Amphan Relief Fund case: भ्रष्टाचार के मामले में ममता बनर्जी ने 25 नेताओं को तृणमूल से किया निलंबित


जमीन आंदोलन को लेकर पूर्व मेदिनीपुर जिले का नंदीग्राम कई माह तक सुर्खियों में रहा था और ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया था। वही नंदीग्राम इस समय तृणमूल नेताओं के भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में है। एम्फन चक्रवात से तबाह हुए लोगों को मिलने वाली राशि व राहत सामग्री के घपले का एक बाद एक सैकड़ों आरोप तृणमूल नेताओं पर लग रहे हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिर्फ नंदीग्राम में लोगों की बढ़ती नाराजगी और शिकायतों से परेशाना तृणमूल नेतृत्व को पहले अपने 200 नेताओं को शोकॉज करना पड़ा। 

इसके बाद मंगलवार को उनमें से 25 नेताओं को पार्टी से निलंबित कर दिया। नंदीग्राम एक नंबर ब्लॉक के पंचायत प्रमुख,जोनल अध्यक्षों सहित कुल 25 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि निलंबन की चिट्ठी आज पार्टी की बैठक में सभी नेताओं को जारी कर दिया गया।

चक्रवात ने राज्य के विभिन्न तटीय क्षेत्रों को लगभग तबाह कर दिया है। इसके पुनर्निर्माण के लिए सरकार मुआवजा दे रही है। सत्तारूढ़ दल पर बार-बार भ्रष्टाचार का आरोप लग रहा है। तृणमूल के नेता अपने लोगों को राहत राशि की सूची में नाम डाल दे रहे हैं। 

सोमवार को खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी स्वीकार किया है कि कुछ गड़बड़ी हो रही है जिसे दुरुस्त किया जा रहा है। उधर भाजपा लगातार इस भ्रष्टाचार को लेकर तृणमूल पर आक्रामक है। मंगलवार उत्तर 24 परगना जिले में भाजपा समर्थकों ने घोटाले को लेकर जकमर विरोध प्रदर्शन किया और पंचायत कार्यालय के गेट को तोड़ने की कोशिश की। वहीं तृणमूल समर्थकों के साथ भी मारपीट हुई है।

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