1100 सौ किलोमीटर के सफर पर पैदल ही निकले अपने घर की ओर 25 मजदूर अपने परिवार संग


गोपीकांदर संवाददाता: कहते हैं ना कि जब सभी दरवाजे बंद हो जाता है तो इंसान का हौसला भी उसे आगे बढ़ने में मददगार साबित होती है 25 मजदूर ने इस बात को साबित कर दिया कि जब देश लॉक डाउन में स्थिर है। तब हौसले ने सभी मजदुरों को अपने घर पहुंचा दिया 25 मजदूर बनारस के शिवपुर प्रखंड से करीब 1100 किलोमीटर चल कर पश्चिम बंगाल के मोड़ाडोय थाना क्षेत्र के ढगुरग्राम जा रहे हैं। बता दें कि सभी मजदूर 3 सप्ताह पहले बनारस से निकले है गुरुवार को गोपीकांदर प्रखंड के खरौनी बाजार पहुंचे और शनिवार शाम तक में सभी अपने घर को पहुंचने का अनुमान है अब सभी मजदूर घर से 85 किलोमीटर पीछे हैं। जब सभी खरौनी बाजार के सड़क किनारे पर आराम कर रहे थे तो इन सभी को भूखे प्यासे देख स्थानीय पत्रकार वीरू कुमार दास ने इस विषय की सूचना खरौनी बाजार दामिन महिला स्वयं समिति द्वारा मुख्यमंत्री दाल- भात योजना की महिलाओं को बताया तो त्वरित में सभी के लिए खाना की व्यवस्था, सोशल डिस्टेंसीग का पालन कर, खाना खिलाया गया। 
इन सभी मजदूरों का कहना है कि लाकॅ डाउन के कारण काम बंद होने की वजह से मालिक ने इन सभी को काम से निकाल दिया और साथ ही राशन खत्म हो जाने के कारण मजबूरन पैदल ताप्ती धूप में पैदल 1100 सौ किलोमीटर अपने-अपने घर की ओर परिवार एवं बच्चे संग निकल पड़े, और इसी हौसले ने इन लोगों को अपना घर पहुंचा दिया। इन मजदूरों में सुखचांद शेंख, रूबेंल हुसैन, सुविकांत शेंख,जुनामिन शेंख,रियाज मियाॅ,उसीन शेंख,रूबीना बीबी,सानिया खातुन, सुबिना बीबी,नूर पारवीन,सिफुल शेंख जिमुनदीन मियाॅ आदि लोग है।

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