सोनिया गांधी ने आज बुलाई विपक्षी दलों की बैठक, डिजिटल माध्यम से बनर्जी ले सकती हैं हिस्सा

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी विपक्षी एकजुटता की कवायद के तहत शुक्रवार को देश के कई प्रमुख विपक्षी नेताओं के साथ डिजिटल बैठक करेंगी जिसमें बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी हिस्सा ले सकती हैं। बंगाल के अलावा महाराष्ट्र, तमिलनाडु और झारखंड के मुख्यमंत्री भी इसमें शामिल हो सकते हैं। इससे पहले बंगाल चुनाव में प्रचंड जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने हाल में पांच दिवसीय दिल्ली दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने सोनिया गांधी सहित कांग्रेस के कई नेताओं से मुलाकात की थी। कांग्रेस नेताओं के अलावा उन्होंने विपक्ष के भी कई प्रमुख नेताओं से मुलाकात की थी।

दरअसल 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ममता भी विपक्षी दलों को एकजुट करने में जुटी है। ममता खुद को विपक्ष का चेहरे के रूप में देखना चाहती हैं। ऐसे में सोनिया गांधी की इस बैठक में ममता के शामिल होने और इसमें वह क्या बात रखती हैं इस पर सबकी नजर है। वहीं खबर है कि सोनिया गांधी की इस बैठक में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के अलावा बसपा और अकाली दल को न्यौता नहीं दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी देश के सामने खड़े प्रमुख मुद्दों पर विपक्षी दलों को साथ लेकर सरकार को घेरने की कोशिश में हैं और इसी प्रयास के तहत यह बैठक बुलाई गई है।

विपक्षी दल राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला करने के वास्ते एकजुट होने के लिए प्रयासरत हैं ताकि अगले लोकसभा चुनाव में विपक्ष की ओर से कड़ी चुनौती पेश की जा सके। हाल ही में संपन्न हुए संसद के मानसून सत्र के दौरान पेगासस जासूसी विवाद, किसान आंदोलन और महंगाई के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ विपक्षी एकजुटता देखने को मिली।

इस दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी विपक्षी एकजुटता की पूरी कवायद के केंद्र बिंदु नजर आए। सोनिया गांधी के साथ डिजिटल बैठक के लिए बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार समेत कई विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया है। हालांकि, बैठक का एजेंडा सामने नहीं आया है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि बैठक में विपक्षी दलों के मुद्दों पर चर्चा करने और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने के तरीकों पर विचार विमर्श होगा।

सूत्रों का कहना है कि अफगानिस्तान के हालात और पूर्वोत्तर के कुछ हालिया घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में विपक्षी दल सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सवाल कर सकते हैं। ममता बनर्जी ने भी पिछले महीने अपने दिल्ली दौरे में विपक्ष की एकजुटता पर जोर दिया था। तब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करने के साथ-साथ कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कमलनाथ, आनंद शर्मा और अभिषेक मनु सिंघवी से भी मिली थीं। बनर्जी ने दिल्ली दौरे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, द्रमुक नेता कनिमोई से भी मुलाकात की थी। इनके अलावा उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव से भी फोन पर बात की थी।