लद्दाख में सैनिकों के लिए अमेरिका और यूरोप से हुई जरूरी सामानों की तत्काल खरीद

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद बना हुआ है. वहीं भारत ने चीन के साथ सैन्य झगड़े के बीच ज्यादा सर्दियों में लद्दाख में बढ़ी सैन्य टुकड़ी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अमेरिका से अतिरिक्त ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए सर्दियों के कपड़ों की तत्काल खरीदारी की है.

इनको भारत और अमेरिका के बीच लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेंडम समझौते (LEMOA) के तहत खरीदा गया है, जो दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच लॉजिस्टिकल सपोर्ट, आपूर्ति और सेवाओं की सुविधा प्रदान करता है. इनमें कपड़े, भोजन, ल्यूब्रिकेंट्स, स्पेयर पार्ट्स, चिकित्सा सेवाएं और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं.

सूत्रों ने कहा कि आवश्यकताओं को तत्काल पूरा करने के लिए यूरोपीय देशों से भी आपातकालीन खरीद की गई है. राशन, सर्दियों के कपड़े, उच्च ऊंचाई वाले टेंट, ईंधन जैसी सभी आवश्यक वस्तुओं की भारतीय बलों के जरिए की गई यह भारी स्टॉकिंग का हिस्सा है. जिससे सर्दियों में लद्दाख में सेना पूरी तैयार रह सके.

वहीं भारतीय वायु सेना के परिवहन विमान जरूरी आपूर्ति के लिए लेह एयरबेस पर लगातार उड़ान भर रहे हैं. भारतीय वायु सेना पूरे जोश में है. लड़ाकू जेट भी अक्सर उड़ान भरते हुए दिखाई देते हैं. चूंकि सामग्री को सी17 ग्लोब मास्टर जैसे परिवहन विमान के जरिए लाया जाता है, इसलिए इसे अनलोड किया जाता है और चिनूक भारी लिफ्ट हेलिकॉप्टर में आगे के स्थानों पर भेजा जाता है.

तंबू भी भेजे

इसके अलावा माइनस 50 डिग्री तक तापमान को झेलने वाले तंबू भी आगे के क्षेत्रों में तैनात सैनिकों को भेजे जाने वाले सामग्री में शामिल हैं. भोजन और अन्य आवश्यक चीजों को अच्छी तरह से स्टॉक करने के लिए लगभग हर रोज बड़े सैन्य काफिले में सामग्री के ट्रक लोड को आगे के क्षेत्रों में भेजा गया है.

इससे पहले संसद में पेश एक रिपोर्ट में कैग (CAG) ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैनिकों के लिए सर्दियों में जरूरी चीजों की कमी को उठाया था. बता दें कि पिछले पांच महीने से चीन के साथ जारी गतिरोध का हल खोजने के लिए कोर कमांडर स्तर पर सात दौर की सैन्य वार्ता हुई है. हालांकि गतिरोध जारी है. 


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