कर्ज लेने का रिकॉर्ड बनाएगा पाकिस्तान, 15 अरब डॉलर का नया लोन लेने की योजना


पाकिस्तान सरकार कर्ज लेने का रिकॉर्ड बनाने जा रही है. अपने पुराने विदेशी कर्जों के भुगतान और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए पाक सरकार वित्त वर्ष 2020-21 में कुल 15 अरब डॉलर का लोन लेने की योजना बना रही है. यह किसी एक साल में पाकिस्तान द्वारा लिया जाने वाले सबसे ज्यादा कर्ज होगा.

पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने वहां के समाचार पत्र ‘दी एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ को बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में करीब 15 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज में से करीब 10 अरब डॉलर का इस्तेमाल पुराने मैच्योर हो रहे कर्ज के भुगतान में किया जाएगा.

यह राशि ब्याज भुगतान के अतिरिक्त है. खबर में कहा गया है कि शेष राशि देश के बाहरी सार्वजनिक ऋण का हिस्सा बन जाएगी, जो कि इस साल मार्च अंत तक बढ़कर 86.4 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है.

आईएमएफ ने हाल में दिया कर्ज

कोरोना महामारी से लड़ने के लिए पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से आर्थिक मदद की गुहार लगाई थी. जिसके बाद हाल में IMF ने पाकिस्तान को 1.39 अरब डॉलर कर्ज देने का ऐलान किया था, और अब रकम पाकिस्तान को मिल गई है.

गहरा रही हैं चुनौतियां

पाकिस्तान द्वारा 15 अरब डॉलर का कर्ज किसी एक साल में लेना उसके समक्ष खड़ी चुनौतियों और गहराते कर्ज संकट को दर्शाता है. पाकिस्तान में बिना कर्ज के विदेशी मुद्रा प्रवाह नहीं हो पा रहा है. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के पास जो 12 अरब डॉलर का सकल विदेशी मुद्रा भंडार है, वह ज्यादातर कर्ज से मिली राशि ही है.

पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय को वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान द्विपक्षीय और बहुपक्षीय कर्जदाताओं, वाणिज्यिक बैंक, यूरोबांड जारीकर्ताओं और आईएमएफ से कुल मिलाकर 15 अरब डॉलर मिलने का अनुमान है.

तीन साल में 40 अरब डॉलर का कर्ज

पाकिस्तान की विदेशी कर्ज पर निर्भरता बढ़ती जा रही है.जुलाई 2018 से लेकर जून 2021 के दौरान वह 40 अरब डॉलर का नया कर्ज ले चुका होगा. इसमें से 27 अरब डॉलर का इस्तेमाल वह पुराने कर्ज को चुकाने में करेगा, जबकि शेष 13 अरब डॉलर उसके बाह्य सार्वजनिक ऋण में जुड़ जाएगा.

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