कोरोना रोकथाम के नाम पर 1 लाख जुर्माना, नए अध्यादेश से हेमंत सरकार की फजीहत


कैबिनेट में आधी-अधूरी तैयारियों के साथ अध्यादेश लाना सरकार के लिए भारी पड़ रहा है। आम लोगों के पास यह संदेश ज्यादा प्रचलित हो रहा है कि मास्क नहीं पहनने पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा। सरकार चाहकर भी इसे रोक नहीं पा रही है और अब जल्द ही इसका संशोधित स्वरूप सभी के सामने होगा। इसमें स्पष्ट तौर पर अंकित होगा कि किस अपराध के लिए कौन सा जुर्माना लगेगा और सजा की मियाद कितनी होगी।

फजीहत के बाद स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग आपस में एक-दूसरे पर फेंकाफेंकी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग तर्क दे रहा है कि मास्क लगाकर चलने का निर्देश आपदा प्रबंधन विभाग ने दिया है तो आपदा प्रबंधन इससे इन्कार कर रहा है। बहरहाल, स्वास्थ्य विभाग इस अध्यादेश के तहत अलग-अलग अपराधों में जुर्माने की राशि तय करने में जुटा है।

झारखंड में अध्यादेश पारित होने के बाद इस खबर की चर्चा पूरे देश में हो रही है। लोग जुर्माने की रकम पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष को भी बैठे-बिठाए एक मुद्दा मिल गया है। सूत्रों की मानें तो इस मामले और मैट्रिक-इंटर में टॉपर छात्रों को पुरस्कार देने के मामले में मंत्रियों ने भी सुधार करने का परामर्श दिया था। लेकिन इन परामर्शों को दरकिनार कर दिया गया।

सीनियर नेताओं ने कहा कि अभी अधिकतम जुर्माने की राशि तय हुई है, सभी अपराधों के लिए धीरे-धीरे जुर्माना तय होगा। टॉपर छात्रों के मामले में दो मंत्रियों का तर्क था कि पुरस्कार सरकारी स्कूल के बच्चों को ही मिले लेकिन बहुमत इस पक्ष में रहा कि राज्य का नाम रोशन करनेवाले छात्रों को पुरस्कृत करना चाहिए।

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