बीजेपी ऐसे करेगी बंगाल फतह-जानिये क्या है फॉर्मुला


न्यूज डेस्कः
पश्चिम बंगाल की चुनावी जंग को बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने नाक का सवाल बना लिया है. बंगाल को फतह करने के लिए बीजेपी ने यूपी का फॉर्मुला अमल में लाना शुरू कर दिया है. जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने यूपी का किला फतह किया ता उसी तरह बंगाल की जंग को जीतने का पूरा दारोमदार मोदी और शाह की जोड़ी पर ही निर्भर कर रही है. पश्चिम बंगाल में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ सियासी संज में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी प्लानिंग कर ली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में अगले सप्ताह से भाजपा की ताबड़तोड़ रैलियां शुरू हो रही हैं. 

यूपी की तरह ही बंगाल में मुख्यमंत्री के चेहरे के बगैर बीजेपी उतरी है. वहां की रैलियों में पीएम की मौजूदगी से पार्टी का प्रदर्शन बेहतरीन हुआ था. भाजपा नेताओं का तर्क है कि पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 12 रैलियों को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने 100 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया, जिससे पार्टी को बड़ी मदद मिली. उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 110 निर्वाचन क्षेत्रों में 20 से अधिक रैलियों को संबोधित किया. इसलिए पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी 20 से अधिक रैलियां करेंगे. 2017 में यूपी में पीएम नरेंद्र मोदी ने करीब 20 से अधिक रैलियां की थीं और दो रोड शो किया था. इस तरह उन्होंने 403 सीटों में से 118 सीटों को कवर किया था. बीजेपी ने इन 118 सीटों में से 99 पर जीत हासिल की थी और उसकी सहयोगी पार्टी अपना दल को भी तीन सीटों पर जीत मिली थी. 

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में अगले सप्ताह से बड़े पैमाने पर चुनाव प्रचार करेंगे. पीएम मोदी की ज्यादा से ज्यादा रैलियों का आयोजन किया जायेगा. सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में 18 मार्च को, कोंताई में 20 मार्च को और बांकुड़ा में 21 मार्च को चुनावी रैलियां करेंगे. वहीं, दूसरी ओर अमित शाह 14 को बंगाल आयेंगे. साथ ही शाह बंगाल में 19, 26 और 27 मार्च को भी जनसभा को संबोधित करेंगे. 

अमित शाह के बंगाल दौरे की सबसे अहम बात यह है कि अपनी यात्रा के दौरान शाह पश्चिम बंगाल के 122 पार्टी कार्यकर्ताओं के परिवार के सदस्यों से मिलेंगे, जो भाजपा अध्यक्ष के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान मारे गए थे.