दिल्ली में 30 जून तक लॉकडाउन लगाने की मांग को लेकर HC में लगाई गई याचिका


राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 30 जून तक लॉकडाउन लगाने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है. इस याचिका में कहा गया है कि देश की जनसंख्या के हिसाब से देखा जाए, तो दिल्ली में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में लॉकडाउन को खोले जाने से दिल्ली में स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती है.

इस याचिका में कहा गया कि दिल्ली सरकार खुद इस बात को कह रही है कि जुलाई तक दिल्ली में कोरोना के साढ़े पांच लाख मामले हो जाएंगे. इस वक्त लॉकडाउन को खत्म कर देना आम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के साथ-साथ उनकी जान को भी जोख़िम में डालने वाला है. इसके अलावा याचिका में कहा गया कि सरकार और पुलिस की तैयारियां लॉकडाउन खुलने के बाद उससे पैदा हुई स्थिति से निपटने लायक नहीं दिख रही हैं.

दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में ही लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन नहीं कर रहे हैं. याचिका में कहा गया कि केंद्र और राज्य सरकार की सबसे पहली जिम्मेदारी आम लोगों को सुरक्षित रखना है. लॉकडाउन को बिना किसी तैयारी के खत्म करके आम लोगों के लिए दिल्ली को असुरक्षित कर दिया गया है. देश और दिल्ली के नागरिक होने के नाते आम जनता के पास यह उनका मौलिक अधिकार है कि सरकार उनको सुरक्षित माहौल दे.

इस याचिका में यह भी कहा गया कि लॉकडाउन दोबारा लगाने के साथ साथ दिल्ली में हवाई सफर को भी बंद किया जाना चाहिए. बाहर से आ रहे लोगों के चलते दिल्ली में कोरोना के संक्रमण और तेजी से बढ़ने की आशंका है. याचिका में कहा गया कि खुद दिल्ली सरकार यह कह रही है कि उसके पास सभी मरीजों को मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं हैं.

दूसरी तरफ लॉकडाउन को खोलकर दिल्ली में कोरोना के मरीजों के लगातार बढ़ने का इंतज़ार किया का रहा है. सरकार जब कोरोना मरीजों को इलाज तक देने में सक्षम नहीं है, तो ऐसे में लॉकडाउन को खत्म करके कोरोना को भयंकर रूप से दिल्ली में पनपने का मौका क्यों दिया जा रहा है?

याचिका में कहा गया कि खुद दिल्ली हाईकोर्ट सरकारी अस्पतालों में सरकारों की बदइंतजामी और मरीजों की परेशानियों को लेकर सवाल खड़ा कर चुका है. अस्पतालों में इलाज न मिल पाने के चलते दिल्ली में मरीजों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. दोबारा लॉकडाउन करने की मांग करने वाली यह याचिका वकील अंकित वर्मा द्वारा लगाई गई है. अब दिल्ली हाईकोर्ट इस याचिका पर 12 जून को सुनवाई करने जा रहा है.

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