बिहार : रालोसपा के घोषणापत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर

 पटना (एजेंसी)ः बिहार में चुनावी घमासान चरम पर है. चुनावी मैदान में उतरे राजनीतिक दलों और नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. शनिवार को राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) ने बिहार चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है. इसमें रालोसपा ने गरीब घर के बच्चों के लिए नवोदय विद्यालय की तर्ज पर बिहार में पांच नये विद्यालय खोलने, बाढ़ के स्थायी समाधान, पटना का नाम बदलकर पाटलिपुत्र करने, बिहार में स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय और अपराधियों पर अंकुश लगाने सहित 25 वादों का एक वचन पत्र जारी किया है.

रालोसपा के घोषणापत्र में पार्टी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिचाईं, कार्रवाई और सुनवाई को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने, नौजवानों को रोजगार, विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा, किसानों को अच्छी आमदनी और खुशहाली, शोषित, वंचित और पीड़ितों को त्वरित सुनवाई और न्याय दिलाने का वादा किया है.

रालोसपा के घोषणा पत्र में मनरेगा की तर्ज पर स्वामी सहजानंद सरस्वती योजना बनाने, बिहार सरकार के खर्चे पर इसे लागू करने, छोटे उद्योगों की स्थापना, निवेशकों को आकर्षित करने के लिए योजना बनाने, इन्वेस्टमेंट के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाने, बिहार के उद्योगों से ही सरकार के सामान खरीदने, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, किसानों के लिए विशेष योजना चले, सब्सिडी पर बिजली देने, हर जिले में कोल्ड स्टोरेज बनाने, सुधा की तर्ज पर फल-सब्जी के लिए को-ऑपरेटिव बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ ही रोजगार को बढ़ावा देने का वादा किया गया है. 

उपेंद्र कुशवाहा ने घोषणापत्र जारी करने के दौरान कहा कि शिक्षा के बिना किसी का विकास नहीं हो सकता है. अमीर, गरीब, दलित और अति पिछड़ा सभी के बच्चों को शिक्षा चाहिए. सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में सुधार होगी तो ही गरीब का सपना डॉक्टर और इंजीनियर बनने का पूरा होगा. घोषणा पत्र में स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता दी गई है. उन्होंने कहा, प्रदेश में स्वास्थ्य की हालत निम्नतर है. 2000 की आबादी पर गांव और शहर के वार्ड क्लीनिक बनाएंगे. चमकी बुखार को रोकने के लिए अलग से काम करेंगे. सीमांचल के लिए सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल खोलेंगे.