Justice For Puja Bharti: कैंडल मार्च में गूंजा-हत्यारों को फांसी दो, सीबीआइ जांच के लिए कोर्ट जाएंगे प्रशांत

हजारीबाग मेडिकल कॉलेज की छात्रा पूजा भारती को पतरातू डैम में डुबोकर हत्या की घटना के एक सप्ताह होने चले हैं। अब पुलिस के हाथ खाली हैं। इस मामले को लेकर पूजा भारती के गृह जिले गोड्डा में आक्रोश बढ़ रहा है। पूजा को न्याय दिलाने के लिए शनिवार को गोड्डा के पथरगामा में कैंडल मार्च निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुषों ने भाग लिया। हत्यारों को फांसी देने की मांग की गई। दूसरी तरफ पूजा भारती हत्याकांड की सीबीआइ जांच को लेकर पोड्डैयाहाट के पूर्व विधायक प्रशांत मंडल ने कोर्ट में जाने की बात कही है। 

झारखंड में बेटी-बहू सुरक्षित नहीं

मेडिकल छात्रा पूजा भारती हत्या कांड को लेकर शनिवार की संध्या पथरगामा की सेविका, सहायिका, पोषण सखी आदि ने मिलकर कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च में महिलाओं ने हत्यारे को फांसी देने का नारा लगाया।  कैंडल मार्च के बाद कहा गया है कि इस हत्या कांड से महिलाएं मर्माहत है। आए दिन प्रदेश में इस तरह की घटनाएं हो रही है। अब लग रहा बहू- बेटी राज्य में सुरक्षित नहीं है। घर से बाहर निकलने में डर सा लग रहा है। अपराधी में कानून का डर समाप्त हो गया है। इसलिए अपराधी इस तरह की घटना को अंजाम दे रहा है। महिलाओं  हत्या कांड की सीबीआई जांच की मांग की है। मौके पर संयोजक गोपाल यादव, सेविका संघर्ष समिति की जिला अध्यक्ष गौरी मिश्रा, बबिता कुमारी, जयश्री , जुली, पिंकी, कंचन देवी, रूबी देवी, नूतन सिन्हा, गुंजा कुमारी सहित दर्जनों महिलाएं मौजूद थीं।

सीबीआइ जांच नहीं हुई तो जाएंगे कोर्ट : प्रशांत

पूजा हत्याकांड में राज्य सरकार की पुलिस जांच में अबतक कोई फलाफल नहीं निकल पाया है। 12 जनवरी को पतरातू डैम में पूजा की लाश मिली थी। सरकार को अविलंब इसकी सीबीआइ जांच की अनुशंसा करनी चाहिए। उक्त बातें पोड़ैयाहाट के पूर्व विधायक प्रशांत मंडल ने कही। उन्होंने कहा कि सीबीआइ जांच की अनुशंसा नहीं की गई तो वे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि पूजा भारती की हत्या के तार हजारीबाग मेडिकल कॉलेज से ही जुड़ा हुआ है। वहां के प्राचार्य सहित पूरा कॉलेज प्रबंधन सीधे रूप से गोड्डा की बेटी की हत्या के लिए जिम्मेवार है। कहा कि प्रायोगिक  परीक्षा के लिए अपने हॉस्टल से निकलने के बाद पूरे दिन अगर वह कॉलेज में नहीं थी तो इसकी पड़ताल कॉलेज प्रशासन ने सोमवार को पूरे दिन क्यों नहीं की। अभिभावकों की सूचना के बाद कॉलेज प्रशासन की नींद खुली। इस मामले में कॉलेज की भूमिका की गहराई से जांच होनी चाहिए।

सीबीआइ ही सुलझा सकती गुत्थी

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग संघ के जिला अध्यक्ष सह सीटू के वरीय नेता डॉ राधेश्याम चौधरी ने कहा कि पूजा हत्याकांड की गुत्थी सीबीआइ सुलझा सकती है। इसके लिए राज्य सरकार को अविलंब सीबीआइ जांच की अनुशंसा कर देनी चाहिए। डॉ चौधरी ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र भी लिखा है। इसमें  सीबीआइ जांच की मांग की गई है। कहा कि सरकार किसी की हो, राज्य में ऐसी वारदात को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। डॉ चौधरी ने यह भी कहा कि झारखंड में इस तरह की घटनाएं शासन एवं प्रशासनिक विभाग को झकझोर कर रख दिया है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

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