आचार संहिता पर राजनीतिक दलों और मंत्रियों के लिए चुनाव आयोग की सख्त गाइडलाइन


कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही रविवार शाम से राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इस बीच सोमवार रात चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक दलों, मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार, कोई भी राजनीतिक दल चुनाव प्रचार के लिए सरकारी भवन, सरकारी वाहनों या सरकारी संसाधनों का उपयोग नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही सरकारी धन से किसी प्रकार का विज्ञापन जारी करने पर भी रोक लगा दी गई है।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी मंत्री अपने सरकारी काम और चुनाव प्रचार को एक साथ नहीं मिला सकता। चुनाव प्रचार के लिए मंत्री सरकारी वाहन, सरकारी सुरक्षा या अन्य सरकारी सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

हर चुनाव में इस प्रकार के नियम जारी किए जाते हैं, लेकिन इनके उल्लंघन की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इस बार आयोग ने राजनीतिक दलों और मंत्रियों को नियमों का सख्ती से पालन करने की विशेष चेतावनी दी है।

अगर कहीं आचार संहिता का उल्लंघन होता है तो राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम नागरिक भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए सी-विजिल मोबाइल अनुप्रयोग और चुनाव आयोग के कॉल सेंटर 1950 पर किसी भी समय शिकायत की जा सकती है।

नियमों के पालन की निगरानी के लिए चुनाव आयोग ने चुनावी राज्यों में पांच हजार 173 फ्लाइंग स्क्वॉड और पांच हजार 200 स्टैटिक सर्विलांस टीम तैनात की हैं। इन टीमों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी शिकायत पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आयोग ने राजनीतिक दलों से कहा है कि किसी भी रैली या सभा से पहले पुलिस को सूचना देना अनिवार्य होगा ताकि सुरक्षा और यातायात की उचित व्यवस्था की जा सके। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए भी अलग से अनुमति लेनी होगी।

यदि कोई राजनीतिक दल मैदान या हेलिपैड का उपयोग करना चाहता है तो वह चुनाव आयोग के ईसीआईनेट पोर्टल के सुविधा पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकता है। आवेदन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर मंजूर किए जाएंगे।

चुनाव आयोग ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देश दिया है कि वे पूरी निष्पक्षता के साथ आचार संहिता लागू करें और सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात की स्थिति में संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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