Jammu Kashmir: रतनूचक्क में सेना की ब्रिगेड हैडक्वार्टर पर उड़ते दिखे दो ड्रोन, तलाशी अभियान जारी

रतनूचक्क इलाके में बीती देर सेना की ब्रिगेड हैडक्वार्टर पर दो ड्रोन को उड़ता हुआ देखा गया है। इस घटना के तुरंत बाद क्षेत्र में तलाशी अभियान छेड़ दिया गया है।

जानकारी के अनुसार बीती रात सेना की ब्रिगेड हैडक्वार्टर के नजदीक 23.50 से लेकर 00.15 बजे के बीच सेना ने हवा में रंग-बिरंगी रोशनी से लैस दो ड्रोन को उड़ते देखा। करीब 50 से 75 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे इस ड्रोन के उपरांत क्षेत्र में सेना और पुलिस ने तलाशी अभियान छेड़ दिया है। अन्य विवरण प्रतीक्षारत हैं।

यह जग जाहिर है कि पाकिस्तान कश्मीर में किसी भी तरह से शांति स्थापित नहीं होने देना चाहता है। यही वजह है कि पाकिस्तान ने भले ही सीमा संघर्ष विराम का ऐलान पिछले तीन महीनों से अधिक समय से कर रखा है लेकिन ड्रोन की मदद से जम्मू-कश्मीर के सीमांत क्षेत्रों में नशों की खेप और हथियार पहुंचाकर पाकिस्तान, भारत की पीठ पर छूरा घोंपने के काम को अंजाम दे रहा है। जिस समय सेना के जवानों ने ब्रिगेड हैडक्वार्टर के ऊपर से ड्रोन को मंडराते देखा तो उन्होंने तुरंत ड्रोन पर फायरिंग कर दी। कुछ ही समय के उपरांत ड्रोन वहां से गायब हो गया।यहां यह बताना जरूरी है कि बीती रात को रतनूचक्क और कालूचक्क नामक जिस स्थान पर दो ड्रोन देखे गए वहां पर सेना की 68वीं आमर्ड, 82 आमर्ड का हैडक्वार्टर है।

इसी बीच आज रतनूचक्क जिसे कालूचक्क के नाम से भी जाना जाता है, में सुबह से ही तलाशी अभियान जारी है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक बढ़ा दिया गया है।

गौरतलब है कि रविवार तड़के पाकिस्तान ने ड्रोन की मदद से जम्मू के टेक्निकल एयरपोर्ट में दो बम के धमाके किए थे। हालांकि इन धमाकों से किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ था। वायु सेना के दो कर्मी मामूली रूप से घायल हुए थे। एयरपोर्ट पर ड्रोन की मदद से बम विस्फोट की घटना देश में अपनी तरह की पहली आतंकी घटना है। इस हमले के उपरांत सुरक्षा एजेंसियां सकते में आ गई हैं। देश की तमाम जांच एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंच गई हैं।