बंगाल BJP का आरोप- कोरोना मृतकों के आंकड़े छिपा रही सरकार, शव ठिकाने लगा रहे TMC कार्यकर्ता


पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी कोरोना वायरस से हुई मौतों के आंकड़े छिपा रही है. बीजेपी ने मृतकों के शवों को भी इधर-उधर करने का आरोप लगाया है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने तृणमूल कांग्रेस की तुलना नंदीग्राम आंदोलन में लेफ्ट के साथ की है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने राशन प्रणाली में कथित कुप्रबंधन को लेकर राज्य के खाद्य मंत्री को हटाने की मांग की है.

बंगाल बीजेपी ने राज्य में मौजूदा राशन प्रणाली के खिलाफ आवाज उठाई है. पार्टी का दावा है कि लॉकडाउन के दौरान बंगाल में राशन प्रणाली में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार चल रहा है. राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने प्रदेश के खाद्य सचिव को हटा दिया है. अब राज्य के बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने खाद्य मंत्री को हटाने की मांग की है. दिलीप घोष ने राज्य के खाद्य मंत्री की नाकामी का दावा करते हुए राशनिंग सिस्टम में समस्याएं पैदा करने का आरोप लगाया है.

बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस पर कोरोना मृतकों के शवों को इधर-उधर करने का आरोप लगाया है. दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की तुलना नंदीग्राम आंदोलन में सीपीआईएम कार्यकर्ताओं से की है. घोष ने लॉकडाउन के दौरान लेफ्ट फ्रंट के कार्यों की आलोचना की है. घोष ने कहा, बंगाल के इतिहास में नंदीग्राम आंदोलन का काफी नाम है. सीपीआईएम ने लोगों को मारा और उनके शव ठिकाने लगा दिए. अब तृणमूल वैसा ही काम कर रही है. वे कोरोना से हुई मौतों का सही आंकड़ा नहीं बता रहे. वे शवों को इधर-उधर हटा रहे हैं. यह इंसानियत के खिलाफ एक बड़ा अपराध है.

राशन प्रणाली को लेकर दिलीप घोष ने कहा, बंगाल में राशन वितरण में कई कंपनियां लगी हैं. केंद्र से जो भी राहत सामग्री आ रही है, वह लोगों तक नहीं पहुंच रही है. लोग घरों में बंद हैं. उनके पास खाने के सामान की कमी है. तृणमूल के नेता जबरन राशन डीलर से खाद्य सामग्रियों को ले रहे हैं और बांट रहे हैं.

इसलिए लोगों को सही ढंग से खाद्य सामग्री नहीं मिल पा रही है. प्रदेश सरकार भी इसे नहीं रोकना चाह रही है. एक दूसरे पर दोष डाला जा रहा है, जिसका नतीजा है कि प्रदेश के खाद्य सचिव को हटा दिया गया है. अब राज्य के खाद्य मंत्री को भी हटाना चाहिए. सरकार की अक्षमता के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है. पुलिस मुख्यमंत्री के इशारे पर चलती है, इसे भी रोका जाना चाहिए.