Tuesday, December 22, 2015

विपक्ष ने पूछा-क्या आडवाणी की तरह इस्तीफा देंगे जेटली, भाजपा ने किया खारिज


नई दिल्ली : डीडीसीए विवाद मामले में पीएम मोदी के इस बयान पर कि आडवाणी की तरह वित्त मंत्री अरुण जेटली भी बेदाग साबित होंगे, विपक्ष ने पूछा है कि क्या आडवाणी की तरह जेटली भी इस्तीफा देंगे। विपक्ष का कहना है कि पीएम ने जेटली को सुझाव दिया है कि बेदाग साबित होने तक उन्हें भी अपना इस्तीफा दे देना चाहिए जैसा कि आडवाणी ने हवाला मामले में किया था। हालांकि, भाजपा ने विपक्ष के इस सवाल को खारिज कर दिया है। 
विपक्ष ने मंगलवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हवाला मामले में लाल कृष्ण आडवाणी से तुलना करते हुए डीडीसीए विवाद के मद्देनजर वित्त मंत्री अरुण जेटली के इस्तीफा देने का संकेत दिया है।
राज्य सभा में विपक्षी नेता गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं से कहा, ‘आज मैंने प्रधानमंत्री को यह कहते सुना कि जेटली उसी तरह से पाक.. साफ साबित होंगे जैसे लाल कृष्ण आडवाणी जैन हवाला मामले में बेदाग साबित हुए थे। मैं जेटली को याद दिलाना चाहूंगा कि आडवाणी ने तब इस्तीफा दे दिया था और उच्चतम न्यायालय में बेदाग साबित नहीं होने तक वापस नहीं आए थे।’
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा और रणदीप सुरजेवाला के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘तो जेटली से प्रधानमंत्री यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि बेदाग साबित होने तक उन्हें वित्त मंत्री के पद पर नहीं बने रहना चाहिए।’ माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने दावा किया कि आडवाणी से तुलना कर प्रधानमंत्री उन्हें (अरूण जेटली को) यह संकेत दे रहे हैं कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए, पाक..साफ साबित होना चाहिए और फिर वापस आना चाहिए।
उन्होंने अलग से संवाददाताओं से कहा, ‘मैं इसे जेटली को यह संकेत देने के रूप में देखता हूं कि आप भी वही चीज कीजिये।’ जेटली के लिए मजबूत समर्थन दिखाते हुए मोदी ने आज भाजपा संसदीय दल की बैठक में कहा कि वह (जेटली) अपने खिलाफ विपक्ष द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों में उसी तरह से बेदाग साबित होंगे जैसे कि हवाला मामले में आडवाणी जी हुए थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, ‘मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि अरुण जेटली भी उसी तरह बेदाग साबित होंगे जैसे कि आडवाणी जी हवाले मामले में हुए थे।’ लेकिन क्या जेटली इस्तीफा देंगे जैसा कि आडवाणीजी ने किया था? सवाल ही नहीं।’