Coronavirus का एक और लक्षण आया सामने, वैज्ञानिकों ने बताया


ब्रिटेन के मेडिकल साइंटिस्ट्स ने कोरोना वायरस के एक नए लक्षण की जानकारी दी है और अपील की है कि नेशनल हेल्थ सर्विस इसे कोरोना के आधिकारिक लक्षणों की सूची में शामिल करे. वैज्ञानिकों का कहना है कि Skin Rashes कोरोना का एक लक्षण हो सकता है.

वैज्ञानिकों ने कोरोना के नए लक्षण को लेकर स्टडी की थी और पाया कि हर 11 में से एक कोरोना मरीज की स्किन पर रैशेज मौजूद होते हैं. रिसर्च की प्रमुख डॉ. मारियो फाल्ची कहती हैं कि कोरोना के मरीजों में कई हफ्ते तक स्किन रैश की समस्या रहती है.

किंग्स कॉलेज लंदन के साइंटिस्ट्स ने 20 हजार लोगों पर स्टडी की. इनमें वे लोग शामिल थे जिनमें या तो कोरोना की पुष्टि हो चुकी थी या जो कोरोना संक्रमण को लेकर काफी अधिक संदिग्ध माने जा रहे थे.

स्टडी के दौरान पता चला कि ब्रिटेन में कोरोना संक्रमित होने वाले 9 फीसदी लोगों में स्किन रैशेज देखने को मिल रहे हैं. जबकि 8 फीसदी लोगों में कोरोना के अन्य लक्षण के साथ-साथ स्किन रैश भी मिले.

फिलहाल ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस की आधिकारिक सूची में कोरोना के सिर्फ तीन लक्षण हैं. फीवर, लगातार कफ और गंध व स्वाद पहचानने की शक्ति में कमी. वहीं, भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट पर कोरोना के आम लक्षणों में फीवर, थकान और सूखा कफ की जानकारी दी गई है. इसके साथ कुछ मरीजों में सांस लेने की तकलीफ, शरीर में दर्द, नाक जमा होने, नाक बहने, गला खराब होने और डायरिया के लक्षण मिलने की बात भी कही गई है.

वहीं, WHO ने कोरोना के प्रमुख लक्षणों में फीवर, सूखा कफ और थकावट महसूस करने को शामिल किया है. अन्य लक्षणों में शरीर में दर्द, नाक जाम होने, सिर दर्द, कन्जंक्टिवाइटिस, गला खराब होने, डायरिया, गंध व स्वाद पहचानने की शक्ति में कमी, स्किन रैश, अंगुलियों के रंग बदलने को शामिल किया गया है.

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