नारद स्टिंग केस: सीबीआई की कार्रवाई, कैबिनेट मंत्री फिरहाद हकीम सहित 5 लोग गिरफ्तार

नारद स्टिंग केस में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) की कार्रवाई से पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल आ गया है. भारी संख्या में केंद्रीय बलों के जवानों के साथ सीबीआइ के अधिकारियों ने ममता बनर्जी की कैबिनेट के मंत्री फिरहाद हकीम समेत 5 लोगों को उनके घर से उठा लिया है. फिरहाद का आरोप है कि सीबीआइ ने उन्हें गिरफ्तार किया है.

हालांकि, सीबीआइ का कहना है कि नारद स्टिंग केस में जांच एजेंसी को सोमवार (17 मई) को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करनी है. इसलिए फिरहाद हकीम, मदन मित्रा, शोभन चटर्जी, एसएमएच मिर्जा समेत कम से कम 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है. फिरहाद हकीम और मदन मित्रा बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाते हैं.

शोभन चटर्जी भी कभी ममता के सबसे करीबी नेताओं में शुमार थे. बाद में वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गये. बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में उन्हें भाजपा ने टिकट नहीं दिया, तो अपनी महिला मित्र वैशाखी बनर्जी के साथ उन्होंने भगवा दल से किनारा कर लिया. एसएमएच मिर्जा आइपीएस अधिकारी हैं, जो इस वक्त निलंबित चल रहे हैं.

नारद स्टिंग : क्या है मामला

यह एक स्टिंग ऑपरेशन था, जिसमें ममता बनर्जी की कैबिनेट के कई मंत्रियों एवं विधायकों को रिश्वत लेते हुए दिखाया गया है. जो वीडियो फुटेज सामने आये थे, उसमें ये सभी लोग पैसे लेते दिख रहे हैं. फिरहाद ने पैसे को कम बताते हुए कहा था कि इतने रुपये तो उनके चेले-चमचे ही ले लेंगे. इस मामले में जितने भी आरोपी थे, सभी के वॉयस सैंपल सीबीआइ ने लिये थे.

वॉयस का वीडियो के वॉयस से मिलान करने के बाद इन लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया गया था. स्टिंग में जो लोग पैसे लेते देखे गये थे, वे सभी राजनीतिक रसूख वाले लोग थे. इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की अनुमति राज्यपाल से मांगी गयी थी. पिछले सप्ताह राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने इनके खिलाफ कार्रवाई की अनुमति दी, तब सीबीआइ ने यह कार्रवाई की है.

सीबीआइ के एक अधिकारी ने बताया कि चार्जशीट पेश करने के बाद कोर्ट से इन लोगों को गिरफ्तार करने की अनुमति मांगी जायेगी. यदि कोर्ट अनुमति दे देता है, तो इन्हें गिरफ्तार कर लिया जायेगा. केंद्रीय बलों के जवानों के साथ तृणमूल नेताओं को उठाने के लिए पहुंची सीबीआइ की टीम को फिरहाद हकीम के समर्थकों के विरोध का भी सामना करना पड़ा.

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआइ के अधिकारी जब फिरहाद को ले जा रहे थे, तो उनके (फिरहाद के) समर्थक सड़कों पर लेट गये और सीबीआइ की कार्रवाई का विरोध किया. हालांकि, सीबीआइ की टीम के साथ गये केंद्रीय बल के जवानों ने फिरहाद के समर्थकों को वहां से हटाया और बंगाल के शहरी विकास मंत्री एवं कोलकाता नगर निगम के प्रशासक को निजाम पैलेस स्थित सीबीआइ कार्यालय ले गयी.