शुभेंदु अधिकारी : पहली कैबिनेट में बंगाल के सीएम शुभेंदु ने लिए 6 बड़े फैसले


पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार अस्तित्व में आ गई है. शुभेंदु सरकार सत्ता में आते ही फॉर्म में आ गई. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 5 मंत्रियों के साथ अपनी पहली कैबिनेट बैठक की, जिसमें बॉर्डर पर फेंसिंग करने और बीजेपी के मारे गए 321 कार्यकर्ताओं को सम्मान देने समेत 6 अहम फैसले लिए गए.

पहली कैबिनेट बैठक के बाद सीएम शुभेंदु ने बताया कि उनकी पश्चिम बंगाल सरकार ने बांग्लादेश के साथ सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि स्कूलों में नौकरी के आवेदकों की आयु सीमा पांच साल बढ़ाने की मंजूरी दी गई. यह वादा गृह मंत्री अमित शाह ने किया था.

पहली कैबिनेट के बाद क्या बोले शुभेंदु
शुभेंदु अधिकारी ने अपने राज्य में न्याय संहिता लागू किए जाने की बात करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार (ममता बनर्जी) ने संविधान का उल्लंघन करते हुए राज्य में भारतीय न्याय संहिता लागू नहीं की थी, लेकिन अब कैबिनेट ने अपने यहां नए अपराध कानून को लागू करने पर मुहर लगा दी है. जनगणना को लेकर सीएम ने कहा कि पिछली सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के जून 2025 के जनगणना संबंधी सर्कुलर की अनदेखी की थी लेकिन अब कैबिनेट ने इसे तत्काल लागू करने को मंजूरी दे दी है.

बीजेपी सरकार की पहली ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक में 6 अहम फैसले

निष्पक्ष चुनाव के लिए धन्यवादः कैबिनेट बैठक के दौरान सबसे पहले राज्य में विधानसभा चुनाव कराने से जुड़े सभी लोगों का आभार जताया गया. कैबिनेट ने पिछले दिनों स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग, पर्यवेक्षकों, कोलकाता पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस के प्रयासों की सराहना की.

BJP के शहीदों को सम्मान: बैठक में राज्य में कई जगहों पर हुई राजनीतिक हिंसा के दौरान भारतीय जनता पार्टी के मारे गए 321 कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी गई. साथ ही यह भी फैसला लिया गया कि राज्य सरकार अब उनके परिवारों के कल्याण की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी. इस पर शुभेंदु ने कहा, “उन 321 लोगों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि जिन्होंने असमय अपनी जान गंवा दी. सरकार उनके परिवारों के प्रति जवाबदेह है. हम उन्हें इंसाफ दिलाएंगे.”

बॉर्डर फेंसिंग पर जोर: पिछले काफी समय से पड़ोसी देशों के साथ तनावपूर्ण संबंधों को देखते हुए भारत बांग्लादेश सीमा पर बॉर्डर फेंसिंग के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज करने की बात की गई, और यह पूरी प्रक्रिया अगले 45 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी. इसके लिए भूमि एवं राजस्व सचिव और मुख्य सचिव को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है.

केंद्रीय योजनाओं का विस्तार: पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत समेत कई केंद्रीय योजनाओं को ममता बनर्जी सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान लागू नहीं किया था. इसमें आयुष्मान भारत, PM जन आरोग्य योजना, PM फसल बीमा योजना, PM विश्वकर्मा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और अन्य सभी केंद्रीय योजनाओं के तहत तत्काल नामांकन प्रक्रिया शुरू करेगी. उज्ज्वला योजना के लिए लंबित स्वीकृतियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और इसका कार्यान्वयन जल्द ही शुरू होगा.

प्रशासनिक सुधार: बीजेपी सरकार ने राज्य में IAS और IPS अधिकारियों के लिए केंद्रीय प्रशिक्षण के लिए मंजूरी दी गई. पश्चिम बंगाल अब अपने यहां भारतीय न्याय संहिता (BNS) को तत्काल लागू करेगा, जिससे पहले हुई देरी की भरपाई हो सकेगी.

नौकरी की सुरक्षा में विस्तार: कैबिनेट की बैठक में छठा अहम फैसला राज्य सरकार की सभी नौकरियों के लिए 5 साल का विस्तार दिया गया है. इस तरह से ये कदम पश्चिम बंगाल में शासन, सुरक्षा और कल्याण की दिशा में एक निर्णायक बदलाव का संकेत देते हैं. पश्चिम बंगाल में साल 2015 से कोई भर्ती नहीं हुई है, इसी वजह से सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने की ऊपरी आयु सीमा में 5 साल की वृद्धि की गई है.

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