कोरोना से लड़ाई में भारत की मदद करेगी अमेरिकी योग संस्था, को-वेंटिलेटर की करोगी आपूर्ति

कोरोना वायरस की दूसरी लहर से लड़ाई में भारत की मदद के लिए अमेरिकी योग संस्था ने अपना हाथ बढ़ाया है। अमेरिका में एक गैर-लाभकारी योग और ध्यान संस्था ने देश को को-वेंटिलेटर की आपूर्ति करके कोरोना महामारी के दौरान भारत का समर्थन करने की घोषणा की है।

अमेरिकन एकेडमी फॉर योग एंड मेडिटेशन (एएवाईएम) ने सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के समारोह के दौरान यह घोषणा की, जिसमें विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन भी शामिल हुए थे। मुरलीधरन ने कहा कि दुनिया को सकारात्मक रहने और स्वस्थ शरीर पाने के लिए योग और ध्यान की जरूरत है। कार्यक्रम का उद्घाटन विश्व के सबसे बड़े योग विश्वविद्यालय और अस्पताल, एसवीवाइएएसए के कुलपति डॉ एचआर नागेंद्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया ।         

एएवाईएम के अध्यक्ष डॉ इंद्रनील बसु ने कहा, 'दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है और ऐसे संकेत हैं कि भारत में तीसरी लहर भी आ सकती है। हम भारत में को-वेंटिलेटर भेजने जा रहे हैं।' वैश्विक आपदा पहल के प्रमुख और एएवाईएम के उपाध्यक्ष डॉ अमित चक्रवर्ती ने कहा, 'कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप की भयावहता को देखते हुए हमारा अनुमान है कि ऑक्सीजन सांद्रक से कहीं अधिक जरूरत वेंटीलेटर की है।

नागेंद्र ने आधुनिक चिकित्सा के एकीकरण के माध्यम से गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के खिलाफ लड़ाई में निरंतर योगदान के लिए एएवाईएम के दृष्टिकोण की प्रशंसा की। सम्मेलन को लेखक दीपक चोपड़ा, डेविड फ्रॉली और इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ योग थेरेपिस्ट्स (आईएवाईटी) के सीईओ एलिसा वर्सेल ने भी संबोधित किया।