बाडीगार्ड की संदिग्ध मौत मामले में सीआइडी के सामने पेश नहीं होंगे सुवेंदु अधिकारी

अपने बाडीगार्ड शुभब्रत चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत मामले में बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता व भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी आज सीआइडी के सामने पेश नहीं होंगे। राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआइडी) ने अधिकारी को आज सुबह करीब 11 बजे कोलकाता स्थित भवानी भवन मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है। भाजपा नेताओं के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष अधिकारी का कोलकाता से करीब 180 किलोमीटर दूर बांकुरा में दोपहर तीन बजे एक संगठनात्मक बैठक को संबोधित करने का कार्यक्रम है।

सूत्रों का कहना है कि अधिकारी ने सीआइडी को ई-मेल के जरिए सूचित किया है कि वह आज पेश नहीं हो सकेंगे। उन्होंने हाई कोर्ट में मामले के विचाराधीन होने का भी हवाला दिया है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले सुवेंदु ने कहा था कि राज्य सरकार उन्हें हर दिन डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मैं डरता नहीं हूं।

बता दें कि इस मामले में सुवेदु के गाड़ी चालक शंभू माइति और उनके एक करीबी संजीव शुक्ला को भी सीआइडी ने सात सितंबर, मंगलवार को हाजिर होने का नोटिस जारी किया है। करीब तीन वर्ष पहले शुभब्रत चक्रवर्ती की मौत हो गई थी।

शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने आत्महत्या बताते हुए मामला बंद कर दिया था। परंतु, अचानक विधानसभा चुनाव के बाद शुभब्रत की पत्नी ने थाने में हत्या होने की आशंका जताते हुए मामले की फिर से जांच करने की मांग शुरू कर दी। इसके बाद जुलाई में यह केस सीआइडी को सौंप दिया गया। उसने 2018 में पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी स्थित पुलिस बैरक में कथित तौर पर खुद को गोली मार ली थी। आपको बता दें कि इस मामले में सुवेंदु अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने अपने सुरक्षा गार्ड को आत्महत्या के लिए उकसाया था शुभब्रत चक्रवर्ती उस समय राज्य के परिवहन मंत्री सुवेंदु अधिकारी सुरक्षा टीम का हिस्सा थे। मामले की जांच के तहत इस साल जुलाई में चार सदस्यीय सीआइडी टीम ने पूर्व मेदिनीपुर में सुवेंधु अधिकारी के आवास भी गया था।

कहा जा रहा है कि एक तरफ जहां कोयला, नारद स्टिंग, सारधा चिटफंड घोटाले में सीबीआइ, ईडी तृणमूल नेताओं व मंत्रियों के खिलाफ जांच कर रही है। यहां तक कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी व उनकी पत्नी रुजिरा के खिलाफ भी जांच कर रही है। ऐसे में भला बंगाल सरकार भाजपा नेताओं को क्यो  बख्शे। सुवेंदु का आरोप है कि जो केस बंद हो चुका था उसे फिर से खोला गया और जांच की जा रही है। यह सिर्फ सियासी प्रतिशोध के तहत हो रहे है। क्योंकि, हमने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम में पराजित कर दिया। इसी के बाद यह मुकदमा किया गया है।