अनुशासन और दृढ़ प्रतिज्ञा की पर्याय है भारतीय सेना : राजनाथ सिंह


देहरादून : रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय सेना अनुशासन और दृढ़ प्रतिज्ञा का पर्याय है. उत्तराखंड के जवानों का हौसला सबसे ऊंचा है. इसके सामने सब बौना पड़ जाता है. वीर चंद सिंह गढ़वाली के अलावा अन्य वीरों की बहादुरी की गाथा सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने यह बातें उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शनिवार को चीड़ बाग स्थिति शौर्य स्थल का लोकार्पण के अवसर पर कहीं.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शौर्य स्थल पर उत्तराखंड के वीरगति प्राप्त योद्धाओं को पुष्प चक्र अर्पित करते हुए कहा कि हमारे सैनिकों के हौसलों ने हमेशा दुश्मनों को चित किया है. दुश्मन के पास पहले अधिक हथियार होते थे लेकिन हमारे जवान उनको धूल चटा देते थे. आज भारत का कद ऊंचा हुआ है. आज भारत बोलता है तो सारी दुनिया आंख खोलकर सुनती है. आज भारत की शक्ति को बखूबी दुनिया देख रही है.

रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि बहादुर जवान देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और हर संकट से उबार सकते हैं. उन्होंने कहा कि देश में विभिन्न क्षेत्र के लोग राष्ट्र कार्य में योगदान दे रहे हैं. आज से वेटर्नर्स के सम्मान की परंपरा प्रारंभ से रही है. हमारे सैनिक राष्ट्र की रक्षा के साथ-साथ अन्य सेवा कार्यों को भी महत्वपूर्ण और प्रभावी ढंग से निभाते हैं. उन्होंने कहा कि कई जन्मों के अच्छे कार्य के बाद जवान बनने का मौका मिलता है. इनको आदर के साथ यानी देवी दुर्गा की तरह देखना है. बहादुर सैनिकों ने देश की अखंडता-संप्रभुता औऱ हमारे स्वाभिमान ने बचा रखा है. वह परिवार, समाज बहुत भाग्यशाली होता है जो सैनिक को पाता है.

उन्होंने कहा कि जवानों के साथ रहने पर संतोष मिलता है. आज का वॉरियर कल का वेटर्न्स है. सरकार की जिम्मेदारी है इनकी हितों पर काम करें. अगर कोई समस्या है, तो उस पर काम किया जाएगा. यह महीना भीष्म पितामह से जुड़ा है. उनके अनुशासन की तरह सेनाएं भी सख्त अनुशासन के साथ काम करती हैं. उत्तराखंड अपने यहां के साथ जरूरत पड़ने पर अन्य देशों को खाद्यान्न देता है. राष्ट्रीय सुरक्षा को चाक चौबंद रखने में देश की ऊंचाई बड़ी भूमिका है. सभी को त्योहारों की शुभकामनाएं देता हूं.

उन्होंने कहा कि 7 साल पहले वेटर्न्स यह कार्यक्रम करने का फैसला किया गया था. उस समय में मैं पहली बार जयपुर गया था. उन्होंने कहा कि जब इस कार्यक्रम की रूपरेखा बनी तो मुझसे कहा गया कि देहरादून में बहुत सर्दी है, उस समय मैंने उन्हें बताया कि गृहमंत्री रहने के दौरान मैं माइनस 14 डिग्री तापमान में रहा हूं. ऐसे में मुझे सर्दी की कोई चिंता नहीं रहती. जहां भी वेटर्न्स कार्यक्रम होगा, वहां मैं जरूर पहुंचूंगा.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारा सम्मान है कि केंद्रीय रक्षामंत्री ने चीड़बाग स्थित इस शौर्य स्थल को लोकार्पित करने का कार्य किया है. उन्होंने उत्तराखंड के जवानों और उनके शौर्य की भी चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जवानों का लोहा पूरा विश्व मानता है.

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री धामी के साथ शौर्य स्थल का अवलोकन किया और शहीदों के परिजनों से भी भेंट की. कार्यक्रम में उनके साथ सीडीएस ले.ज. अनिल चौहान, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सांसद मालाराज लक्ष्मी शाह तथा पूर्व राज्य सभा सांसद तरुण विजय और मेजर जनरल संजीव खत्री उपस्थित थे.