Ram Mandir Bhoomi Pujan: मेहमानों की लिस्ट में बदलाव, आडवाणी और जोशी शामिल नहीं


राम जन्मभूमि के पांच अगस्त को होनेवाले भूमिपूजन के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. भूमिपूजन के समारोह को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया गया है. इसके अलावा अन्य कई गण्यमान्य लोगों को न्योता भेजा गया है. यह न्योता श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चंपत राय की ओर से भेजा गया है.

भूमि पूजन के लिए मेहमानों की लिस्ट में फेरबदल किया गया है. इस मौके पर अब 170 लोगों को ही बुलाया जा रहा है. भाजपा के वरिष्ठ नेता एलके आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के नाम अब मेहमानों की सूची में नहीं है. सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं ने आने में असमर्थता जतायी है. राम मंदिर आंदोलन से जुड़े नेताओं उमा भारती और कल्याण सिंह के नाम मेहमानों की लिस्ट में हैं. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत संघ के दस लोगों को भूमि पूजन का न्योता भेजा गया है. इसमें भैयाजी जोशी, दत्तात्रेय होसबोले, कृष्ण गोपाल, अनिल ओक, नागपुर से विमल और लखनऊ से क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार को भी बुलाया गया है. विहिप से आलोक कुमार, दिनेश चंद्र और मिलिंद समेत छह लोगों को बुलाया जा रहा है.

स्वामी कन्हैया प्रभु नंदन गिरि के खिलाफ कार्रवाई करेगा अखाड़ा परिषद

राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में न बुलाये जाने पर जूना अखाड़े के दलित महामंडलेश्वर स्वामी कन्हैया प्रभु नंदन गिरि के बयान पर साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा है कि इस मामले में वह जूना अखाड़े के संरक्षक और अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि से बात करेंगे और अखाड़ा परिषद की आगामी बैठक में स्वामी कन्हैया प्रभु नंदन गिरि के खिलाफ प्रस्ताव पास कराकर कड़ी कार्रवाई भी करेंगे. उल्लेखनीय है कि राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में नहीं बुलाये जाने पर स्वामी कन्हैया प्रभु नंदन गिरि ने नाराजगी जताते हुए इसे दलितों की उपेक्षा है.

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