लॉकडाउन में सरकार ने दी राहत, लेकिन इन इलाकों में रहेंगे दुकानों के 'शटर डाउन'


कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए देश में 3 मई तक लॉकडाउन लागू है. मगर इस बीच, सरकार ने एक बड़ी राहत देते हुए शनिवार से सभी तरह की दुकानों को खोलने की अनुमति दी है. इसमें जरूरी और गैर-जरूरी सामान की दुकानें शामिल हैं. इन दुकानों में काम करने वालों को लॉकडाउन के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा. हालांकि गृह मंत्रालय ने शॉपिंग मॉल्स और मार्केट कॉम्प्लेक्स को खोलने की इजाजत नहीं दी है.

गृह मंत्रालय ने 15 अप्रैल को जारी अपने आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि लॉकडाउन में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दुकानें और स्थापना अधिनियम के तहत पंजीकृत व नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में मौजूद आवासीय परिसरों और निकट पड़ोस (गली-मोहल्ले) की दुकानों के साथ ही स्टैंड अलोन दुकानें खोलने की अनुमति होगी.

हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन में छूट नहीं

मंत्रालय ने ये भी साफ किया है कि हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन में किसी तरह की छूट नहीं दी गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पहले ही कह चुके हैं कि राहत आपके हाथ में है. यानी जिन इलाकों में कोरोना संक्रमण का खतरा नहीं होगा या जहां कोरोना वायरस के केस नहीं होंगे, उन इलाकों को राहत मिलेगी.

इन नियमों का करना होगा पालन

बहरहाल, आदेश में यह भी साफ किया गया है कि दुकानों में 50 फीसदी कर्मचारी ही काम करेंगे. उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क पहनना होगा और लॉकडाउन की शर्तों का पालन करना होगा. 24 मार्च से बंद गली-मोहल्ले की दुकानें सरकार के इस फैसले से खुल जाएंगी. इससे लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.

मल्टी, सिंगल ब्रांड मॉल्स में छूट नहीं

मल्टी और सिंगल ब्रांड के मॉल्स में मौजूद दुकानों को ये छूट नहीं मिलेगी. मतलब मॉल्स में दुकानें नहीं खुलेंगी. नगर निगम क्षेत्र में आस-पड़ोस की दुकानें खोलने की अनुमति होगी. लेकिन निगम क्षेत्र में मार्केट परिसर में मौजूद दुकानें 3 मई तक बंद रहेंगी.

बता दें कि कोरोना हॉटस्‍पॉट और कंटेनमेंट जोन में आने वाली दुकानों को अभी खोलने की छूट नहीं मिली है. लॉकडाउन के दौरान सिर्फ जरूरी सामान वाली दुकानों को ही खोलने की इजाजत थी. इसमें राशन, सब्‍जी और फल की दुकानें शामिल हैं.

गृह मंत्रालय की शर्तें

गृह मंत्रालय के मुताबिक, आवासीय कॉलोनियों के समीप बनी दुकानों और स्टैंड-अलोन दुकानों को खोलने की इजाजत दी गई है जो नगर निगमों और नगर पालिकाओं की सीमा के भीतर आती हों. लेकिन इस इजाजत के साथ कुछ शर्तें भी लागू हैं.

-सिनेमा हॉल, मॉल्स, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार और ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल जैसी जगहें नहीं खुलेंगी.

-ग्रामीण और अर्ध ग्रामीण इलाकों में बाजार खुल सकेंगे.

-शहरी इलाकों में मार्केट कॉम्प्लेक्स मसलन दिल्ली के नेहरू प्लेस, लाजपत नगर जैसे बाजार नहीं खुल सकेंगे.

-शहरी इलाकों में आवासीय क्षेत्र में बनी दुकानें खुल सकेंगी.

-ग्रामीण इलाकों में गैर जरूरी सामान बेचने वाली सभी दुकानें खुल सकेंगी.

-सभी दुकानें संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना अधिनियम के तहत पंजीकृत होनी चाहिए.

-दुकानों में सिर्फ आधा स्टाफ ही काम कर सकेगा.

-स्टाफ द्वारा मास्क लगाना अनिवार्य होगा.

-दुकानदार और ग्राहक को शारीरिक दूरी जैसे उपायों को भी निभाना होगा.