एक हत्या का राज छिपाने के लिए नौ हत्याएं, हत्यारोपित गिरफ्तार


वरंगल (तेलंगाना) (हि.स.) : किसी ने सही कहा है कि पाप सिर चढ़कर बोलता है। एक हत्या को छुपाने के लिए एक व्यक्ति ने नौ लोगों की और हत्या कर दी। राज्य के वरंगल जिले के गीसुकोंडा मंडल के गोर्रेकुंटा गांव में एक कुएं से मिले नौ लोगों के शव इसी व्यक्ति की करतूत थी। इसी ने सभी को खाना में  नशीला पदार्थ खिलाकर सभी को बेसुध कर दिया और बाद में सभी को कुएं में फेंक दिया था।

नौ लोगों के शव मिलने की गुत्थी सुलझाने के बाद वरंगल पुलिस आयुक्त रविन्द्र ने सोमवार शाम को पत्रकारों के सामाने पूरी साजिश का खुलासा किया। पुलिस ने बिहार के प्रवासी मजदूर संजय कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान संजय ने सभी की हत्या करना स्वीकार किया है।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि इन नौ लोगों की हत्या के पीछे एक व्यक्ति संजय का ही हाथ है। इसी संजय ने एक महिला की हत्या छुपाने के लिये ही नौ लोगों की हत्या की थी। घटना की पृष्ठभूमि में आयुक्त ने बताया कि संजय कुमार यादव मृतक मकसूद आलम की पत्नी निशा आलम (45) की बहन रफ़ीक़ा के साथ वरंगल में रहता था और सभी कारखाने में मज़दूर थे। रफ़ीक़ा अपने पति से पांच साल पहले अलग हो चुकी और उसेके एक बेटी 15 साल की बेटी भी है। संजय रफीका को शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ रखता था। संजय रफीका की नाबालिग बेटी से भी छेड़छाड़ करता था। इस पर रफीका ने संजय को पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी थी। तब संजय ने रफीका से पीछा छुड़ाने का बहाना ढूंढने लगा। संजय ने रफीका को शादी करने के बहाने अपने घर वालों से मिलवाने के बहाने पश्चिम बंगाल चलने के लिये राजी कर लिया। मार्च 8 को दोनों वारंगल से कोलकता के लिये गरीब रथ एक्सप्रेस से रवाना हुये। पुलिस के अनुसार संजय ने अपनी रणनीति के अनुसार रात में रफीका को चाय में नींद की गोली डालकर बेहोश कर दिया और चलती ट्रेन में उसकी चुनरी से उसका गला घोंट कर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को रात के अंधेरे में तडेपल्लीगुडम और राजमुंद्री रेलवे स्टेशन के बीच फेंक दिया। पुलिस के अनुसार संजय राजमुंद्री रेल स्टेशन पर उतर गया और दो दिन के बाद वारंगल पहुंच गया। इधर रेलवे पुलिस ने रेलवे पटरी पर मिली अनजान शव के रूप में मामला दर्ज कर लिया था।

वारंगल में उसने मक़सूद के परिवार को बताया कि रफ़ीक़ा पश्चिम बंगाल में पहुंच गयी है और लॉकडाउन के बाद लौटकर आएगी। इस पर मकसूद आलम की पत्नी निशा आलम ने पूछताछ की ताे पता चला कि रफ़ीक़ा पश्चिम बंगाल में नहीं पहुंची। इस पर निशा ने संजय को पुलिस में मामला दर्ज करवाने धमकी दी। इस पर संजय का अपना भांडा फूटन के डर से इस परिवार को चुप करने का तरीका सोचने लगा। 20 मई को मकसूद के बेटे शाबाज आलम के बर्थडे पार्टी में उसे मौका मिल गया।

संजय ने खाना में नशे कर गोलियां मिला दीं और सबके बेहोश होते ही सभी को जिन्दा रहते कुएं में फेंक दिया। इस कांड उसने तीन निर्दोष भी मार दिये क्योंकि उसे शक था कि कहीं यह लोग उसकी पोल न खोल दें। पुलिस आयुक्त ने बताया कि कुएं से नौ शव मिलने की जांच के लिए छह विशेष टीम घटित की थी। हैदराबाद पुलिस से भी कुछ सुराग मिले थे। टीम ने घटना से 72 घंटे में मामले को सुलझा लिया।

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