मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सीने में दर्द के बाद की गई एंजियोप्लास्टी, लगाया गया स्‍टेंट

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गई। गुरुवार देर रात गहलोत को सीने में कुछ तकलीफ और दर्द हुआ। इस पर शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री निवास का स्टाफ और चिकित्सा मंत्री डाक्टर रघु शर्मा उन्हे एसएमएस अस्पताल लेकर गए जहां ईसीजी और अन्य जांचे करवाई गई। उनके एक आर्टरी में ब्लाकेज होने की बात सामने आई है। अशोक गहलोत के सीने में उठे तेज दर्द के बाद जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में उनकी एंजियोप्लास्टी की गई है। गहलोत की एक आर्टरी में 90 फीसदी ब्लाकेज पाया गया। उसके बाद उन्हें एक स्‍टेंट लगाया गया है। उनका स्वास्थ्य अब ठीक बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री फिलहाल अस्पताल में डाक्टरों की निगरानी में हैं।

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन समेत कांग्रेस और भाजपा के कई नेताओं ने उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। बताया जा रहा है कि एंजियोप्लास्टी के बाद गहलोत को संभवतया 24 घंटे सवाई मानसिंह अस्पताल में आब्जर्वेशन में रखा जाएगा। एसएमएस के वरिष्ठ चिकित्सक उनके स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं। अस्पताल के डाक्टरों के मुताबिक गहलोत को सीसीयू में भर्ती कराया गया है। स्कैनिंग के दौरान पता चला कि एक धमनी में ब्लाकेज है। गहलोत का आज शाम दिल्ली जाने का कार्यक्रम था। वहां उनकी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से उनकी मुलाकात होनी थी।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तबीयत खराब होने के चलते उन्हें एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बताया जा रहा है कि उनके सीने में भारीपन और थकावट के चलते अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं, अशोक गहलोत ने भी इसी ट्वीट कर जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सीने में तेज़ दर्द के बाद जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उनकी एंजियोप्लास्टी की जाएगी। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन और प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्वीट कर गहलोत के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। इस बीच मुख्य सचेतक महेश जोशी अशोक गहलोत से मिलने के लिये एसएमएस अस्पताल पहुंचे हैं। गहलोत के स्वास्थ्य परीक्षण और एंजियोप्लास्टी के दौरान चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा भी अस्पताल में मौजूद रहे।

विशेष रूप से, गहलोत का आज दिल्ली का दौरा करने और कांग्रेस नेतृत्व से मिलने का कार्यक्रम था। लेकिन उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उनका दौरा रद्द कर दिया गया है। 70 वर्षीय गहलोत दिसंबर 2018 में विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद रिकार्ड तीसरे कार्यकाल के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने दिसंबर 1998 से 2003 और 2008 से 2013 तक इस पद पर रहे।