लॉक डाउन के बावजूद पार्क सर्कस में अभी भी जारी है आंदोलन 


कोलकाता : जानलेवा कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने मंगलवार सुबह ही कार्रवाई कर पिछले 101 दिनों से चले आ रहे शाहीन बाग के धरने को खत्म करा दिया है. लेकिन कोलकाता के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र पार्क सर्कस इलाके में यहां के मैदान में चलने वाला धरना अभी भी जारी है. यहा तक कि आंदोलन में शामिल लोगों ने  मास्क भी नहीं पहन रखा हैं. हालांकि यहां मंगलवार से प्रदर्शनकारियों की संख्या सीमित कर दी गई है. 

युवाशक्ति संवाददाता को कोलकाता पुलिस के संयुक्त आयुक्त (अपराध) मुरलीधर शर्मा ने बताया कि पार्क सर्कस के धरना स्थल पर लोगों की संख्या सीमित कर दी गई है. केवल चार लोगों को धरने पर बैठने की अनुमति दी गई है. प्रदर्शनकारियों ने खुद ही लोगों की संख्या सीमित की है और सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार आंदोलन जारी रखने पर सहमति दी है.

आंदोलनकारियों में से एक ने बताया है कि शिफ्ट में धरना चल रहा है। सुबह आठ से 12 बजे तक कुछ महिलाएं बैठती हैं. 12 बजे से शाम छह बजे तक दूसरी महिलाएं. उसके बाद रात 12 बजे तक अन्य महिलाओं को लाया जाता है और फिर रात 12 बजे से सुबह आठ बजे तक अलग-अलग महिलाएं बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रही.

उल्लेखनीय है कि कोलकाता में सात जनवरी से ही ये लोग धरने पर बैठे हैं. इस बीच सोमवार को ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में लॉक डाउन की घोषणा की है और कहा है कि शहर में चार से अधिक लोग एकत्रित नहीं हो सकेंगे. 

दो दिन पहले ही मेयर फिरहाद हकीम ने प्रदर्शनकारियों से धरना खत्म करने की अपील की थी. सोमवार को कई दौर की बैठकें और चर्चा भी हुई थी लेकिन आंदोलनकारियों ने धरना खत्म करने से इनकार कर दिया था.