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कोरोना से मरने वालों के परिजनों को अब नहीं मिलेंगे 4 लाख, सरकार ने वापस लिया फैसला


कोरोना वायरस से मरने वालों के परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवजा देने के फैसले को सरकार ने वापस ले लिया है. इससे पहले मोदी सरकार ने कोरोना वायरस से मौत होने पर स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फंड से मृतकों के परिजनों को 4 लाख की मुआवजा राशि देने का ऐलान किया था. भारत सरकार के जॉइंट सेक्रेटरी संजीव कुमार जिंदल ने अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि अब स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फंड के तहत कोरोना वायरस के इलाज में होने वाले खर्च को दिया जाएगा. इसका मतलब यह है कि अब अगर कोई कोरोना वायरस की चपेट में आता है, तो उसके आइसोलेशन और जांच से लेकर इलाज तक में होने वाला खर्च ही सरकार देगी. स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फंड से धनराशि देने का फैसला भी राज्य सरकार करेगी.

चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस को भारत सरकार आपदा भी घोषित कर चुकी है. भारत में अब तक कोरोना वायरस के 89 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 10 मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो लोगों की मौत हो गई. कोरोना वायरस से एक मौत कर्नाटक में हुई है, जबकि दूसरी मौत दिल्ली में हुई है.

भारत ने 15 अप्रैल तक सभी वीजा किए सस्पेंड

भारत ने 15 अप्रैल तक सभी वीजा सस्पेंड कर दिए हैं. अलग-अलग राज्य सरकारों ने अपने स्तर पर पाबंदियां लगा दी हैं. राजनयिक, सरकारी, संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, एम्प्लॉयमेंट और प्रोजेक्ट वीजा को छोड़कर सभी वीजा 15 अप्रैल तक नहीं दिए जाने का फैसला किया गया है.

ओसीआई कार्डधारकों या प्रवासी भारतीय नागरिकों को दी जाने वाली वीजा मुक्त यात्रा की सुविधा पर भी 15 अप्रैल तक के लिए रोक लगा दी गई है. फ्रांस, जर्मनी और स्पेन के नागरिकों के नियमित और ई-वीजा पर रोक लगा दी गई है. चीन, साउथ कोरिया, जापान, इटली पर ऐसी रोक पहले ही लगा दी गई थी.


अमेरिका और स्पेन में आपातकाल घोषित

अमेरिका और स्पेन ने तो कोरोना वायरस के चलते राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर चुका है.