अमेरिका ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को 'दुष्ट' बताया, कहा- सीमा पर तनाव बढ़ा रहा ड्रैगन


अमेरिका ने भारत की सीमा पर तनाव बढ़ाने के लिए चीनी सेना की कड़ी आलोचना करते हुए चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को 'दुष्ट' करार दिया है। चीन की सरकार पर बरसते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी मुक्त दुनिया के नाटो जैसे संस्थानों द्वारा की गई प्रगति को निष्फल बनाना चाहती है। चीन अपने फायदे के हिसाब से नियम कायदे बनाना चाहता है।

शुक्रवार को कोपेनहेगन डेमोक्रेसी समिट-2020 में 'यूरोप और चीन की चुनौतियां' विषय पर अपने वर्चुअल संबोधन में पोंपियो ने कहा कि पश्चिम को कई साल तक यह उम्मीद रही कि वे चीन की कम्युनिस्ट के रवैये में बदलाव लाकर चीनी नागरिकों का जीवन स्तर सुधार सकते हैं। इस दौरान चीन का सत्तारूढ़ दल सहयोगपूर्ण संबंध का झांसा देकर हमारी सदाशयता का फायदा उठाता रहा।

पोंपियों ने यह भी कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के साथ चीन की फौज सीमा पर तनाव बढ़ाने में जुटी हुई है। दक्षिण चीन सागर में भी वह जमावड़ा बढ़ाकर गलत तरीके से अपना क्षेत्र बढ़ाने में लगी है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व चीनी नेता डेंग जियोपिंग कहा करते थे कि अपनी ताकत छिपाओ, अपने समय का इंतजार करो। चीन आज हमारी उदारता का फायदा उठा रहा है।

उन्‍होंने कहा कि दशकों तक अमेरिका और यूरोपीय देशों ने भारी उम्मीद के चीन में भारी निवेश किया। चीनी सेना से जुड़े लोगों के लिए शैक्षिक संस्थान खोले गए और चीन की सरकार द्वारा प्रायोजित बच्चों को अपने यहां पढ़ाई का मौका दिया लेकिन इसका कोई फायदा नहीं निकला। आज चीन हांगकांग में बर्बरता कर रहा है। उइगुर मुसलमानों पर जुल्म ढा रहा है। इसने हाल ही में पड़ोसी देश भारत की सीमा पर खूनी संघर्ष को अंजाम दिया है।

लद्दाख की गलवन घाटी में चीनी सैनिकों के साथ खूनी झड़प में वीरगति पाने वाले भारतीय जवानों के प्रति अमेरिका ने गहरी संवेदना प्रकट की है। पोंपियो ने कहा कि गलवन में जवानों की क्षति पर हम सभी भारतीयों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। उनकी बहादुरी को सलाम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हम इन बलिदानी जवानों के परिवार, स्वजन और उनके समुदाय को याद रखेंगे। 

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