मरीज को फुटपाथ पर छोड़कर भाग रहे थे एम्बुलेंस कर्मचारी, थाने में शिकायत दर्ज


कोलकाता : एक बार फिर एंबुलेंस कर्मचारियों की निर्दयता कोलकाता के सड़क पर दिखाई दी। दक्षिण कोलकाता के नेताजीनगर के फुटपाथ पर एक एंबुलेंस में सवार एक मरीज को उतारकर एम्बुलेंस कर्मचारी फरार हो रहे थे। अचानक स्थानीय लोगों की नगर कर्मचारियों की इस हरकत पर पड़ गई। इसके बाद लोगों ने कर्मचारियों से इसका कारण पूछा लेकिन वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाये। प्रत्यक्षदर्शियों के दबाव में, एम्बुलेंस चालक को फिर से मरीज को लेने के लिए मजबूर किया गया। जिसके बाद मौके पर मौजूद इलाके के लोगों ने पूरे मामले की सूचना नेताजीनगर थाने को दी। घटना शुक्रवार दोपहर की है।    

प्राप्त जानकारी के अनुसार एम्बुलेंस नेताजीनगर में एमआर बांगुर अस्पताल से लेकर बेहाला के निवासी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय नामक एक मरीज को उसके रिश्तेदार के घर पहुंचाने गई थी। लेकिन रिश्तेदारों द्वारा ठुकराये जाने पर उसे एक बार फिर एम्बुलेंस को उसके साथ लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। कथित तौर पर, नेताजीनगर में एम्बुलेंस चालक और उसके दो साथियों ने उस समय मरीज को फुटपाथ पर छोड़कर भागने की कोशिश की। मामला स्थानीय लोगों के संज्ञान में आते ही एम्बुलेंस में सवार युवकों ने उस शख्स को फिर से उठा लिया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने नेताजीनगर पुलिस स्टेशन को एम्बुलेंस की संख्या का उल्लेख करते हुए घटना की जानकारी दी। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर गई। हालांकि एम्बुलेंस चालक ने कहा कि वे मरीज को सड़क पर छोड़ना नहीं चाहते थे। उसने स्थानीय लोगों से कहा कि पुलिस यहां से इस मरीज को गंतव्य स्थल तक ले जाएगी। बाद में, दबाव में, उन्होंने कहा कि मरीज को सड़क पर छोड़ने की उनकी कोई योजना नहीं थी।

क्या है घटना : पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को पीठ की समस्या के कारण एमआर बांगुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने सिद्धार्थ के परीजनों से कहा कि वह मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाए क्योंकि अभी बांगुर अस्पताल में कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। यही कारण है कि मरीज के भाई की सलाह पर, उसे नेताजीनगर इलाके में एक रिश्तेदार के घर भेजा जा रहा था। 

इस घटना के सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी से बात की गई, उन्होंने कहा कि यह घटना अवांछित थी। आज जो हुआ है उसकी पूरी जांच की जा रही है।