पश्चिम बंगाल बोर्ड 11वीं और 12वीं कक्षाओं में लागू कर सकता सेमेस्टर सिस्टम, WBCHSE प्रेसीडेंट ने दी ये जानकारी

WBCHSE Semester System: पश्चिम बंगाल बोर्ड से कक्षा 11 और कक्षा 12 के स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर। वेस्ट बंगाल काउंसिल ऑफ हायर सेकेंड्री एजुकेशन (डब्ल्यूबीसीएचएचई) द्वारा हायर सेकेंड्री कक्षाओं में सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जा सकता है। काउंसिल द्वारा कक्षा 11 और कक्षा 12 में सेमेस्टर आधारित कैरिकुलम लागू करने को लेकर पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग से लिए प्राप्त होने वाले सुझावों का इंतजार किया जा रहा है। हाल में बने WBCHSE के नये प्रेसीडेंट डॉ. चिरंजीब भट्टाचार्य ने कहा कि अगले साल में हायर सेकेंडरी परीक्षा आयोजित करने का तरीका राज्य सरकार के निर्देश और उस समय की COVID-19 स्थिति पर निर्भर करेगा।

पश्चिम बंगाल हायर सेकेंड्री कक्षाओं में सेमेस्टर सिस्टम लागू करने को लेकर प्रकाशित विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार WBCHSE अगले शैक्षणिक वर्ष या उसके बाद के वर्ष में कक्षा 11 और 12 के कैरिकुलम में सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्डों पर गठित सेमेस्टर-आधारित पाठ्यक्रम मॉडल पर विचार कर सकता है। WBCHSE के अध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि काउंसिल उच्च शिक्षा विभाग की सिफारिशों और सम्बन्धित राज्य मंत्री के निर्देशों के आधार पर निर्णय लेगी। प्रेसीडेंट ने आगे संकेत दिया कि काउंसिल द्वारा वर्ष 2022 या 2023 की परीक्षाओं में कोई भी सुधार सिर्फ स्वयं के आधार पर नहीं किया जाएगा और बाद में COVID-19 स्थिति के आधार पर चीजें स्पष्ट होंगी।

बता दें कि ममता बनर्जी सरकार ने उच्च माध्यमिक परीक्षाओं में फेल होने वाले छात्रों द्वारा राज्य भर में किये गये विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन WBCHSE अध्यक्ष महुआ दास को पद से हटाने के बाद जादवपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ भट्टाचार्य को हाल ही में काउंसिल का प्रमुख नियुक्त किया।

वर्ष 2021 की बोर्ड परीक्षाओं को कोरोना महामारी की दूसरी लहर से संभावित संक्रमण से स्टूडेंट्स को बचाने के उद्देश्य से रद्द कर दिया गया था। इसके बाद पिछली परीक्षाओं में छात्रों द्वारा प्राप्त अंकों पर आधारित वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली से घोषित छात्रों का मूल्यांकन किया गया। घोषित परिणामों में असफल होने वाले छात्र लगभग 18000 थे और राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद पुनर्मूल्यांकन के बाद उन्हें उत्तीर्ण घोषित कर दिया गया था।