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राम मंदिर ट्रस्ट को मिला पहला चंदा, मोदी सरकार ने दिया 1 रुपया नकद!


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ऐलान कर दिया. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे. इनमें 9 स्थायी और 6 नामित सदस्य होंगे. गठन के बाद ट्रस्ट को केंद्र सरकार की ओर से 1 रुपये का नकद दान भी मिला. यह ट्रस्ट को मिला पहला दान बताया जा रहा है.

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को पहले दान के तौर पर 1 रुपया नकद दिया ताकि ट्रस्ट अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की दिशा में काम शुरू कर सके.

केंद्र सरकार की ओर से यह दान ट्रस्ट को गृह मंत्रालय में अवर सचिव डी. मुर्मू ने दिया. अधिकारी ने बताया कि ट्रस्ट अचल संपत्ति सहित बिना किसी शर्त के किसी भी व्यक्ति से किसी भी रूप में दान, अनुदान, अंशदान, योगदान ले सकता है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में रामलला विराजमान की पैरवी करने वाले सीनियर एडवोकेट केशवन अय्यंगार परासरण ट्रस्ट में होंगे. ट्रस्ट में जगतगुरु शंकराचार्य, जगतगुरु माधवानंद स्वामी, युगपुरुष परमानंद जी महाराज का नाम भी सदस्यों में होंगे. इसके अलावा पुणे के गोविंद देव गिरि, अयोध्या के डॉक्टर अनिल मिश्रा, कामेश्वर चौपाल और निर्मोही अखाड़ा के धीरेंद्र दास का नाम भी शामिल है.

शुरुआत में तो ट्रस्ट वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरण के आवास से कार्य करेगा, लेकिन बाद में इसका स्थायी कार्यालय खोला जाएगा. इस ट्रस्ट के पास राम मंदिर निर्माण और इससे जुड़े विषयों पर स्वतंत्र रूप से निर्णय करने के अधिकार होंगे. ट्रस्ट का पंजीकृत कार्यालय दिल्ली में होगा.

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के कुछ देर बाद मोदी ने राम मंदिर निर्माण की 'वृहद योजना' और इसके लिए 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' नामक ट्रस्ट के गठन की लोकसभा में सूचना दी. मोदी ने कहा कि मंत्रिमंडल का निर्णय राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में गत 9 नवंबर को उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले के अनुरूप है.

शीर्ष अदालत ने लंबे समय से लंबित इस धार्मिक मुद्दे का समाधान करते हुए अयोध्या में संबंधित स्थल पर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया था और केंद्र को इसके वास्ते ट्रस्ट निर्माण के लिए तीन महीने का समय दिया था. सुप्रीम कोर्ट की तीन महीने की समयसीमा चार दिन बाद खत्म होने वाली थी.

प्रधानमंत्री ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आधार पर मेरी सरकार ने अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थल पर विशाल और भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए एक वृहद योजना को आज स्वीकृति दे दी है और इसका निर्माण कार्य देखने के लिए 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' नाम से एक ट्रस्ट गठित किया है.'

ट्रस्टी होने की शर्त

ट्रस्टी में से एक के लिए अनिवार्य शर्त हिंदू होना भी है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक निर्मोही अखाड़ा के मंहत धीरेंद्र दास भी एक ट्रस्टी होंगे. इस ट्रस्ट के चेयरमैन को ट्रस्टी ही नियुक्त करेंगे.