केंद्रीय पर्यवेक्षक दल ने डुमरजला क्वारांटाइन सेंटर का लिया जायजा


युवा शक्ति टीम 
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हावड़ा : दोपहर तक बैठे रहने के बाद, केंद्रीय पर्यवेक्षक कोरोना की स्थिति का निरीक्षण करने के लिए आखिरकार बाहर निकल गए। वे शाम 4 बजे हावड़ा के लिए रवाना हुए। इससे पहले, उन्होंने कठोर भाषा में राज्य सरकार को दो पत्र भेजे थे। जैसे ही पत्र सामने आये, राज्य सरकार के एक प्रतिनिधि ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों से संपर्क किया। उसके बाद, सभी ने स्थिति का निरीक्षण करने के लिए बीएसएफ गेस्ट हाउस से निकल गये। सबसे पहले वे हावड़ा के डुमरजला स्टेडियम में क्वारांटाइन केंद्र पहुंचे। यहां लगभग आधा घंटा रहने के बाद वे वहां से उलूबेरिया के संजीवनी अस्पताल चले गये। प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय पर्यवेक्षक शुक्रवार सुबह से राज्य प्रतिनिधिमंडल का इंतजार कर रहे थे। लेकिन दोपहर तक राज्य का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं गया। राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं था ऐसी स्थिति में उन्हें कौन कोरोना सेंटरों की स्थिति का निरीक्षण करने के लिए ले जाएगा। इसके बाद ऐसी स्थिति में, केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने राज्य सरकार को दो पत्र भेजे। उन दो कड़े पत्रों में उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में कई कमियों की ओर इशारा किया था। पत्र मिलते ही राज्य सरकार हरकत में आया और उसके बाद राज्य सरकार का एक प्रतिनिधि उनके पास पहुंचा। 

गौर करनेवाली बात यह थी जिस वक्त वे स्थिति का जायजा ले रहे थे उस वक्त कोलकाता पुलिस को केन्द्र से दूर रखा गया था। शुरू से ही, कोरोना की स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य के बीच संघर्ष जारी था। पिछले दिनों राज्य में दो केंद्रीय दल पहुंचे हैं, एक कोलकाता और दूसरा सिलीगुड़ी में। 
उल्लेखनीय है कि हावड़ा, शिवपुर, गोलाबाड़ी, मालीपांचघड़ा थाना क्षत्रों में कोरोना संक्रमितों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसके अलावा सांकराइल, बाली-जगाछा ब्लाक में भी कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का पता चला है। गुरुवार को दो चिकित्सा विषेशज्ञों ने हावड़ा जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मिलकर व्यवस्था और कड़ी करने के परामर्श दे गये हैं। इन दिनों सामूहिक रूप से लोगों के संक्रमित होने की घटना में इजाफा हुआ है। वहीं दूसरी ओर राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने बताया था कि हावड़ा में कोरोना की समस्या नजर आने पर भी पहले की अपेक्षा अभी कम है।