कोलकाता: त्रेता युग में गंगासागर तट पर जिस पुण्य मुहूर्त में मां गंगा ने राजा सगर के पुत्रों को स्पर्श कर मोक्ष प्रदान किया था, उसी शुभ मुहूर्त में पुण्य स्नान के लिए इस बार करीब 85 लाख लोग पहुंचे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार गुरुवार सुबह गंगासागर तट पर इन लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई है।
इस वर्ष गंगासागर मेले में एक खास दृश्य देखने को मिला। पहली बार तृतीय लिंग (किन्नर) साधुओं की संगठित उपस्थिति दर्ज की गई। उनके लिए विशेष अखाड़ा स्थापित किया गया है, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। अब तक किन्नर साधु अलग-अलग रूप में मेले में आते थे, लेकिन इस बार अन्य साधु-संतों के सहयोग से उन्हें अपना अलग अखाड़ा मिला है। जूना अखाड़े से कुल 12 किन्नर साधु गंगासागर पहुंचे हैं।
मकर संक्रांति के अवसर पर गंगासागर मेला पूरी तरह श्रद्धा और आस्था के रंग में रंगा नजर आया। पवित्र स्नान के लिए अब तक करीब 85 लाख श्रद्धालु गंगासागर पहुंच चुके हैं। दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के अनुसार गुरुवार दोपहर तक स्नान का शुभ मुहूर्त रहने के कारण रात तक श्रद्धालुओं की संख्या एक करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। कपिल मुनि आश्रम के मुख्य महंत ज्ञान दास जी महाराज ने बताया कि गुरुवार सुबह से ही श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगानी शुरू कर दी है।
प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार दोपहर तीन बजे तक 85 लाख से अधिक पुण्यार्थी गंगासागर में मौजूद थे। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगासागर की ओर रवाना हो रहे हैं। गुरुवार दोपहर एक बजकर 19 मिनट तक पुण्य स्नान का शुभ समय है, इसी को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त तैयारियां की हैं।
राज्य के मंत्री अरूप विश्वास ने बताया कि मेले में पेयजल, ठहरने और स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि बाहर से आए श्रद्धालु भी व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। मेले में करीब 150 स्वयंसेवी संगठन और लगभग 10 हजार कर्मी दिन-रात सेवा कार्य में जुटे हुए हैं।
इस बीच मेले में अब तक एक श्रद्धालु की मौत की सूचना मिली है। मृतक असम का निवासी बताया गया है, जिसका नाम मित्थू मंडल है। इसके अलावा पांच श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर बेहतर इलाज के लिए भेजा गया है। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन, मंत्री, अधिकारी और स्वयंसेवी संस्थाएं लगातार मौके पर निगरानी कर रही हैं।
गंगासागर मेले में हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में साधु-संत पहुंचे हैं। भस्म लगाए नागा साधु, एलईडी लाइट से सजे ‘लाइट बाबा’ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वहीं नागा संन्यासियों ने राज्य सरकार से भत्ते के साथ बिजली और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है।

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