ममता के मुख्य सलाहकार अलापन बंद्योपाध्याय ने केंद्र को दिया जवाब - दायित्व पालन में कभी नहीं बरती किसी तरह की कोताही

बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव व वर्तमान में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलापन बंद्योपाध्याय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत उन्हें भेजे गए 'कारण बताओ नोटिस' का जवाब दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पिछले दिनों कलाईकुंडा एयरफोर्स बेस पर चक्रवात 'यास' से बंगाल को पहुंचे नुकसान का आकलन करने को बुलाई गई बैठक में तत्कालीन मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय के शामिल नहीं होने पर उन्हे यह नोटिस भेजा गया था।

नोटिस में कहा गया था कि बैठक में भाग नहीं लेकर अलापन बंद्योपाध्याय ने आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 (बी) के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। उनसे पूछा गया था कि इसे लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए? नोटिस का जवाब देने के लिए अलापन बंद्योपाध्याय को तीन दिनों का समय दिया गया था। राज्य सचिवालय नवान्न सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अलापन बंद्योपाध्याय ने निर्धारित समय में नोटिस का जवाब केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आपदा प्रबंधन मंत्रालय के अधर सचिव आशीष कुमार सिंह को भेज दिया है।

अलापन बंद्योपाध्याय ने लिखा है कि उन्होंने दायित्व पालन में कभी किसी तरह की कोताही नहीं बरती है। हमेशा पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना काम किया है। तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर राय ने अलापन बंद्योपाध्याय को केंद्र की ओर से भेजे गए नोटिस को 'गैरकानूनी' करार दिया था। उन्होंने कहा था कि पूर्व मुख्य सचिव के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 (बी) के तहत इस तरह से नोटिस नहीं लाया जा सकता। आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन का सवाल ही पैदा नहीं होता। केंद्र सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई करना बंद करे।

दूसरी तरफ भाजपा नेता व बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने अलापन बंद्योपाध्याय के खिलाफ अनुशासनहीनता, प्राकृतिक आपदा के समय सेवा नियमों का उल्लंघन करने को लेकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने सवाल किया कि पूर्व मुख्य सचिव को आखिर क्या राज पता है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनकी रक्षा के लिए सबकुछ कर रही हैं?

बंगाल में बेतुका खेल चल रहा है। अपने अहंकार की खातिर भारत के संघीय ढांचे को नष्ट करने और मुख्य सचिव को उनकी अनुशासनहीनता के लिए बचाने के लिए मुख्यमंत्री भारत के संविधान को बदनाम कर रही हैं। गौरतलब है कि दिल्ली तलब किए जाने के बाद अलापन बंद्योपाध्याय ने गत सोमवार को रिटायरमेंट ले लिया था, जिसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें तीन साल के लिए अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त किया था।