लंबी लड़ाई की ओर बढ़ा US चुनाव, टकराव जारी रहा तो नतीजे में लग सकता है लंबा वक्त!

 

अमेरिका का राष्ट्रपति कौन होगा? इस सवाल के जवाब का इंतजार हर कोई कर रहा है, ना सिर्फ अमेरिका बल्कि दुनिया की नजरें भी इस ओर हैं. लेकिन अभी तक जो संकेत मिल रहे हैं उससे साफ हो गया है कि अमेरिका में चुनावी नतीजे इतने आसानी से घोषित होने नहीं जा रहे हैं. जिसकी उम्मीद पहले से ही थी. शुरुआती रुझानों में जो बाइडेन आगे चल रहे हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने कह दिया है कि वो चुनाव जीत चुके हैं. 

ऐसे में अब ये लड़ाई अदालत और सीनेट के हवाले होती दिख रही है. क्योंकि अगर किसी भी उम्मीदवार ने मौजूदा नतीजों को नहीं माना, तो अमेरिकी इतिहास में ऐसी परिस्थिति खड़ी हो सकती है जो अभी तक सामने नहीं आई है. 

अभी क्या है अमेरिका की स्थिति?

आपको बता दें कि अमेरिका के लोगों ने तीन नवंबर को मतदान किया है और मतदान खत्म होते ही गिनती शुरू हो गई है. मौजूदा डाटा के मुताबिक, जो बाइडेन करीब 238 इलेक्टोरल वोट पा चुके हैं जबकि डोनाल्ड ट्रंप के खाते में 213 वोट ही मिल पाए हैं. लेकिन, अभी ये सिर्फ शुरुआती आंकड़ा है और अंतिम आंकड़ा इससे काफी अलग हो सकते हैं. जीत का जादुई आंकड़ा 270 है.

1. इस बार चुनाव नतीजों में इतनी देरी क्यों?

दरअसल, अमेरिकी चुनावी इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दस करोड़ के करीब वोट सिर्फ मेल-इन के जरिए डाले गए हो. यानी इलेक्शन डे से पहले ही दस करोड़ लोगों ने मतदान कर दिया. जबकि इस बार के चुनाव के लिए कुल 16 करोड़ वोटरों ने ही रजिस्ट्रेशन करवाया था, ऐसे में आधे से अधिक वोट मेल के जरिए ही डाले गए हैं. 

अब अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स की मानें, तो कुछ राज्यों ने अभी सिर्फ उन वोटों को ही गिना है जो 3 नवंबर को डाले गए हैं. यानी राज्यों ने अभी मेल-इन वोटों को नहीं खोला है. हालांकि, जो छोटे राज्य हैं वहां दोनों वोटों की गिनती हो रही है. यही कारण है कि मौजूदा नतीजों को कोई अंतिम नहीं मान रहा है और मेल-इन वोटरों को गिने जाने तक इंतजार करना पड़ रहा है. मेल-इन वोटों की पूरी काउंटिंग होने में कई दिनों का वक्त लग सकता है.

2. अदालती लड़ाई की ओर बढ़ा अमेरिका चुनाव?

सिर्फ वोटों की गिनती ही नहीं बल्कि नतीजों को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं. क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि कुछ राज्यों में वोटों की गिनती गलत हो रही है, ऐसे में वो सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं. यानी कुछ राज्यों के नतीजों को लेकर अदालती लड़ाई शुरू हो सकती है, जवाब में जो बाइडेन की टीम ने कह दिया है कि उनकी लीगल टीम तैयार है और अदालती लड़ाई मंजूर है. अगर ऐसा होता है तो नतीजों के लिए काफी दिनों की सुनवाई हो सकती है. 

3. अगर टाई हो गया अमेरिकी चुनाव तो ?

अभी के रुझानों में जो बाइडेन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुकाबला कांटे का चल रहा है. ऐसे में ये भी अंदेशा है कि अंत में मुकाबला टाई हो सकता है क्योंकि अब दोनों ही पार्टियां कुछ राज्यों में लीड कर रही हैं. अगर इलेक्टोरल वोट 269-269 पर जाकर रुकते हैं तो फिर हर किसी की नज़रें अमेरिकी सीनेट पर टिकी रहेंगी. 

हाउस ऑफ रिप्रेंजटेटिव सबसे पहले उपराष्ट्रपति पद का चुनाव करेगा, फिर वोटिंग के जरिए पूरी सीनेट अंत में राष्ट्रपति को चुनेगी. लेकिन इस प्रक्रिया में वक्त लग सकता है और पूरे नतीजे आने में दिसंबर तक का इंतजार करना पड़ सकता है. 

बता दें कि अमेरिका में लोगों की वोटिंग के बाद जो इलेक्टर्स चुने जाते हैं, वो ही राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं. 14 दिसंबर को अमेरिकी सीनेट में वोटिंग होगी, जहां 538 इलेक्टर्स नए राष्ट्रपति का चुनाव करेंगे. इनमें बहुमत के लिए 270 का आंकड़ा चाहिए.


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