लखीमपुर हिंसा मामले में आरोपित केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा मोनू बीमार, अब शनिवार को होगा पेश

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में उपद्रव तथा हिंसा में आठ लोगों की मृत्यु के मामले में किसानों की ओर दर्ज कराई गई एफआइआर में मुख्य आरोपित आशीष मिश्रा उर्फ मोनू शनिवार को लखीमपुर खीरी पुलिस लाइंस में क्राइम ब्रांच टीम के समक्ष पेश होगा। सुप्रीम कोर्ट में लगातार दूसरे दिन इसी केस को लेकर सुनवाई के बीच में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा को शुक्रवार को ही क्राइम ब्रांच के समक्ष दस बजे पेश होना था, लेकिन आज तबीयत खराब होने के कारण वह पेश नहीं हो सका।

लखीमपुर खीरी कांड में आशीष मिश्रा उर्फ मोनू को 24 घंटे की और मोहलत मिली है। बताया जा रहा है कि आशीष मिश्रा बीमार है और पुलिस से पेश होने के लिए समय मांगा है। लखीमपुर खीरी पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने आशीष मिश्रा मोनू को शनिवार को दिन में 11:00 बजे तक पेश होने का निर्देश दिया है। केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी के घर पर एक और नोटिस चस्पा कर दिया है। उनके बेटे आशीष को दूसरी नोटिस में 24 घंटे की मोहलत दी गई। आज सुबह 10 बजे पेश होने का इंतजार करती रही पुलिस।पुलिस ने इस बीच साफ कह दिया है कि अगर आशीष मिश्रा मोनू शनिवार को भी किसी कारण से पेश नहीं हो सके तो फिर कानून अपना काम करेगा। इस मामले में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी का कहना है कि बेटे को कहीं छिपाया नहीं गया है। वह बड़ा है और अपने हिसाब से निर्णय लेता है। 

आशीष के बाहर भागने की बातें सब मनगढ़ंत

आशीष मिश्रा के चचेरे भाई अमित मिश्रा ने कहा कि भागने की कोई बात नहीं है। आशीष एसआईटी के सामने पेश होंगे, छिपने की भी कोई बात नहीं है। अमित ने कहा कि यह कांग्रेस का फैलाया प्रोपेगेंडा है, आशीष उस वक्त (घटना के वक्त) बनवीरपुर में थे, मतलब मौका ए वारदात पर नहीं थे। अमित ने कहा कि आशीष के बाहर भागने की बातें सब मनगढ़ंत हैं। वह कोई अपराधी नहीं जो भागे और वीडियो में ऐसा कुछ नहीं दिख रहा हैं। थार चलाने वाला ड्राइवर था, जिसकी मौत हो गई है। अमित ने आगे कहा कि आशीष को जो सबूत देने थे वह दे चुके हैं। पुलिस ने कल देर रात समन जारी किया है। उनसे हमारा संपर्क नहीं हैलेकिन आशीष एसआईटी के सामने पेश जरूर होंगे। लखीमपुर खीरी में उपद्रव तथा हिंसा के मामले में आशीष मिश्रा की तरफ से क्रास एफआइआर के लिए तहरीर देने वाला आशीष का दोस्त सुमित जायसवाल भी फरार है। वह घटना के समय थार जीप से निकलकर भागा था। सुमित जायसवाल को आशीष मिश्रा का करीबी बताया जाता है। 

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश यूपी सरकार के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि जिस आदमी के खिलाफ आरोप है, वो बेहद गंभीर आरोप है। हमने उसको नोटिस जारी किया है, अगर वो कल 11 बजे तक हाजिर नहीं होते हैं तो हम कार्रवाई करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि लखीमपुर खीरी में हत्या के मामले में आरोपी से अलग व्यवहार क्यों हो रहा है तो हरीश साल्वे ने कहा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई भी बुलेट की इंजरी नहीं है। इसी कारण आरोपी को सिर्फ नोटिस दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई बुलेट इंजरी नहीं है तो भी यह गंभीर अपराध है। साल्वे ने कहा कि मेरी पुलिस के उच्चाधिकारियों से बात हुई है। इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।