डोमिनिका मैजिस्ट्रेट कोर्ट से मेहुल चोकसी को झटका, खारिज हुई जमानत याचिका, ऊपरी कोर्ट में करेगा अपील

डोमिनिका की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट (Dominica magistrate court) ने पीएनबी घोटाने के आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) के देश में अवैध प्रवेश के मामले में उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। डोमिनिका के उच्च न्यायालय के आदेश के बाद हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को देश में अवैध रूप से घुसने के आरोपों का जवाब देने के लिए मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया।

चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि वो अब ऊपरी अदालत का रुख करेंगे। इससे पहले चोकसी के वकील ने दावा किया था कि उसे एंटीगुआ और बारबुडा से अपहरण कर जबरन कैरीबियाई देश में लाया गया। उनके मुवक्किल पुलिस हिरासत में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा और उसे एंटीगुआ और बारबुडा वापस भेज दिया जाए। चोकसी को भारत लाने के लिए सीबीआई के एक उपमहानिरीक्षक के नेतृत्व में विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों की एक टीम डोमिनिका में मैजूद है।

मेहुल चोकसी का मामलाा सोमवार को अदालत के सामने लाया गया था। कोर्ट ने तीन घंटे से अधिक समय तक विचार-विमर्श करने के बाद बंदी प्रत्यक्षीकरण के आवेदन को गुरुवार सुबह 9 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया था। सुनवाई के दौरान डोमिनिकन जज बर्नी स्टीफेंसन ने कहा कि भगोड़े कारोबारी को डोमिनिका में अवैध प्रवेश के आरोपों का जवाब मजिस्ट्रेट कोर्ट में देना होगा।

गौरतलब है कि हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी 23 मई की रात खाने के लिए बाहर जाने के बाद से ही एंटीगुआ से लापता हो गया था। चोकसी वहां 2018 से एक नागरिक के रूप में रह रहा था। बाद में उसे पड़ोसी डोमिनिका में अवैध रूप से प्रवेश करने पर हिरासत में लिया गया था। चोकसी पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में भारत में वांछित है।