एआई निर्मित फर्जी वोटर आईडी मामला उजागर, भाजपा ने चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल


कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से फर्जी मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) तैयार कर जमा किए जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। यह मामला उत्तर 24 परगना जिले के भांगर विधानसभा क्षेत्र (एसी–148) में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चरण के दौरान नियमित जांच में उजागर हुआ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मतदाता जन्नातुन मोल्ला ने अपने पिता हासेम मोल्ला के साथ संबंध प्रमाणित करने के लिए एक एआई-जनरेटेड वोटर आईडी कार्ड प्रस्तुत किया था। यही दस्तावेज़ संबंध स्थापित करने का एकमात्र प्रमाण था। चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रारंभिक स्तर पर इस फर्जी दस्तावेज़ को स्वीकार कर लिया गया और जांच के दौरान कुछ चुनाव अधिकारियों ने इसे “फाउंड ओके” तक चिह्नित कर दिया।

बाद की जांच में स्पष्ट हुआ कि वोटर आईडी कार्ड पर अंकित ईपीआईसी नंबर पूरी तरह फर्जी है। साथ ही, कार्ड पर “एआई जेनरेटेड” का वॉटरमार्क भी मौजूद था, जिससे इसके कृत्रिम रूप से तैयार होने की पुष्टि हुई।

इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोमवार रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर घटना साझा करते हुए राज्य की चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा, " ये है कुख्यात डायमंड हार्बर मॉडल।"

अमित मालवीय की इस टिप्पणी को तृणमूल कांग्रेस शासित राज्य में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासनिक सतर्कता पर सीधा हमला माना जा रहा है। यहां डायमंड हार्बर का उल्लेख कर उन्होंने कथित तौर पर व्यापक स्तर पर अनियमितताओं की ओर इशारा किया है। इस प्रकरण के सामने आने के बाद मतदाता सत्यापन प्रणाली, दस्तावेज़ों की जांच प्रक्रिया और एआई के संभावित दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई हैं।

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