चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा, झारखंड से लाई गई थी वारदात इस्तेमाल की गई कार


कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को जांच के दौरान महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हत्या में इस्तेमाल की गई चारपहिया गाड़ी झारखंड से लाई गई थी और पश्चिम बंगाल पहुंचने के बाद उसका नंबर प्लेट बदल दिया गया था।

सूत्रों के अनुसार, मामले में गिरफ्तार तीन आरोपितों में से एक मयंक राज मिश्रा ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसे झारखंड के एक व्यक्ति ने उक्त वाहन को झारखंड से उत्तर 24 परगना जिले के बारासात तक पहुंचाने का जिम्मा दिया था। बारासात उसी इलाके के निकट है, जहां मध्यमग्राम मोड़ पर चंद्रनाथ रथ की हत्या की गई थी।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मयंक ने कबूल किया है कि वह झारखंड से वाहन चलाकर बारासात पहुंचा और वहां एक सुनसान स्थान पर गाड़ी का नंबर प्लेट बदलकर नकली नंबर लगा दिया। बताया जा रहा है कि असली नंबर प्लेट दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में पंजीकृत वाहन का था।

सूत्रों ने यह भी बताया कि मयंक को वाहन पहुंचाने के बदले एक लाख रुपये दिए गए थे। बारासात में वाहन सौंपने के बाद वह हावड़ा स्टेशन पहुंचा और वहां से ट्रेन पकड़कर बक्सर चला गया, जहां बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

गौरतलब है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या छह मई की रात हुई थी, जो विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के दो दिन बाद की घटना थी। चुनाव में भाजपा ने 207 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई थी।

जांच के अनुसार, छह मई की रात रथ एक पार्टी कार्यक्रम से लौट रहे थे। मध्यमग्राम के एक चौराहे पर झारखंड से लाई गई गाड़ी ने उनके वाहन का रास्ता रोक दिया। इसी दौरान लंबे समय से उनके वाहन का पीछा कर रही दो मोटरसाइकिलों में से एक उनके वाहन के पास आकर रुकी। मोटरसाइकिल सवार हमलावर ने करीब से 10 गोलियां चलाईं।

हमले में चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चालक बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हालांकि, उनकी हालत में अब सुधार बताया जा रहा है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यदि चंद्रनाथ रथ उनके निजी सहायक नहीं होते, तो उनकी हत्या नहीं की जाती। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने भवानीपुर सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक मतों से हराया था और इसी वजह से उनके सहयोगी को निशाना बनाया गया।

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