Jharkhand: स्पीकर के तीखे बोल, हमारे धैर्य की परीक्षा मत लीजिए, दिक्कत में पड़ जाइएगा...

झारखंड विधानसभा में हंगामा कर रहे भाजपा विधायकों को स्‍पीकर रबींद्रनाथ महतो ने सोमवार को कड़े लहजे में चेताया। कहा- हमारे धैर्य की परीक्षा न लें, दिक्‍कत में पड़ जाइएगा। दरअसल, केंद्र के कृषि कानून पर चर्चा कराने की तैयारी में सरकार के खिलाफ विरोध जताते भाजपा विधायकों ने आसन के समक्ष आकर हंगामा शुरू कर दिया। बीजेपी विधायकों का नेतृत्व कर रहे विधायक सीपी सिंह ने कहा कि बिल पर चर्चा की बात लिखी हुई है तो बिल कहां है। हम लोगों को बिल की प्रति नहीं दी गई है। इसके बाद भाजपा के विधायक अध्यक्ष के समक्ष आकर नारे लगाने लगे।

भाजपा के विधायकों से स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने सहयोग भी मांगा। उन्होंने कहा कि हमारे धैर्य की परीक्षा ना लें, दिक्कत में पड़ जाइएगा। जहां विरोध करना था वहां तो चुप ही रहे। इस दौरान सदन के अंदर कार्यवाही की नोटिंग करने और रिपोर्टिंग के लिए मौजूद रिपोर्टर डेस्क के कर्मियों की कुर्सी पर भाजपा के विधायक बैठ गए। भाजपा विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा, सीपी सिंह, अमर बाउरी, नवीन जायसवाल, राज सिन्हा आदि रिपोटर्स डेस्क पर बैठ गए।

केंद्र सरकार द्वारा हाल में ही पारित कराए गए कृषि कानूनों के खिलाफ झारखंड विधानसभा में चर्चा कराने की मंशा में सरकार सफल नहीं हो पाई। चर्चा के दौरान अपना पक्ष रखते हुए विधायक विनोद सिंह ने इस कानून के बारे बोलना शुरू ही किया था कि भाजपा के विधायक आसन के समक्ष आकर हंगामा करने लगे। भाजपा विधायकों ने केंद्र में पारित कानून पर चर्चा के लिए कोई आधार नहीं होने की बात कही और कृषि बिल की प्रति भी मांगी।


इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा विधायकों को लाख समझाने की कोशिश की लेकिन वे चुप नहीं हुए। इस बीच शोरगुल में ही विनोद सिंह अपनी बात बोलकर बैठ गए। इसके बाद झामुमो के सुदिव्य कुमार सोनू ने बोलना शुरू किया लेकिन उनकी बात भी हंगामे में दब गई। इसी बीच, भाजपा विधायक अनंत ओझा का नाम अध्यक्ष ने पुकारा लेकिन वे अन्य विधायकों के साथ हंगामा में शामिल रहे। अंत में विधानसभा अध्यक्ष ने मंगलवार की सुबह तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।


भाजपा विधायकों के हंगामे पर अध्यक्ष बोले-धैर्य की परीक्षा ना लें


काला कपड़ा पहनकर पहुंचे भाजपा विधायकों को पहले तो विधानसभा अध्यक्ष ने समझाने की कोशिश की लेकिन बाद में उन्होंने थोड़ा कड़ा रुख भी अपनाया। भाजपा विधायकों से कहा, हमारे धैर्य की परीक्षा ना लें। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब कार्यमंत्रणा समिति से इस विषय पर चर्चा के लिए स्वीकृति मिल गई है तो सदन में विरोध करना गलत है। समिति में भाजपा के भी विधायक हैं और वहीं विरोध करना चाहिए था। चर्चा के लिए प्रस्ताव विधायक प्रदीप यादव और विनोद सिंह की ओर से दिया गया था।