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CAA and NRC: सोनिया की बैठक में शामिल नहीं होंगी ममता, आज से तृणमूल का नॉन-स्टॉप धरना


राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के मुद्दे पर पिछले चार माह से तृणमूल प्रमुख व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है. इस विरोध को वह अपने दम पर ही अंजाम तक पहुंचाना चाहती है. इसीलिए ममता ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया कि वह कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी द्वारा विपक्षी दलों की बुलाई गई बैठक में भाग नहीं लेंगी. ममता के इस कदम को विपक्षी एकता में दरार मानी जा रही है.

इतना ही नहीं सुश्री बनर्जी ने कांग्रेस और वाममोर्चा पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह सीएए और एनआरसी के खिलाफ लड़ाई अकेली लड़ेंगी. साथ ही सीएए के खिलाफ शुक्रवार से कोलकाता में तृणमूल का नॉन-स्टॉप धरना शुरू करने की भी घोषणा कर दी है. ममता आज फिर सीएए के खिलाफ उत्तर 24 परगना जिले में सड़क पर उतरकर पांच किलोमीटर लंबी यात्रा की.

इससे पहले गुरुवार को बंगाल विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि वाममोर्चा और कांग्रेस की ओर से दिल्ली में कुछ और जबकि बंगाल में कुछ और मापदंड अपनाया जा रहा है. यहां बुधवार को बुलाए गए बंद के दौरान गुंडागर्दी की गई. पहले सोचा था कि दिल्ली में बुलाई गई बैठक में हिस्सा लूंगी लेकिन अब मैंने वहां जाने का फैसला बदल लिया है.

सूत्रों ने बताया कि विधानसभा अधिवेशन से बाहर निकल अपने कक्ष में पहुंचने के बाद ममता बनर्जी ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से फोन पर बात की और कहा कि शरद जी मैं दिल्ली नहीं आ रही हूं, आप सभी को बता दें, बीते कल बंद के नाम पर वाममोर्चा और कांग्रेस की ओर से जो बंगाल में जो किया गया है उसे लेकर मैंने अपना फैसला बदल दिया है. बताया जाता है कि बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर सुश्री बनर्जी ने सोनिया गांधी से भी माफी मांग ली.

बैठक में ममता बनर्जी के अलावा एनसीपी प्रमुख शरद पवार, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व यूपी के पर्व सीएम अखिलेश यादव, एमके स्टालीन व अन्य को बैठक में हिस्सा लेना है। यह बैठक सीएए के साथ अन्य मुद्दे पर केंद्र सरकार की घेराबंदी पर रणनीति को लेकर बुलाई गई है.

 बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष- ममता बनर्जी को शायद ये समझ आ गया है कि वे मुख्यमंत्री है कोई विपक्ष की नेता नहीं हैं इसलिए उन्होंने अपना फैसला बदल लिया है.

नेता वामो विधायक दल सुजन चक्रवर्ती- ममता बनर्जी की बात से तृणमूल कांग्रेस का इरादा साफ हो चुका है वे असल में भाजपा को फॉलो करती हैं.

कांग्रेस विधायक व नेता प्रतिपक्ष अब्दुल मन्नान- असल में ममता का सीएए व एनआरसी पर विरोध सिर्फ दिखावा है। इसीलिए वह विपक्षी दलों की बैठक में नहीं जा रही हैं.