राष्ट्रपति को अपने अभिभाषण में कृषि कानूनों के बारे में कुछ नहीं कहना चाहिये था : तृणमूल कांग्रेस

बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को संसद के संयुक्त सत्र के संबोधन के दौरान नये कृषि कानूनों का समर्थन नहीं करना चाहिये था क्योंकि उन्हें इस बात की जानकारी है कि कृषक समुदाय इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के बाद कहा कि राष्ट्रपति को अपने अभिभाषण में यह भी कहना चाहिये कि गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा प्रयोजित थी। 

रॉय ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति के अभिभाषण का अनादर किये बगैर हम यह कहना चाहते हैं कि जब देश का कृषक समुदाय कृषि कानूनों के खिलाफ है, ऐसे में उनकी (राष्ट्रपति) ओर से इस कानून का समर्थन करना ठीक नहीं है।’’तृणमूल कांग्रेस समेत 19 विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण में हिस्सा नहीं लिया।

कृषि कानूनों के विरोध में टीएमसी ने निकाली ट्रैक्टर रैली

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कृषि कानूनों के विरोध में शुक्रवार को झाड़ग्राम जिले में ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया।तृणमूल कांग्रेस के सदस्य ट्रैक्टरों के साथ रैली में शामिल हुए। झाड़ग्राम के पूर्व सांसद उमा सोरेन और नयाग्राम के तृणमूल विधायक दुलाल मुर्मू समेत कई और टीएमसी नेताओं रैली में हिस्सा लिया। ट्रैक्टर मार्च छतिनाशोल में शुरू हुआ और गोपीबल्लपुर से होते हुए ओडिशा की सीमा से सटे जमशोला में करीब 25 किमी दूर संपन्न हुआ। तृणमूल नेताओं का कहना था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किसानों के अधिकारों के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ती रही है। इसीलिए उनकी पार्टी भी किसानों के साथ है।

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