मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक्शन में, कई वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों का फेरबदल


बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद तीसरी बार सत्ता की कमान संभालने के बाद से  ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक्शन में हैं। इस बीच शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से एक बार फिर कई वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों का फेरबदल किया गया। राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार एडिशनल डायरेक्टर (सिक्यूरिटी) ज्ञानवंत सिंह को एडीजी सीआइडी के साथ एडिशनल डायरेक्टर (सिक्यूरिटी) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं एडीजी सीआइडी अनुज शर्मा को एडीजी आर्म्ड पुलिस बनाया गया है। 

इसके अलावा एडीजी वेलफेयर डब्ल्यूबी रनवीर कुमार को एडीजी एडमिन (1), स्पेशल सीपी कोलकाता देवाशीष राय को एडीजी ट्रेनिंग डब्ल्यूबी, एडीजी टेलीकॉम्यूनिकेशन नटराजन रमेश बाबू को एडीजी वेलफेयर, एडीजी ट्रेनिंग अजेय मुकुंद रानाडे को एडवाइजर (सिक्यूरिटी एंड विजिलेंस) डब्ल्यूबीएसईडीसीएल और एडीजी एडमिन डॉ. आर.शिवकुमार को एडीजी एडमिन (2) बनाया गया है।बताते चलें कि दो हफ्ते पहले बंगाल में तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी ने विभिन्न रैंक के आइपीएस और आइपीएस अधिकारियों का तबादला किया था। कोलकाता महानगर विकास परिषद के सीइओ पी उलगानाथन को दक्षिण 24 परगना जिले का जिलाधिकारी बनाया गया था। पश्चिम बर्द्धमान जिले के जिलाधिकारी (डीएम) अनुराग श्रीवास्तव का पश्चिम बंगाल मिनरल डेवलपमेंट एंड ट्रेडिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड में तबादला किया गया था। आदेश के अनुसार, दार्जिलिंग के डीएम शशांक सेठी को नदिया का डीएम जबकि विभु गोयल, संयुक्त सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को पश्चिम बर्द्धमान जिले का डीएम बनाया गया था।

डब्ल्यूबीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक एस पोन्नामबलम को दार्जिलिंग का डीएम बनाया गया था। एक अन्य आदेश के अनुसार, आइपीएस काडर में पश्चिम जोन के एडीजी आइजीपी डॉ. राजेश कुमार और अलीपुर के एसपी (पुलिस अधीक्षक) को अनिवार्य प्रतीक्षा में रखा गया था। आदेश के अनुसार, एसपी हावड़ा (ग्रामीण) श्रीहरि पांडे और पूर्वी बर्द्धमान के एसपी अजित सिंह को भी अनिवार्य प्रतीक्षा में रखा गया था। बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय के डीसी उत्तरी जोन अमरनाथ के. को पूर्वी मिदनापुर जिला का एसपी बनाया गया था। पदभार संभालने के कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री ने बुधवार को शीर्ष स्तर के 29 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया। इनमें अधिकतर वे अधिकारी थे जिनका तबादला चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने किया था।