुल्ला अलीरेजा को ईरान का अंतरिम सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। हमले के दूसरे दिन भी दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होता नहीं दिख रहा। ईरान की पलटवार की धमकी पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐसा नहीं करने की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसा किया गया तो ऐसा हमला किया जाएगा जो पहले कभी नहीं देखा गया।
अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। रविवार सुबह ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी ने कहा कि इस हमले में खामेनेई की शहादत हो गई। हमले में खामेनेई की बेटी, पोता, बहू और दामाद भी मारे गए हैं। इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने हमले में मारे गए ईरान के सैन्य अधिकारियों की पहचान उजागर की है। इनमें सर्वोच्च सैन्य अधिकारी अली शमखानी और आईआरजीसी के कमांडर मोहम्मद पाकपुर प्रमुख हैं। आईडीएफ ने कहा कि हमले में ईरान के मिलिट्री इमरजेंसी हेडक्वार्टर में इंटेलिजेंस के चीफ सलाह असदी और प्रमुख सैन्य अफसर मोहम्मद शिराजी की भी मौत हो गई है। खामेनेई की मौत पर 40 दिनों का राजकीय शोक और सात दिनों का सरकारी अवकाश घोषित किया गया है।
1979 में इस्लामी क्रांति के बाद ईरान के पहले सर्वोच्च नेता बने आयतुल्लाह खुमैनी के साल 1989 में निधन के बाद अयातुल्लाह अली खामेनेई को देश का दूसरा सर्वोच्च नेता चुना गया। 28 फरवरी, 2026 को अपनी मौत तक साढ़े 36 साल तक उन्होंने इस पद को संभाला।
ट्रंप ने दी खामेनेई की मौत की खबर
इससे पहले शनिवार रात हमले में खामेनेई की मौत की खबर सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर देते हुए लिखा, "इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक खामेनेई मर गया है।" अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि जब तक ईरान में शांति स्थापित नहीं हो जाती, तब हमला जारी रहेगा।
ईरान के लोग जबतक आजाद नहीं होते सैन्य कार्रवाई होगीः इजराइल
हमले में खामेनेई की मौत संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान से कुछ घंटे पहले ही इजराइली और अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया था कि हमले में खामेनेई मारे गए हैं। इजराइल ने कहा कि अमेरिका के साथ संयुक्त सैन्य अभियान के शुरुआती हमलों में लक्षित किए गए 30 प्रमुख नेताओं में से कई मारे गए।
इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि यह सैन्य कार्रवाई तब तक चलेगी जब तक ईरान के लोग आजाद नहीं हो जाते। इस बीच इजराइल का एयरस्पेस बंद कर दिया गया है।
संयुक्त राष्ट्रसंघ और सुरक्षा परिषद् को पत्र लिखकर अवगत कराया
ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव और और संयुक्त राष्ट्रसंघ सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले से अवगत कराया है। अराघची ने कहा कि इस हमले के जवाब में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान यूनाइटेड नेशंस के चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत सेल्फ-डिफेंस के अपने अंदरूनी और कानूनी अधिकार का इस्तेमाल कर रहा है।
इजराइल को बदला लेने का अधिकारः राष्ट्रपति पेजेश्कियन
इजराइल-अमेरिकी हमले में अपने सर्वोच्च नेता की मौत के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि हमें बदला लेने का पूरा अधिकार है। यह मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की घोषणा है। खामेनेई की हत्या इस्लामी देशों के लिए परीक्षा की घड़ी है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि ईरान इस्लामिक रिपब्लिक के इतिहास का सबसे खतरनाक हमला शुरू करने जा रहा है।
ईरान की बदले की धमकी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा-"ईरान ने कहा है कि वे आज बहुत जोरदार हमला करेंगे, इतना जोरदार जितना उन्होंने पहले कभी नहीं किया लेकिन बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं तो हम उन पर ऐसा जोरदार हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखा गया।"
ईरान की तरफ से कई जगहों पर हमले
खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों के मारे जाने के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार सुबह संयुक्त अरब अमीरात के शहर दुबई पर हवाई हमला किया। इस हमले में जेबेल अली इंटरनेशनल एयरपोर्ट का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। कतर के दोहा में भी ऐसे ही धमाके हुए हैं।
उधर, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने रविवार दोपहर पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर स्काईलाइट पर हमला किया। यह हमला उस वक्त किया गया, जब तेल टैंकर स्काईलाइट ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। इस दाैरान जहाज पर सभी 20 क्रू मेंबर्स को निकाल लिया गया, जिनमें 15 भारतीय नागरिक और 5 ईरानी नागरिक शामिल थे। क्रू के चार मेंबर्स को चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए ले जाया गया है।
इजराइल का ईरान पर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने का आरोप
इजराइल ने ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। इजराइल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ओरेन मार्मोरस्टीन ने रविवार को कहा कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलें रिहायशी इलाकों पर गिर रही हैं, जिसे उन्होंने “युद्ध अपराध” करार दिया। प्रवक्ता ने कहा कि हमले के स्पष्ट संकेत बताते हैं कि लक्ष्य कोई सैन्य प्रतिष्ठान नहीं,बल्कि नागरिक इलाका था। उन्होंने दावा किया कि हमले में बच्चे, बुजुर्ग और विदेशी नागरिक प्रभावित हुए हैं। मॉर्मरस्टीन ने कहा कि इजराइल की सैन्य कार्रवाई केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बना रही है, जबकि ईरान नागरिक क्षेत्रों पर हमले कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजराइल का विवाद ईरानी जनता से नहीं,बल्कि तेहरान के शासक तंत्र से है।
अलीरेजा बने अंतरिम सर्वोच्च नेता
खामेनेई की मौत के बाद अयातुल्ला अलीरेजा को ईरान का अंतरिम सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। अलीरेजा अभी गार्डियन काउंसिल के सदस्य हैं। वे राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और मुख्य न्यायाधीश के साथ मिलकर तब तक देश का कार्यभार संभालेंगे जब तक 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' नए स्थाई सर्वोच्च नेता का चुनाव नहीं कर लेती।
दुनिया भर में प्रतिक्रिया
खामेनेई की मौत के मुद्दे पर रूस और चीन ने ईरान के साथ एकजुटता दिखाते हुए इसे अस्वीकार्य ठहराया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खामेनेई को महान नेता करार देते हुए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बातचीत की। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि खामेनेई की हत्या करने वालों ने मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के मानदंडों का उल्लंघन किया है।
चीन ने कहा कि वार्ता के दौरान अमेरिका और इजराइल का हमला गलत है। चीन ने इस कृत्य को नामंजूर बताया।
ईरान पर हमले का विरोध
ईरान पर अमेरिका-इजराइल हमले के विरोध में पाकिस्तान के कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर उपद्रव कर रही प्रदर्शनकारियों की भीड़ पर अमेरिकी सुरक्षाकर्मियों ने गोलियां चला दीं, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य घायल हो गए। घटना को लेकर इस्लामाबाद स्थित यूएस दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बयान जारी कर अपने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
भारत में भी ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की अमेरिका-इजरायल हमले में मौत से शिया समुदाय में काफी गुस्सा और गम देखा जा रहा है। इसके विरोध में देश के शिया बहुल क्षेत्रों कारगिल, लद्दाख, लखनऊ, बिजनौर आदि शहरों में शिया मुसलमान सड़कों पर उतरे और राजधानी दिल्ली में भी प्रदर्शन किया।

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