टीबी मुक्‍त कैमूर बनाने के प्रयास में जुटा जिला प्रशासन व स्‍वास्‍थ्‍य विभाग, जांच को चलाया जा रहा अभियान

वर्ष 2025 तक देश को टीबी से मुक्त करने के सरकार के लक्ष्य को देखते हुए जिले को भी टीबी मुक्त बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। कैमूर ने यह ठाना है टीबी दूर भगना है, इस अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए सदर अस्पताल स्थित जिला यक्ष्मा केंद्र सहित सभी प्रखंडों में टीबी रोग की जांच की व्यवस्था कर दी गई है। सरकार की योजना के तहत टीबी रोगियों को दी जाने वाली पोषण राशि तीन वर्षों में 4965 रोगियों को मिल चुकी है। प्रखंडों में हुई जांच और जिला स्तर पर तकनीकी ढंग से टीबी रोगी होने की जांच करने के बाद रोगियों को निश्‍शुल्क दवा दी जा रही है। 

पिछले साल कम जांच के बावजूद मिले अधिक मरीज

यक्ष्मा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में 7500 लोगों की जांच की गई। इसमें 1224 टीबी रोगी पाए गए। जिसमें से 1008 स्वस्थ हो चुके हैं। वर्ष 2019 में 10127 लोगों की जांच हुई। इसमें 1880 रोगी पाए गए। जिसमें से 1597 रोगी ठीक हो चुके हैं। वर्ष 2020 में 6627 लोगों की जांच हुई। जिसमें से 1552 टीबी रोगी चिह्नित हुए। 980 दवा खाने के बाद ठीक हो चुके हैं। फरवरी 2021 तक 1517 लोगों की जांच हो चुकी है। जिसमें 309 चिह्नित रोगियों का इलाज चल रहा है। रिपोर्ट प्रतिक्षारत है। 

कितने रोगियों को मिला निक्षय पोषण योजना का लाभ

टीबी रोगियों को रोग के ठीक होने तक भारत सरकार के नियमानुसार प्रतिमाह पांच सौ रुपये दिए जाने का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2018 में 1224 रोगियों में से 912 रोगियों के बीच 2518500.00 की राशि आरटीजीएस के माध्यम से दी गई। इसी प्रकार वर्ष 2019 में 1880 रोगियों में से 1420 रोगियों को उनके खाते के माध्यम से 38, 56, 000 की राशि का भुगतान किया गया है। वर्ष 2020 में 1552 रोगियों में से 1323 रोगियों के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 31, 80,500 राशि डाली जा चुकी है। फरवरी 2021 तक 309 रोगियों में से 237 रोगियों के खाते में निक्षय पोषण योजना की राशि 1 लाख 52 हजार डाली जा चुकी है। बैंक के खाते व आधार कार्ड का सत्यापन न हो पाने के कारण वंचित रोगियों को राशि भुगतान का कार्य प्रक्रियाधीन है। 

कहते हैं अधिकारी

इस संबंध में प्रभारी जिला यक्ष्मा पदाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला के आदेश व सिविल सर्जन डॉ. अरूण कुमार तिवारी के निर्देशानुसार जिले में टीबी रोगियों की जांच का अभियान चल रहा है। वर्ष 2025 से पूर्व कैमूर जिले को टीबी रोग से मुक्त करने की पहल जारी है।