उदयपुर में नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट लिखने वाले शख्स की दिनदहाड़े तलवार से निर्मम हत्या


उदयपुरः राजस्थान के उदयपुर में कुछ दिन पहले भाजपा से निलंबित नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने वाले कन्हैयालाल नामक एक युवक की मंगलवार को दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। हमलावर कपड़े सिलवाने के बहाने उसकी दुकान में घुसे और तलवार से उसकी हत्या कर दी। हमलावरों ने घटना के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर हत्या की जिम्मेदारी ली है।

गोवर्धन विलास इलाके के रहने वाले कन्हैयालाल (40) की यहां धानमंडी स्थित भूतमहल के पास सुप्रीम टेलर्स नाम से दुकान है। मंगलवार अपराह्न करीब ढाई बजे बाइक सवार दो बदमाश दुकान पर आए। कपड़े सिलवाने और नाप देने के बहाने दुकान में घुसे। कन्हैयालाल कुछ समझ पाते, उससे पहले ही बदमाशों ने उनपर हमला बोल दिया। हमलावरों ने उन पर तलवार से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

इस हमले में कन्हैयालाल का साथी ईश्वर सिंह गंभीर रूप से घायल है, जिसे एमबी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हत्या की सूचना इलाके में तेजी से फैली, जिससे उदयपुर शहर क्षेत्र के बाजार आनन-फानन में बंद हो गए। लोगों में दहशत का माहौल है। आक्रोशित युवाओं ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा के समर्थन में नारेबाजी की।


वारदात के बाद इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। कलेक्टर ताराचंद मीणा और पुलिस अधीक्षक मनोज चौधरी ने भी मौका ए वारदात का दौरा किया। इधर, परिजनों ने नौकरी, हत्यारों को सजा और 50 लाख रुपये मुआवजा देने तथा थानाधिकारी के निलंबन की मांग की है।

पता चला है कि कन्हैयालाल ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल की थी, जिसको लेकर समुदाय विशेष के एक पक्ष में गहरी नाराजगी थी। पुलिस ने कन्हैयालाल को गिरफ्तार भी किया था लेकिन वह जमानत पर था। उसने अपनी जान का खतरा होने की अर्जी भी थाने में दी थी। उसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को बैठाकर सुलह-समझौता करा दिया। हालांकि कुछ दिनों तक कन्हैयालाल ने दुकान बंद रखी थीं लेकिन स्थिति सामान्य होती मानकर वह आज दुकान पर पहुंचा और हमलावरों ने उसकी हत्या कर दी।

गौरतलब है कि थाने में आपस में सुलह कराए जाने के बाद हमलावरों ने उसकी हत्या कर दी। उन्होंने हत्या का वीडियो भी बनाया, जो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इतना ही नहीं, इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती देते हुए एक और वीडियो ट्वीट किया है। वारदात के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें हमलावर धमकी भरे लहजे में बात कर रहे हैं।

उदयपुर के पुलिस अधीक्षक मनोज चौधरी का कहना है कि मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बड़ी बेरहमी से हत्या की गई है। जो भी अपराधी हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट के बाद मिल रही धमकियों की शिकायत के सवाल पर चौधरी ने कहा कि मृतक से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। कुछ आरोपितों की पहचान हुई है। टीम भेज दी गई है।

उधर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर लोगों से शांति की अपील की है। ट्वीट संदेश में उन्होंने कहा, उदयपुर में युवक की जघन्य हत्या की भर्त्सना करता हूं। इस घटना में शामिल सभी अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी एवं पुलिस अपराध की पूरी तह तक जाएगी। मैं सभी पक्षों से शान्ति बनाए रखने की अपील करता हूं। ऐसे जघन्य अपराध में लिप्त हर व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। मैं सभी से अपील करता हूं कि इस घटना का वीडियो शेयर कर माहौल खराब करने का प्रयास ना करें। वीडियो शेयर करने से अपराधी का समाज में घृणा फैलाने का उद्देश्य सफल होगा।

केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने इस हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा, उदयपुर के एक सीधे-सादे नागरिक की बर्बरता से हत्या और आरोपितों द्वारा वीडियो बनाकर अपराध स्वीकारना बताता है कि तुष्टीकरण सीमाएं लांघ जाए तो वातावरण खूनी वैमनस्य का शिकार हो जाता है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ शिकायत को अनदेखा किया, जिसका वीभत्स परिणाम सामने है। यह वारदात सभ्य समाज को भयग्रस्त करने की साजिश का हिस्सा है, गहलोतजी सपाटबयानी कर पल्ला नहीं झाड़ सकते। उनकी जिम्मेदारी है प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित महसूस कराना और उन कारणों पर रोक लगाना जिनसे इस तर्ज के अपराध और अपराधी पनप रहे हैं। अपनी एकांगी नीतियों की वजह से राज्य सरकार वैसे भी कटघरे में खड़ी है।