Corona in Bengal: कोरोना वायरस महामारी में कोलकाता की पॉ‌जिटिविटी दर है 41.1 फीसद

कोरोना वायरस महामारी को लेकर राज्य सरकार ने कड़ी सख्ती यूं नहीं उठाई है। इसके पीछे एक बड़ी वजह है। ऐसे में जरूरत है कि लोग कोरोना वायरस की दूसरी लहर से संभलकर रहें। वेस्ट बंगाल मेडिकल काउंसिल के सदस्य डॉ.पीके नेमानी ने कहा कि बीमारी के प्रति जागरूक रहने का समय है। बंगाल में भी कोविड की रफ्तार कम होगी, हालांकि थोड़ा समय लग रहा है। लॉकडाउन का असर धीरे-धीरे लोगों को नजर आएगा।

यदि कोविड के आंकड़ों पर गौर करें तो बंगाल के पड़ोसी राज्य झारखंड में कोविड पॉजिटिविटी रेट सबसे अधिक केवल गुमला जिले में 17.4 फीसद है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड की रेट को कम करने के लिए हमें और ठोस प्रयास करने की जरूरत है। बिहार में भी कोविड की पॉ‌जिटिव रेट बंगाल से कम है। बिहार में पटना में कोविड पॉजिटिविटी रेट सबसे अधिक 15.4 फीसद है। हालांकि ओड़िशा की स्थिति बंगाल के आस-पास ही कही जा सकती है। यहां अनुगुल में कोविड पॉजिटिविटी रेट 35.8 फीसद है। यह सबसे अधिक है।

वैक्सीनेशन पर जोर देने की आवश्यकता

एसोसिएशन ऑफ हेल्थ सर्विस डॉक्टर्स (एएचएसडी), वेस्ट बंगाल के महासचिव डॉ.मानस गुमटा ने कहा कि स्थिति की भयावहता को देखते हुए हमें अधिक से अधिक वैक्सीनेशन की प्रक्रिया पर ही जोर देने की जरूरत है। इससे ही हम एक बड़े क्षेत्र को कोविड की लहर से सुरक्षित रखने में कारगर साबित हो सकते हैं। डॉ. नेमानी ने कहा कि कोविड वायरस के बढ़ते मामलों को कम करने के लिए अनेकों उपाय सरकार की ओर से किए जा रहे हैं। जरूरत है कि लोग भी इसके प्र‌ति जागरूक रहें। मॉस्क अवश्य पहनें। नारायण मेमोरियल अस्पताल की सीईओ सुपर्णा सेनगुप्ता ने कहा कि देखा जा रहा है कि कोविड के मरीज अस्पताल में काफी देर से आ रहे हैं। जागरूक रहकर लोग समय पर डॉक्टर के पास पहुंचे, इसकी आवश्यकता है।